-सरकार के लिए सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण कार्य कानून व्यवस्था, अतिवृष्टि से पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द दिया जाये मुआवजा, प्रदेश में 40 सप्ताह में 40 साम्प्रदायिक घटनाऐं हुई घटित।

जयपुर।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार किसानों की कर्जमाफी का झूठा वादा करके सत्ता में आई है, वह आज अतिवृष्टि से किसानों की फसलों का जो नुकसान हुआ है उसके लिए किसी भी प्रकार की सुध नहीं ले रही है।

पूनियां ने कहा कि प्रदेश के हाडौती एवं उदयपुर सम्भाग में अतिवृष्टि एवं नुकसान के कारण 80-100 प्रतिशत फसल खराबें की मार किसानों को झेलनी पड़ रही है।

उनकी फसलें ही नहीं पशुधन व घरों को भी भारी नुकसान पहुँचा है। साथ ही जयपुर, अजमेर, श्रीगंगानगर सहित डेढ़ दर्जन जिलों में 50-60 प्रतिशत फसल खराबा हुआ है।

उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के बाद जिस तेज गति से गिरदावरी का कार्य पूर्ण होना चाहिये था, वह कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है।

राजनीतिक दबाव के कारण 33 प्रतिशत से भी कम गिरदावरी करने कार्य किया जा रहा है, जिसका नुकसान किसानों को होगा, उन्हें मुआवजा राशि नहीं मिल पायेगी।

पूनियां ने कहा कि कांग्रेस सरकार किसानों के प्रति संवेदनहीनता के चलते 15 अक्टूबर तक जो तय समय सीमा है उसमें गिरदावरी का कार्य पूर्ण नहीं हो पाने के कारण सरकार किसानों के साथ ऋणमाफी के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा छलावा करने जा रही है।

पूनियां ने कहा कि कोटा सम्भाग में अतिवृष्टि के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हवाई दौरे से अतिवृष्टि का जायजा लिया, वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने नाव द्वारा अतिवृष्टि का जायजा लिया एवं अतिवृष्टि से पीड़ितों से व्यक्तिगत रूप से मिलें।

पूनियां ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने फसल खराबे को लेकर ड्रोन के माध्यम से गिरदावरी पूर्ण करने की घोषणा की है, जो कि किसानों की इस पीड़ा को दूर करने में तुरन्त राहत पहुँचायेगी।

केन्द्र की सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है, जबकि प्रदेश की गहलोत सरकार किसानों के प्रति संवेदनहीन है।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती किसानों की टिड्डी दल के कारण हुए फसल खराबें का आंकलन करने में देरी की जा रही है।

पूनियां ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री गृहमंत्री भी है। गृहमंत्री को पूर्णकालिक होकर कार्य करना पड़ता है।

किन्तु उनका आधे से ज्यादा समय दिल्ली में ही व्यतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधी बेखौफ है, जनता भयभीत है।

पत्रकारों द्वारा मालपुरा में हुए साम्प्रदायिक तनाव पर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में जब-जब कांग्रेस की सत्ता में रहती है, तब-तब उनकी तुष्टिकरण की नीति के चलते बहुसंख्यक समाज को भयभीत करने का प्रयास किया जाता है।

आज राजस्थान में 40 सप्ताह के शासनकाल में 40 से अधिक साम्प्रदायिक घटनाऐं हो चुकी है। लेकिन सरकार की तुष्टिकरण की नीति के कारण समुदाय विशेष के हौंसले बुलंद हो गये है।

प्रदेश में दलितों एवं महिलाओं पर अपराधिक घटनाऐं लगातार बढ़ती जा रही है। अपराधियों के हौंसले बुलंद हो गये है।

हालात यह हो गये है कि पुलिस का ध्येय वाक्य ‘‘आमजन में विश्वास-अपराधियों में भय’’ होकर अब ‘‘आमजन में भय-अपराधियों में विश्वास’’ हो गया है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां के नेतृत्व में राज्यपाल से मिला प्रतिनिधिमण्डल

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां के नेतृत्व में आज भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमण्डल राज्यपाल से मिला और उनसे ज्ञापन देकर मांग की कि राजस्थान के डेढ़ दर्जन से ज्यादा जिलों में अतिवृष्टि एवं टिड्डी दल के कारण किसानों की 80-100 प्रतिशत तक फसलें खराब हो गई है।

जिसके कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है और राज्य सरकार की लापरवाही के कारण अभी तक खराबें का आंकलन नहीं किया गया है, जिसके कारण किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है।

प्रदेश में अतिवृष्टि एवं टिड्डी दल से किसानों की खराब हुई फसलों का जल्द से जल्द गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिलवाने हेतु राज्यपाल को ज्ञापन दिया।

प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल से किसानों की बर्बाद हुई फसल की जल्द से जल्द गिरदावरी करवा उन्हें उचित मुआवजा दिलवाने की मांग की।

प्रतिनिधिमण्डल में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, सांसद भागीरथ चौधरी, किरोड़ी लाल मीणा, विधायक निर्मल कुमावत, नरपतसिंह राजवी, रामलाल शर्मा, पूर्व सांसद ओंकार सिंह लखावत, प्रदेश उपाध्यक्ष डाॅ. अलका गुर्जर, राजेन्द्र गहलोत, शैलाराम सारण, ओमप्रकाश यादव मौजूद रहें।