एक साल: भाजपा अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने क्या किया, क्या पाया?

-भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां का एक साल का स्वर्णिम कार्यकाल, प्रदेश में पार्टी ने जनसेवा कार्यों से बनाया नया इतिहास

-जनहित के मुद्दों को मुखरता से उठाते हुये किसान, आमजन एवं कार्यकर्ताओं के चहेते बनते जा रहे डॉ. सतीश पूनियां

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बने हुए आज सफलतम एक वर्ष पूर्ण हुआ। इस एक वर्ष में डॉ. पूनियां ने ना केवल पूरे राजस्थान भर में भाजपा के कार्यकर्ताओं का प्रभावी रूप से नेतृत्व किया, बल्कि उनके नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोरोनाकाल में खूब सेवा कार्य किये, जमीन से लेकर विधानसभा तक कांग्रेस सरकार को घेर कर प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाई।


भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर अपने एक साल के स्वर्णिम कार्यकाल में मात्र 6 माह में राजस्थान के लगभग सभी जिलों का दौरा, जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने का जज़्बा, कोरोना काल के संकट में कार्यकर्ताओं को सेवा के लिए प्रेरित करने की खूबी, प्रदेश कांग्रेस सरकार की आपसी लड़ाई के कारण गौण हुए जनहित के मुद्दों पर सरकार का ध्यानाकर्षण करवाकर डॉ. सतीश पूनियां ने एक इतिहास रचा है।

कार्यकर्ताओं को पूरा मान-सम्मान देने वाले डॉ. पूनियां के प्रदेश अध्यक्ष की पारी शानदार आगाज है, जिसमें बूथों एवं मंडलों पर पार्टी को मजबूत करने के लिये विशेष ध्यान देकर कार्य किये जा रहे हैं।
डॉ. सतीश पूनियां को को पार्टी पदाधिकारियों, केन्द्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जिलाध्यक्षों एवं कार्यकर्ताओं ने फोन एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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उल्लेखनीय है कि डॉ. पूनियां पिछले कई दिनों से स्वास्थ्य कारणों से घर में आइसोलेट हैं, जहां से वे वर्चुअल माध्यम से पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से प्रदेशभर में पार्टी के कार्यक्रमों को लेकर समय-समय पर संवाद कर रहे हैं।


डॉ. सतीश पूनियां की सबसे बड़ी पूंजी है राजस्थान के असंख्य लोग एवं कार्यकर्ता, जो उनसे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर आत्मीयता के साथ जुड़े हुये हैं। प्रदेश के कार्यकर्ताओं एवं आमजन में ‘भाईसाहब’ के नाम से लोकप्रिय डॉ. पूनियां यह बात कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से संवाद के दौरान कह चुके हैं कि, मैंने जीवन में जो बड़ी पूंजी कमाई है, वो आप सब लोग हैं, असंख्य लोग मुझसे जुड़े हुये हैं, आप सब मेरी ताकत हैं, मेरी ऊर्जा हैं।


मिलनसार एवं शालीन व्यक्तित्व के धनी डॉ. पूनियां जमीन से जुड़कर जनहित के जमीनी मुद्दों पर पिछले करीब 40 वर्षों से पार्टी के विभिन्न संगठनों में सक्रिय होकर कार्य कर रहे हैं। मिलनसार व्यक्तित्व के कारण ही प्रदेश के विभिन्न जिलों के काफी संख्या में लोगों और कार्यकर्ताओं को डॉ. पूनियां नाम से जानते हैं और चेहरों से तो लाखों लोगों को पहचानते हैं।

भारी जनसैलाब की मौजूदगी में पिछले साल अक्टूबर में विजयादशमी के दिन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का पदभार संभालने से लेकर अब तक संघनिष्ठ डॉ. सतीश पूनियां की संगठन पर पकड़ काफी मजबूत होती जा रही है, और प्रदेश के आमजन एवं युवाओं में लोकप्रियता का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है।

