पिंकी चौधरी एक साल से भागने की फिराक में थी, लेकिन मौका ही नहीं मिला

बाड़मेर। जिले के समदड़ी पंचायत समिति के प्रधान पिंकी चौधरी पिछले एक साल से अपने आशिक अशोक चौधरी के साथ भागने की फिराक में थी, लेकिन उसको मौका ही नहीं मिल रहा था।

2015 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर महज 21 साल की उम्र में प्रधान बनने के बाद पिंकी चौधरी के दो बेटे हुए, जिनमें से एक बेटे का पीलिया के चलते निधन हो गया। पिंकी का पति अर्चन चौधरी हैदराबाद में बिजनेस करता था।

बताया जाता है कि अर्चन चौधरी का हैदराबाद में लॉकडाउन के दौरान कारोबार ठप हो गया और उसकी कंपनी बर्बाद हो गई है। जिसके बाद वह सूरत में आ गया और वहां पर छोटा-मोटा व्यवसाय करने लगा।

लगातार 1 साल से पिंकी चौधरी का पति हैदराबाद और सूरत में कारोबार के सिलसिले में बाड़मेर से बाहर ही रहा। इस दौरान पिंकी चौधरी अपने आशिक अशोक चौधरी के साथ भागने के तमाम बहाने ढूंढती रही।

आखिरकार पिंकी चौधरी को 20 अगस्त 2020 को पीहर जाने के बहाने प्रेमी अशोक चौधरी के साथ जोधपुर जाने का मौका मिल गया और वह यकायक गायब हो गई।

पुलिस के द्वारा मुकदमा दर्ज करने के बाद पिंकी चौधरी की तलाश शुरू हुई स्थानीय थाना अधिकारी ने अपने गुप्त सूत्रों के माध्यम से 25 अगस्त को पता लगाया कि पिंकी चौधरी पीहर है, किंतु वहां नहीं मिली और वहां से पता चला कि वह अशोक चौधरी के घर जोधपुर में है।

25 अगस्त को पुलिस ने पिंकी चौधरी को जोधपुर में अशोक चौधरी के घर से बरामद किया और वापस ले आई है। इसके बाद पिंकी ने बताया कि वह अपने आशिक के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही है और उसके साथ ही रहना चाहती है।

यह भी पढ़ें :  BJP में बगावत: राजवी को टिकट मिला तो नहीं जीतेंगे सीट

पिंकी चौधरी के द्वारा लिखित बयान देने के बाद पुलिस ने परिवारजनों को इस मामले में समझौता करने की सलाह दी। पिंकी के पीहर पक्ष व ससुराल पक्ष की ओर से सामाजिक रुप से समझौता कर तलाक किया गया।

उसके बाद पिंकी चौधरी ने अर्चन चौधरी को तलाक देकर प्रेमी अशोक चौधरी के साथ शादी कर ली। अब पूर्व प्रधान हो चुकी पिंकी चौधरी अपने नए पति अशोक चौधरी के साथ जोधपुर में रह रही है।

जानकारी में आया है कि पिंकी चौधरी और उसका पति अर्चन चौधरी पिछले एक साल से मुलाकात ही नहीं कर पाए। इस दौरान पिंकी केवल इस बात का इंतजार कर रही थी कि उसका प्रधान का कार्यकाल खत्म हो जाए और वह अपने मन मुताबिक कदम उठा सके।