पिंकी चौधरी के प्रधान बनने के बाद भी पति और ससुर के द्वारा उसके अधिकारों का हनन किया जाता रहा

बाड़मेर। यहां के समदड़ी पंचायत समिति की प्रधान, जो कि पिछले दिनों गायब हो जाने और उसके 5 दिन बाद जोधपुर से बरामद हुई थी, उस मामले में कई खुलासे हो रहे हैं।

प्रधान पिंकी चौधरी के द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक को की गई मेल में बताया गया है कि वो जब ठीक से सियासत को समझती भी नहीं थी, तब महज 21 साल की उम्र में प्रधान बन गई।

भाजपा के टिकट पर जीतने के बाद उसकी जबरदस्त पूछ बढ़ गई। पंचायत समिति ही नहीं, अपितु पूरे राज्य में उनका नाम हो गया और यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तक ने उनके साथ संवाद किया।

मेल में पिंकी चौधरी ने बताया कि उसके प्रधान बनने के बाद भले ही बाहरी तौर पर उनको प्रधान बताया गया हो, किन्तु हकीकत यह है थी कि उनके पास प्रधान के कोई अधिकार नहीं थे।

पिंकी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह हमेशा अधिकारों के लिए लड़ती रही। वापस आने के बाद पिंकी चौधरी ने यह भी बताया कि वह कहीं गायब नहीं हुई थी, बल्कि अपने प्रेमी के साथ गई थी।

पिंकी चौधरी के मुताबिक वह अपने प्रेमी संग लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी और जब 25 अगस्त को मिलने तक शादी नहीं की थी। उसके बाद पिंकी चौधरी और उसके प्रेमी अशोक चौधरी से पूछताछ की गई।

इसके बाद पिंकी को अपने पिता के घर चली गई। आज की बात की जाए तो पिंकी का अपने पति अर्चन चौधरी से सामाजिक समझौते के तहत तलाक हो गया है और उसके बाद उसने अपने प्रेमी के साथ कोर्ट में शादी कर ली है।

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मजेदार बात यह है कि पिंकी चौधरी ने जिस अपने प्रेमी अशोक चौधरी के साथ उसने शादी की है, वह पिंकी के गांव गोलिया का ही रहने वाला है और वह दो पत्नियों को छोड़ चुका है। पिंकी का पति अभी सूरत में कारोबार करता है।