Jaipur

राजस्थान विश्वविद्यालय में सोमवार को एनएसयूआई के छात्रों ने विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार करीब 4 घंटे तक बंद रखा। विश्वविद्यालय के छात्र, प्रोफेसर और कर्मचारी परेशान होते रहे और पुलिस ने मोर्चा संभाले रखा।

जानकारी के मुताबिक पार्टी संघठन ने राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आरके कोठारी को भ्रष्टाचार के मामले पर घेरने के निर्देश दिए हैं।

संगठन के निर्देशों के बाद एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने कुलपति को हटाने के लिए विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर दिनभर जमकर हंगामा किया और नई लाइब्रेरी के निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कुलपति का इस्तीफा मांग लिया।

मामला यहीं नहीं रुका और विश्वविद्यालय गेट को बंद कर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कुलपति को चोर तक कह डाला। इस दौरान कुलपति और भाजपा के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने इस वर्ष के सबसे लंबे प्रदर्शन के दौरान कुलपति पर कई अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए करोड़ों का घोटाला करने की बात कही।

वहीं नई लाइब्रेरी में प्लास्टर उखड़ जाने और लाइब्रेरी के पार्किंग निर्माण को लेकर भी और कुलपति को भ्रष्टाचार के आरोपों में घेरे रखा।

बताया जा रहा है कि संगठन को ऊपरी निर्देश मिले थे, जिसके अनुसार आज छात्रों को दिनभर कुलपति प्रोफेसर आरके कोठारी का इस्तीफा लेने के लिए अड़े रहना है।

इसी को लेकर संगठन के कार्यकर्ता मुख्य द्वार पर 4 घंटे तक बैठे रहे और पुलिस के साथ ही विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर बोर्ड के सदस्य मूकदर्शक बनकर सारा तमाशा देखते रहे।

विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के द्वारा समझाइए की गई, इसके बावजूद छात्रों का हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था। ऐसे में विश्वविद्यालय के प्रोक्टर बोर्ड ने पुलिस को लिख कर दिया है कि प्रदर्शन करने वालों को बलपूर्वक हटा दिया जाए।

इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए 7 छात्रों को हिरासत में ले लिया और वहां प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया।

जिन छात्रों को पुलिस प्रशासन ने हिरासत में लिया है, उनमें मुकेश चौधरी समेत एनएसयूआई के आधा दर्जन छात्र नेता शामिल हैं। बताया जा रहा है कि देर शाम सभी छात्रों को रिहा कर दिया गया।