जिसकी वजह शुरुआत से ही जनसुनवाई, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से निरंतर संवाद, कोरोना काल में वीडियो कांफ्रेंस एवं ऑडियो काफ्रेंस से भी बराबर संवाद रखा और अब सरकार की कोविड गाइडलाइन की पालना करते हुये आमजन, कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से सीधे संपर्क में रहते हैं।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के करीबी एवं विश्वस्त माने जाने डॉ. पूनियां के पदभार ग्रहण समारोह में भी खासियत यह रही कि केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, केन्द्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धन राठौड़, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, सहित विभिन्न सांसद, विधायक, पार्टी पदाधिकारी एवं हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद लॉकडाउन से पहले डॉ. सतीश पूनियां प्रदेश के करीब 32 जिलों एवं 140 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों का का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से सीधा संवाद कर चुके हैं।

इस दौरान डॉ. पूनियां ने विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत पार्टी की मजबूती के लिये कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और कोरोनाकाल में भी मनोबल बढ़ाने का कार्य किया।


केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के करीबी माने वाले डॉ. सतीश पूनियां कांग्रेस सरकार एवं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कठघरे में खड़ा करने में ट्विटर, फेसबुक पर सक्रिय रहने के साथ ही जमीन पर मुद्दों को उठाने में आगे रहते हैं।

कोटा के सरकार अस्पताल में 100 से अधिक नवजात बच्चों की मौत के मामले को जनवरी में कोटा के सरकार अस्पताल पहुंचकर चिकित्सिकों एवं अन्य स्टाफ से बात कर वहां की व्यवस्थाओं एवं अव्यवस्थाओं की जानकारी ली।

साथ में मौजूद स्थानीय भाजपा विधायकों से अस्पताल की सुविधाओं के लिये 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा करवाई, इसके बार राज्य सरकार हरकत में आई और अस्पताल की सुध ली, फिर कई मंत्रियों को वहां भेजना पड़ा।

पार्टी पर अपनी जबरदस्त पकड़ बनाते हुए संगठन की रीति-नीति एवं विचार के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को तवज्जो देने वाले डॉ. पूनियां यह सब कार्य विरोधियों की आलोचना को नजरअंदाज करते हुए निडरता के साथ प्रदेशभर में पार्टी के लिये जमीनी पहुंच बढ़ा रहे हैं, यही बात उनको प्रदेश के अन्य बड़े नेताओं से अलग दिखाती है।

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विरोधियों की आलोचनाओं की परवाह ना करते हुये संगठन में नियुक्तियों को अंजाम दे रहे हैं। प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर जिला अध्यक्षों में संघ पृष्ठभूमि एवं संगठन के प्रति समर्पित लोगों को ज्यादा तवज्जो दी गई है।


कांग्रेस सरकार के खिलाफ डॉ. पूनियां ने पूरी पार्टी को एकजुट कर रणनीति बनाकर भाजपा का हल्ला बोल, गहलोत सरकार होश में आओ, कब होगा न्याय, ये जनआंदोलन सोशल मीडिया से लेकर जमीन पर मजबूती से 28 अगस्त, 29 अगस्त और 31 अगस्त को उठाये गये, जिसे प्रदेश के लगभग 1660 स्थानों पर लाखों कार्यकर्ताओं एवं आमजन का समर्थन मिला।

इसमें पार्टी के सांसदों, विधायकों, जिला अध्यक्षों की भी सक्रिय भागीदारी रही। भाजपा के इस आंदोलन में बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने, फ्यूल सरचार्ज एवं स्थायी शुल्क हटाने, वीसीआर के नाम पर किसानों को प्रताड़ित ना करने, सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी, लम्बित भर्तियों को पूरी करने सहित विभिन्न जनहित के मुद्दे शामिल हैं, जिसके लिये 8 एवं 10 सितंबर को उपखण्ड एवं जिला स्तरों पर ज्ञापन दिये गये।


वहीं, महीनेभर से अधिक समय पर चले गहलोत-पायलट विवाद के दौरान गहलोत सरकार की बाड़ाबंदी के खिलाफा डॉ. पूनियां ने फ्रंट पर बल्लेबाजी करते हुये कोराना कुप्रबंधन, युवा, किसानों सहित प्रदेश के हर जनहित के मुद्दे पर मोर्चा खोला।

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जिससे पार्टी कार्यकर्ता एवं आमजन इनके और कायल हो गये, सदन में भी कांग्रेस सरकार के खिलाफ हल्ला बोल करते हुये जनहित के मुद्दों को मुखरता से उठाया।

