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जयपुर।
नव निर्वाचित अशोक गहलोत सरकार की मंत्री ने विवादित बयान देकर बखेड़ा खड़ कर दिया है। वैसे तो लोकतंत्र में सबको समानता का अधिकार प्राप्‍त है।

लेकिन फिर भी केंद्र व राज्य सरकारों के मंत्रियों और सांसदों—विधायकों से उम्‍मीद की जाती है कि वो सभी के साथ समानता का व्‍यवहार करेंगे।

चाहे फिर वह किसी भी जाति, धर्म या संप्रदाय का क्यों न हो। लेकिन कुछ नेता संविधान को ताक में रखकर पहले ‘अपनी’ जाति का भला करने की सोच रखते हैं। एक विवादित बयान राजस्‍थान की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ममता भूपेश बैरवा ने दिया है।

सरकार के मंत्रियों के द्वारा विवादित बयान आने शुरू हो गए हैं। गहलोत सरकार एक जाति को लेकर विवादित बयानबाजी की है।

अलवर जिले के रैणी कस्बे में एक दिन पहले आयोजित बैरवा दिवस और प्रतिभा सम्मान समारोह में महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री ममता भूपेश बैरवा ने ऐसा विवादित बयान दिया है।

सभा को संबोधित मंत्री बैरवा ने कहा है कि ‘जहां भी आपको मेरी जरूरत होगी, मैं पीठ नहीं दिखाऊंगी। हमारा पहला काम हमारी जाति के लिए होगा, इसके बाद हमारे समाज के लिए, फिर सर्वसमाज के लिए होगा।’

सरकार की मंत्री के बयान पर विवाद भी शुरू हो गया है। बाद में उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति सम्मान से जिएं इसके लिए काम कर रही हैं।

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