पीर पंजाल ब्रिगेड और स्पार्क मिंडा फाउंडेशन ने बारामूला में नि:शुल्क आर्टिफिशियल लिम फिटमेंट शिविर का आयोजन किया

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—8 दिवसीय शिविर ने बारामूला जिले में दिव्यांगों को प्रदान किए गए 300 फिटमेंट

बारामूला। पीर पंजाल ब्रिगेड और स्पार्क मिंडा, अशोक मिंडा समूह ने सामाजिक उत्थान की दिशा में अपने निरंतर प्रयासों की कड़ी में यूथ सेंटर, बोनियार, बारामूला में एक आठ दिवसीय आर्टिफिशियल लिम फिटमेंट कैम्प का आयोजन किया।

भारतीय सेना की ओर से स्पार्क मिंडा फाउंडेशन के सहयोग से ‘सद्भावना कार्यक्रम’ के तहत शिविर की स्थापना की गई थी, जिसमें 16 सितंबर से 22 सितंबर, 2018 के बीच दिव्यांग लोगों को 300 से अधिक फिटमेंट दिए गए।

शिविर में कृत्रिम अंग लगाने के लिए शुरू से अंत तक का पूरा समर्थन दिया गया, कैलिपर फिटनेस, वॉकर, एल्बो क्रंच और अन्य सहायक उपकरणों को आवश्यता के अनुसार बिलकुल मुफ्त उसी दिन उपलब्ध करवाया गया।

दिव्यांग लोगों की मदद करने के लिए यह गतिविधि, स्पार्क मिंडा, अशोक मिंडा ग्रुप की एक प्रमुख कंपनी मिंडा कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएसईः एमआईएनडीएसीओआरपी, बीएसईः 538962) की सीएसआर पहल ‘सक्षम’ के तहत आयोजित की गई थी।

सक्षम के तहत ग्रुप का लक्ष्य सुलभ और सहायक प्रौद्योगिकियों को प्रदान करना, ओजेटी (ऑन द जॉब ट्रेनिंग) के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना, समावेशी कार्यस्थल और एर्गोनॉमिक्स बनाना, उन्हें 5एस और जीवन कौशल के लिए प्रशिक्षित करना, पीडब्ल्यूडी (विकलांग व्यक्तियों) को रोजगार देना आदि है।

ग्रुप पहले से ही भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम में कृत्रिम अंग लगाने वाले शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन करता आ रहा है, जिससे 3725 लोग लाभान्वित हुए हैं।

वर्ष 2017 में नोएडा (यूपी) में आयोजित हुए स्पार्क मिंडा कृत्रिम अंग लगाने संबंधी शिविर में बांदी (जम्मू-कश्मीर) से शारीरिक अक्षमता वाले सात व्यक्ति आए थे।

इससे प्रेरित होकर घाटी में जरूरतमंद लोगों की संख्या पर विचार करते हुए स्पार्क मिंडा फाउंडेशन ने बोनियार/रामपुर, जिला-बारामूला में एक शिविर स्थापित करने का विचार किया।

स्पार्क मिंडा फाउंडेशन के चार सदस्यों और जयपुर फुट के नौ सदस्यों ने स्पार्क मिंडा फाउंडेशन के सीएसआर हेड प्रवीण कर्ण के नेतृत्व में इस शिविर का आयोजन किया।

डैगर डिवीजन में जनरल ऑफिसर कमांडिंग और युद्ध सेवा मैडल व सेना मैडल विजेता जनरल गुलाब सिंह रावत ने समारोह में बोलते हुए कहा, ‘हमें इस शिविर का आयोजन करते हुए बहुत प्रसन्नता हुई है, जिसका उद्देश्य लोगों का शारीरिक और सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास करना है।

विशेष रूप से वंचित विकलांगता वर्ग का ताकि वे गरिमा का जीवन जी सकें और अपने समुदाय के एक उत्पादक और जरूरी सदस्य के रूप में अपनी भूमिका का निर्वाह कर सकें। हथलांग, गगर हिल, पारो, चारुंडा, उरी, तंगधार, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, टिथवाल, हंडवाड़ा, पटन, गुलमर्ग और सीमावर्ती इलाकों के कई अन्य दूरस्थ गांवों के लोग इस शिविर से लाभान्वित हुए हैं।

शिविर के दौरान, लगभग 300 फिटमेंट प्रदान किए गए थे, मुझे यकीन है कि विकलांग व्यक्तियों को कार्यक्रम से बहुत फायदा हुआ होगा।’

स्पार्क मिंडा, अशोक मिंडा समूह के ग्रुप सीईओ अशोक मिंडा ने कहा, ‘लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से वाले इस काम में साथ देने के लिए हम पीर पंजाल ब्रिगेड के आभारी हैं।

एक संगठन के रूप में, हम दशकों से इस ओर काम कर रहे हैं और हम ऐसी पहलों की आवश्यकता और महत्व को समझते हैं जो विकलांग लोगों को नया जीवन देती है, जिससे उन्हें सम्मानित और पूर्ण जीवन जीने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।

हमें उम्मीद है कि हम भविष्य में पीर पंजाल ब्रिगेड के साथ ऐसी ही गतिविधियों पर और काम करेंगे।’ घाटी के स्थानीय निवासियों ने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए पीर पंजाल ब्रिगेड और स्पार्क मिंडा फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।