33 C
Jaipur
रविवार, जुलाई 5, 2020

केंद्रीय वित्तराज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का “नेशनल दुनिया के साथ यह खास इंटरव्यू: पढ़िए ‘आत्मनिर्भर भरत’ को लेकर 8 तीखे सवाल और उनके जवाब

- Advertisement -
- Advertisement -

रामगोपाल जाट

आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा कई भूतपूर्व कदम उठाए गए हैं। इसके चलते आने वाले समय में भारत के आत्मनिर्भर बनने की पूरी संभावना है।

हाल ही में जब केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के द्वारा लगातार चार दिन तक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर करीब 21 लाख करोड़ पर के राहत पैकेज का ऐलान किया गया, तब से लोगों के जेहन में कई तरह के सवाल है।

“नेशनल दुनिया” ने केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर से इस बारे में बात करके आम जनता से जुड़े हुए सवालों के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई है। आइए आप भी केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के द्वारा बताई गई जानकारी का लाभ लीजिए-

सवाल: एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने राहत पैकेज जारी किया है, लेकिन असल बात यह है कि इसकी जानकारी ग्राउंड लेवल पर है ही नहीं। बैंकों के द्वारा भी केवल अपने जानकारों को ही जानकारी उपलब्ध करवाई जाती है, तो केंद्र सरकार इसके प्रचार-प्रसार के लिए क्या कुछ कर रही है?

ठाकुर: 3 लाख करोड़ रुपया 100% भारत सरकार की गारंटी पर, भारत के व्यवसायियों को एवं मध्यम, सूक्ष्म लघु कुटीर उद्योग वालों को बगैर किसी गारंटी के मिलेगा। यह उनकी 20% अतिरिक्त कार्यशील पूंजी उनको उपलब्ध करवाएंगे, एडिशनल वर्किंग कैपिटल।

एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ का पैकेज रखा गया है। इसका 4 साल का टेनोवार होगा, 4 साल का समय उनका और पहले 12 महीने किस्त देने की छूट होगी और इसकी जानकारी भी हमने मंगलवार को नोटिफिकेशन कर दी गई है और बुधवार से बैंकों ने लोन देने शुरू कर दी गई है।

इसकी और जानकारी देने के लिए सरकार ने सभी ब्रांच, पब्लिक सेक्टर बैंक की ब्रांच को बोला कि जानकारी अपने कार्य, अपने उपभोक्ताओं को मैसेज करके दें और भारत सरकार भी इसकी जानकारी अलग-अलग माध्यम से देगी।

सवाल: केंद्र सरकार के लिए किसानों की के लिए जो घोषणा की गई है, उसका लाभ वास्तविक किसान तक कैसे पहुंचे, इसके लिए केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

ठाकुर: देखिए वो ज़माने चले गए जब 100 रुपये ऊपर से भेजते थे और नीचे ₹15 पहुंचता था। आज ₹100 सीधा 100 रुपया खाते में जाता है, क्योंकि मोदीजी ने सभी के जनधन खाते खुलवाए, आधार कार्ड बनवाएं और अब सीधा बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करवाते हैं।

9 करोड़ किसानों के खाते में 18000 करोड़ रुपया इस महामारी के समय अप्रैल महीने में दे दिया गया। इसके अलावा ₹75000 करोड़ फसल खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में दिया।

86000 करोड रूपया कम दरों पर मार्च और अप्रैल महीने के दौरान किसानों को दिया गया, जो सवा 4 लाख करोड़ का कर्ज किसानों पर खड़ा था, उसकी जो ब्याज की किस्तें जानी थी, वह 6 महीने तक ब्याज के किस्तों को स्थगित करवा दिया, उसमें छूट दे दी है। इसके अलावा जो पशुपालक हैं, दूध उत्पादन करने वाले हैं, उनको 2% इंटरेस्ट सब्वेंशन देती छूट दे दी और समय पर अगर पेमेंट करते 2% की और छूट मिल जाएगी।