इससे केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को तथ्यों के साथ बताते हुये राज्य सरकार की विफलताओं पर बुलंद आवाज में उठाकर प्रदेशभर के जनमानस में चर्चाओं में आ गये।


कांग्रेस सरकार के खिलाफ़ जिस तरह बाडाबंदी के खिलाफ दमदार बैटिंग की उससे पूरे प्रदेश का कार्यकर्ता उनका कायल हो गया और तो और जो उनको जानते नहीं थे वो भी सदन में उनके द्वारा की गई कांग्रेस की जबरदस्त धुलाई से पहचाने लगे हैं।

कोरोनाकाल में भी जनहित के मुद्दों को मुखरता से उठाते हुये मुख्यमंत्री गहलोत को पत्र लिखा था, जिसका असर यह हुआ कि आमजन को तमाम राहतें मिलीं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नक्शेकदम पर चलकर डॉ. सतीश पूनियां रोजाना करीब 16-17 घंटे संगठन के कार्यों में समर्पित रहने के साथ ही कार्यकर्ताओं एवं आमजन से संवाद कर समस्याओं के समाधान करने के प्रति भी गंभीर करते हैं।

जब से डॉ. पूनियां अध्यक्ष बने हैं, पार्टी को मजबूत करने लिए ज्यादातर प्रदेश के दौरे पर रहते हैं, चाहे किसी जिले का बड़ा मुद्दा हो या पार्टी का कार्यक्रम, उनकी सक्रियता एवं मौजूदगी रहती है, इनकी सक्रियता, कार्यकर्ताओं एवं आमजन में बढ़ती लोकप्रियता विरोधियों को भी विस्मित करने वाली है।

जहां अधिकांश बड़े नेता प्रदेश के जनहित के मुद्दों पर ट्वीट और फोन करके वाही वाही लूटना चाहते हैं, ऐसे में कोरोना संक्रमण के दौरान भी लगातार जमीन पर भी बेखोफ होकर जनसेवा के लिये सक्रिय रहे।

व्यक्तित्व में हमेशा सक्रियता, शालीनता एवं जमीनी सोच रखने वाले डॉ. पूनियां 2 सितंबर को जोधपुर देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पार्टी के स्तंभ रहे राधाकिशन थानवी के देहांत होने पर शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने फलोदी पहुंचे, ओसियां किसान महापड़ाव में शहीद हुए छात्र नेता पुखराज डोगियाल को पुष्पांजलि अर्पित पैतृक गांव मांडियाई पहुंचे, जहां उनके परिजनों को पार्टी की तरफ से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई।

इससे पहले पिछले दिनों डॉ. पूनियां ने जोधपुर प्रवास के दौरान शेरगढ़ उपखण्ड के ‘‘चामू’’ गांव पहुँचकर 11 पाक विस्थापितों की दुखद मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए सभी दिव्य आत्माओं को प्रदेश भाजपा परिवार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की एवं प्रदेश भाजपा परिवार की ओर से आर्थिक अंशदान दिया और कहा कि आगे भी हमसे जो बन पड़ेगा हरसंभव मदद करेंगे।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के निर्देशानुसार एवं आह्वान पर कोरोना काल में डॉ. सतीश पूनियां के नेतृत्व में पार्टी ने प्रदेशभर में किये गये जनसेवा के कार्यों से विशेष छाप छोड़ी।

जुलाई में विभिन्न भाजपा राज्य ईकाइयों के सेवा ही संगठन प्रजेंटेशन के दौरान डॉ. पूनियां ने राजस्थान भाजपा के जनसेवा के कार्यों का प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया, जिसके बार स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तारीफ करते हुये पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि भाजपा राजस्थान ईकाई के जनसेवा के कार्य, विभिन्न नवाचार अनुकरणीय एवं अनूठे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा डॉ. पूनियां के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा के कार्यों की प्रशंसा करना स्पष्ट संकेत देता है कि डॉ. पूनियां अपनी जनसेवा की कार्यशैली एवं सक्रियता से मोदी के भी चहेते बनते जा रहे हैं।


