लोक कल्याण के लिए ‘दानवीर’ बने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

-अपनी बचत और उपहारों की नीलामी से मिले 103 करोड़ रुपए किए दान-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोक कल्याण के उद्देश्य से विभिन्न माध्यमों से दिए गए दान की कुल राशि 103 करोड़ रुपए से अधिक हो चुकी हैं।

दान की गई रकम मोदी ने अपनी बचत और उन्हें मिले उपहारों की नीलामी से इकट्ठा की थी। यह बात अक्सर देखी गई है कि जब प्रधानमंत्री सार्वजनिक कारणों से दान करते हैं तो उनके दिल में एक उदारता होती है।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में पीएम केयर्स फंड के लिए 2.25 लाख रुपए दान किया था। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए मार्च में पीएम केयर्स की स्थापना की गई थी, तब पीएम मोदी ने शुरुआती फंड के तहत 2.25 लाख रुपए का योगदान दिया था।

31 मार्च, 2020 तक फंड में कुल 30,76,62,56,047 रुपए जमा हो गए थे। उनके द्वारा दिए गए दान की कुल राशि और उनके द्वारा प्राप्त उपहार की नीलामी से प्राप्त धनराशि 103 करोड़ रुपए से अधिक है।

मोदी ने अपनी बचत में से बालिकाओं की शिक्षा से लेकर गंगा की सफाई जैसे कार्यों के लिए दान दिया है। पिछले साल 2019 में कुंभ मेले में सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए बनाए गए कोष में प्रधानमंत्री ने अपनी निजी बचत में से 21 लाख रुपए दान दिए थे।

वहीं मोदी ने 2014 में गुजरात सरकार में कार्यरत एक कर्मचारी की बेटी की शादी के लिए भी अपनी निजी बचत में से 21 लाख रुपए दान किए थे।

दक्षिण कोरिया में 2019 में सियोल शांति पुरस्कार प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री ने पुरस्कार में मिली 1.30 करोड़ रुपए की पूरी राशि को नमामि गंगे परियोजना में दान दे दिया था। इस परियोजना का उद्देश्य गंगा की सफाई करना है।

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प्रधानमंत्री ने 2015 में उपहारों की नीलामी शुरू की थी, जिससे प्राप्त 8.35 करोड़ रुपए की राशि को भी नमामि गंगे परियोजना में दान दे दिया था।

मोदी ने मुख्यमंत्री के तौर पर मिले उपहारों की नीलामी से प्राप्त 89.96 करोड़ रुपए कन्या केलवणी कोष’ में दान दे दिए थे, जो कि बालिकाओं की शिक्षा के लिए शुरू की गई एक योजना है।

वहीं हाल ही में उन्होंने बतौर प्रधानमंत्री मिले तमाम मोमेंटोज की नीलामी कर 3.40 करोड़ उसे नमामी गंगे परियोजना मे दान कर दिया था।