जयपुर।

साल 2011 में शुरू की गई मुख्यमंत्री मुफ्त दवा योजना व निशुल्क जांच योजना को एक बार फिर पूरी ताकत से लागू करने की शुरुआत कर दी गई है। यह काम उसी अफसर ने संभाला है, जिसने इसको शुरू किया था।

नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक डॉ. समित शर्मा ने पद संभालते ही इसको लेकर बड़े पैमाने पर प्रयास को अमलीजामा पहना दिया है। पहले दिन वीसी और अगले ही दिन सुबह सघन अभियान शुरू कर दिए।

21 दिसंबर को नियुक्त एमडी ने राजस्थान के सभी सयुंक्त निदेशक, सीएमएचओ, पीएमओ, डीपीसी और बीसीएमओ को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए हैं कि शनिवार से ही सभी काम करना शुरू कर दें। इससे स्पष्ट है कि एनएचएम निदेशक इस मामले में कोई कोताही नहीं बरतना चाहते हैं।

डॉ. शर्मा ने निःशुल्क दवा और जांच को न केवल राज्य में बड़े पैमाने पर लागू किया था, बल्कि सफल बनाकर खूब वाहवाही लूटी थी। पूरे देश में इस योजना को लेकर काफी सराहना की गई थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद ठंडे बस्ते में चली गई थी।

  1. सभी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र समय पर खुलें व स्टाफ निर्धारित गणवेश व पहचान पत्र के साथ पूरे समय उपस्थित रहे।

  2. साथ ही सभी जगह बॉयोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करें।

  3. किसी भी कार्यालय में अधिकारियों, कर्मचारियों के किसी भी विभागीय कार्य के लिए यदि लिपिक मना करें। पैसे की मांग करें तो अपने अधिकारी के मार्फ़त पत्र लिखे या मेसेज करें, अब यह बर्दाश्त नही होगा।

  4. सभी चिकित्सा संस्थाओं में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में स्वीकृत दवाओं की उपलब्धता 100% सुनिश्चित करें।

  5. E औषधि में शत-प्रतिशत पर्चियों की एंट्री हो।

  6. mnjy में निर्धारित सभी तरह की जांच करना सुनिश्चित करें।

  7. कोई भी अधिकारी-कर्मचारी बिना स्वीकृति के छुट्टी पर नहीं जाएगा।

  8. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  9. जीरो डिलीवरी वाली PHC/CHC में सुधार न होने पर स्टाफ के खिलाफ चार्जशीट जारी की जाएगी।

  10. जिन चिकित्सा संस्थाओं में साफ-सफाई नही पाई गईं उनके प्रभारी के खिलाफ कारवाई की जाएगी।

  11. चिकित्सीय सेवाओं दवा और जांचों की उपलब्धता सुनिष्चित करने के लिए कल से सघन निरीक्षण अभियान शुरू होगा।