जेपी नड्‌डा भी डॉ. पूनियां की कार्यशैली एवं नेतृत्व की कई बार प्रशंसा कर पीठ थपथपा चुके हैं, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश भाजपा के कई कार्यक्रमों को संबोधित कर चुके जेपी नड्‌डा डॉ. पूनियां को कर्मशील एवं जुझारू प्रदेशाध्यक्ष कहकर उनको आशीर्वाद देते हैं।

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डॉ. पूनियां ने नेतृत्व में कोरोनाकाल में प्रदेशभर के सभी बूथों एवं मंडलों तक 600 से अधिक सहयोग किचन संचालित कर एक करोड़ 90 भोजन पैकेट का वितरण, भामाशाहों, पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के सहयोग से 60 लाख से अधिक राशन पैकेट वितरण, चरण पादुका अभियान, कार्यकर्ताओं, आमजन, भामाशाहों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से करीब 50 करोड़ रुपये पीएम केयर्स फंड में प्रदेश भाजपा ने मदद पहुंच पाई, जनसेवा कार्य में लाखों पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारियों, सांसदों एवं विधायकों का पूरा सहयोग रहा।

कोविड काल के दौरान प्रदेश के बच्चों की निशुल्क शिक्षा के लिये केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर आकाशवाणी एवं दूरदर्शन पर निशुल्क स्लॉट देने का आग्रह किया, जिसे स्वीकार कर छात्रों के हित में केन्द्र सरकार ने निर्णय लिया।


प्रदेश के हर जनहित के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार से दो-दो हाथ करने वाले डॉ. पूनियां ने कोटा के सरकारी अस्पताल में सैकड़ों नवजात की बच्चों की मौत के मामले को मुखरता से उठाया, सांभर झील में पक्षियों की मौत के मामले पर मुखर होकर बोले।

टिड्‌डी से प्रभावित एवं ओलावृष्टि से प्रभावित विभिन्न जिलों में ग्रामीण इलाकों का दौरा कर किसानों के लिये मुआवजे की मांग उठाई, शहीद सैनिकों के परिवारों को संबल देने पहुंचे।

विभिन्न जिलों के कॉलेजों में छात्रसंघ कार्यालयों के उदघाटन को लेकर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को परेशान करने के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर अड़चन पैदा करने की कोशिश तो डॉ. पूनियां एबीवीपी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने निडरता के साथ उनके बीच पहुंचकर छात्रसंघ कार्यालयों का उदघाटन किया।

जयपुर में सीएए के समर्थन में बड़ी रैली को सफल बनाया एवं जोधपुर में सीएए के समर्थन में अमित शाह के नेतृत्व में रैली को ऐतिहासिक बनाया।
कार्यशैली, लोकप्रियता, प्रतिबद्धता, सामाजिक सरोकार, जनता से जुड़ाव, जनहित के कार्य, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, प्रस्तुत विधेयक, बहस, विधानसभा में उपस्थिति, विधायक निधि के खर्च इत्यादि विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के आधार पर फेम इंडिया-एशिया पोस्ट 2020 के सर्वे में देशभर में असरदार एवं उम्दा 50 विधायकों में राजस्थान से एकमात्र विधायक डॉ. सतीश पूनियां को शामिल किया गया है।

वहीं, कई महीने पहले लंदन में भी प्रवासी राजस्थानियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुये डॉ. पूनियां ने शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, उद्योगों को लेकर राजस्थान के बारे में विकास का अपना विजन रखा, जिसे प्रवासियों ने सराहा और प्रदेश में भी उसकी चर्चा हुई थी।


बता दें कि पूर्व उपराष्ट्रपति एवं पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत का मार्गदर्शन, विशेष स्नेह भी डॉ. पूनियां को लंबे समय तक मिला।

राजगढ़ उपचुनाव में भैरोंसिंह ने डॉ. पूनियां के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित करते हुये कहा था कि, आज जो पूनियां का साथ देगा, वो भविष्य में फायदे में रहेगा, और जो साथ नहीं देगा, वो भविष्य में घाटे में रहेगा।

डॉ. पूनियां के उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य को लेकर भैरोंसिंह ने जो भविष्यवाणी की थी, जो सटीक निकलती जा रही है और डॉ. पूनियां सक्रियता से प्रदेश की राजनीति का प्रमुख चेहरा बन चुके हैं और पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व के चहेते बनते जा रहे हैं।