ashok gehlot sachin pilot in pcc
ashok gehlot sachin pilot in pcc

लगातार खराब सियासी रिश्तों के बावजूद एकजुटता दिखाने के लिए गहलोत ने मीडिया को बनाया निशाना

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच खराब सिसासी रिश्तों का ठीकरा गहलोत ने मीडिया के माथे फोड़ दिया। गहलोत ने कहा कि मीडिया में आईं खबरों के चलते समझ में आ रहा है कि मीडिया भारी दबाव में है। डिप्टी सीएम पायलट माइक संभाला और बोला कि गहलोतजी मैं आपसे दूर नहीं हूं।

पायलट को इंगित करते हुए बुधवार को गहलोत ने कहा कि सूरतगढ़ में एसपीजी ने गहलोत को रोका, पायलट आए और फिर अंदर गए…ऐसी खबरें चली हैं। विधानसभा चुनाव से पहले और बाद में दोनों के बीच टकराव तथा गतिरोध की खबरें आर्इं, जबकि सबने देखा है कि हम साथ-साथ माटर साइकिल पर सथ चले और गाड़ी में बैठे, एकजुट होकर चुनाव लड़े।

इस दौरान पायलट ने माइक उठाकर बोला कि गहलोतजी मैं आसे दूर नहीं हूं। गहलोत और पायलट बुधवार को पीसीसी में पत्रकारों से बात कर रहे थे। इससे पहले पीसीसी में ही प्रदेश चुनाव समन्वय समिति की बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने आक्रामक प्रचार करने की रणनीति बनाई।

इस अवसर पर पायलट ने कहा कि भाजपा 10 सांसदों की टिकट काटेगी, फिर भी उनकी हार तय है। पायलट ने कहा कि गुजरात से कांग्रेस का चुनाव प्रचार का आगाज हो चुका है। केंद्र की नाकारा सरकार से छुटकारा पाने के लिए लोग लालायित हैं। सभी सीटों पर प्रत्याशी चयन को लेकर आम सहमति बन चुकी है।

पायलट ने कहा कि अच्छे, नए और जिताउ चेहरों को मौका दिया जाएगा। भाजपा ड़री हुई है। भाजपा के 10 सांसदों का टिकट काटने पर काम चल रहा है। अगर ये काम करते तो टिकट काटने की नौबत नहीं आती। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में भी ऐसे ही विधायकों के टिकट काटे थे, लेकिन भाजपा की प्रदेश से विदाई हो गई।

गहलोत ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये देश में भावनात्मक मुद्दों की राजनीति कर रहे हैं। हमारी तैयारी चल रही है। प्रत्याशी चयन पर आम सहमति हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मीडिया दबाव में है। सीबीआई, ईडी समेत अन्य एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। सही विचारधारा को दिखाया नहीं जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह मुद्दों को भटकाकर चुनाव जीतना चाहते हैं।

सीएम ने कहा कि काठा की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती है। पिछले चुनाव मेंं मोदी लहर को स्वीकारते हुए गहलोत ने कहा िक पिछली बार जो माहौल बना, उसे स्वीकार किया गया है, लेकिन अब जनता 56 इंच के झांसे में आने वाली नहीं है। अब 56 इंच का सीना 30 इंच का है या उससे भी कम है।

आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले करीब तीन साल तक लगातार गहलोत ने मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी पर सियासी हमले किए थे। इसको लेकर लगातार कांग्रेस अध्यक्ष को भी सफाई देनी पड़ी थीं। दोनों के बीच मुख्यमंत्री बनने को लेकर भी दिल्ली तक खूब लॉबिंग की गई थी।

अधिक खबरों के लिए हमारी वेबसाइट www.nationaldunia.com पर विजिट करें। Facebook,Twitter पे फॉलो करें।