Jaipur

राजस्थान धीरे-धीरे रेपिस्तान बनता जा रहा है। अलवर में लोकसभा चुनाव के दौरान उठा गैंगरेप का मामला अभी खत्म हुआ भी नहीं है कि बीते 3 माह के दौरान 100 से अधिक गैंगरेप के मामले सामने आ चुके हैं।

रविवार को सामने आया कि बांसवाड़ा के सदर थाना क्षेत्र में स्थित माला बस्ती गांव में प्रभु नामक जिस युवक ने सुसाइड कर लिया था, उसकी जांच में सामने आया कि सुसाइड करने वाला प्रभु 26 दिन पहले हुई हैवानियत के कारण भारी तनाव में था। जिसके बाद उसने आत्महत्या की।

स्थानीय पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि 13 जुलाई 2019 की रात को आत्महत्या करने वाला प्रभु अपनी मोटरसाइकिल पर अविवाहित प्रेमिका को लेकर गांव आ रहा था।

किंतु बीच रास्ते में ही वहां घात लगाकर बैठे तीन जनों ने उन पर तलवार से हमला कर बेहोश कर दिया।

इसके बाद युवक की प्रेमिका को तीनों आरोपी उठा ले गए और दो अन्य साथियों को बुलाकर उसके साथ पूरी रात 11 बार गैंगरेप किया गया।

गैंगरेप के चलते पेट में डेढ़ माह का भी नष्ट हो गया। प्रभु को जब होश आया तो वह अपने समाज के डर के कारण और बदनामी के चलते फांसी लगाकर उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

स्थानीय पुलिस ने पड़ताल में पाया कि सुसाइड करने वाले प्रभु के मोबाइल के आधार पर पुलिस अस्पताल में भर्ती प्रभु की प्रेमिका तक पहुंची, तब सारी वारदात का खुलासा हुआ।

इस पर पुलिस ने जांच में सुनील चरपोटा, विकास, नरेश गुर्जर, विजय और जितेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने गुनाह कबूल कर लिया।

आरोपियों में से सुनील पर तो पहले भी चोरी करने समेत 7 केस दर्ज है। पुलिस ने उस पर ₹5000 का इनाम घोषित कर रखा था।

सभी आरोपियों ने महिला के साथ गैंगरेप करने के अलावा लूट करने और चोरी करने की का गुनाह भी कबूल कर लिया है।

इधर पीड़िता ने बताया कि उसका प्रेमी प्रभु उसको लेकर गांव जा रहा था, तभी रास्ते में शराब के नशे में तीन युवक जिनमें सुनील, विकास, और जितेंद्र थे, जिनके हाथों में तलवारें थी, उन्होंने लहराते हुए प्रभु पर हमला कर दिया।

इसके बाद वह बेहोश हो गया और तीनों बदमाशों ने ने पीड़िता को उठाकर अपने साथ ले गए। पीड़िता ने बताया कि पहले तो बदमाशों ने उसे उदपुरा आकर स्टैंड के पास सुनसान जगह पर ले जाकर सामूहिक गैंगरेप किया।

उसके बाद निचला घंटाला इलाके में ले गए और वहां पर दो अन्य साथियों नरेश और विजय को बुलाकर पांचों ने मिलकर सुबह 4:00 बजे तक शराब के नशे में पीड़िता के साथ 11 बार गैंगरेप किया।

गैंगरेप के बाद सभी बदमाश उसको छोड़ कर चले गए। दूसरी तरफ जब मूर्छित पड़े प्रभु को होश आया तो वह परिजनों को घटना की जानकारी दिए बिना ही पैदल चलकर बलिया गांव की और पेड़ पर जाकर फंदा लगा लिया।

आरोपितों से पूछताछ में सामने आया है कि सुनील और विकास घटना के दिन ही मोटरसाइकिल पर घूम रहे थे, वह विनोद के साथ मिलकर प्रतापपुर में से चुराई गई थी।

सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस के द्वारा पूछताछ की राय जा रही है। उनको मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।