इसके अलावा जो किसान क्रेडिट कार्ड है, 25 लाख किसान क्रेडिट कार्ड वाले, उनको हमने 25000 करोड़ का प्रावधान कर दिया पिछले डेढ़ महीने में और अब हम एक विशेष मुहिम चलाने जा रहे हैं, जिसमें 2.5 करोड़ ने किसान क्रेडिट कार्ड बनाएंगे, जिसमें किसान, मछुआरे, पशुपालकों को जोड़ा जाएगा।

इसमें 2 लाख करोड़ रुपए सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। तो इसमें नीचे तक पहुंचे में कोई दिक्कत नहीं आएगी, क्योंकि नाबार्ड को अब 1.20 करोड़ देने को कहा गया है।

सवाल: देसी गाय, जिसकी इम्यूनिटी सर्वाधिक होती है, उसको बढ़ावा देने के लिए भी सरकार कोई काम कर रही है क्या? क्योंकि गाय के मुद्दे को लेकर भाजपा भी हमेशा आक्रामक रही है?

ठाकुर: ब्रीडिंग पर लगातार काम पशुपालन मंत्रालय कर रहा है और इसमें भी अच्छी नस्ल की गाय, जैसा आपने कहा ववो मिले कि लगातार इस पर काम चल रहा है।

और अब तो राज्य की सरकारें भी से बहुत ध्यान दे रही हैं, जो हिंदुस्तानी नस्ल की गाय हैं, इन इम्युनिटी लेवल जैसा आपने कहा वह अच्छा है और जिनकी और कई फायदे हैं, तो इनको ही बढ़ावा देने का काम लगातार चल रहा है।

इसके अलावा हमने लगभग 15000 करोड़ देशभर के ऐसे 53 करोड जानवरों को जिनको मुंहपका और खुरपका, जिनको मुंह और पांव की बीमारियां थीं, उसके टीकाकरण के लिए मंजूर किया है और पशुओं को लगाएंगे, उनको कोई दिक्कत ना आए।

सवाल: विदेशी आयात को रोककर सरकार कैसे किसानों को अपना उत्पाद बाजार के अनुकूल मॉडिफाई करने के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध करवाएगी?

ठाकुर: देखिए जैसे कोयले का इंपोर्ट कम करना है तो हमने खनन की मार्केट खोल दी कोयले की, अब ओपन मार्केट हो जाएगी कि कोई भी रेवेन्यू शेयरिंग पर खदान ले सकता है और खदान खोल सकता है। वो ओपन मार्केट में बेच सकता है। अब उसे स्टील प्लांट से बिजली का प्लांट लगाने की जरूरत नहीं है। इसे आयात कम होगा और यहां पर प्रोडक्शन होगी।

इसी तरह से हथियारों की इंपोर्ट कम करने के लिए हम लिस्ट ऑफ वेपनर के हत्यारों की सूची बनाएंगे, जो हिंदुस्तान में बनेगी, वह विदेश से नहीं लाए जाएंगे, इससे हिंदुस्तान में मिलेगा और विदेशी पूंजी निवेश बढ़ेगा, इससे विदेशी निवेश को भी बल मिलेगा, जैसे हमने परिभाषा बदल दी।

जो निवेश 25 लाख होता था, उसको हमने बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया है और टर्नओवर की सीमा भी 5 करोड़ कर दी। इनका आकार और व्यापार दोनों बढ़ेंगे और इससे देश को लाभ मिलेगा और रोजगार, स्वरोजगार के अवसर बनेंगे। इसी तरह से हमने स्पेस के सेक्टर को भी खुला है।

अब हिंदुस्तान से लोग ज्यादा सेटेलाइट छोड़ पाएंगे, सेटेलाइट के माध्यम से नॉर्थ ईस्ट में भी सिग्नल दे पाएंगे कई और शोध कर पाएंगे, जो पहले अक्षर नहीं तब मिलेंगे और इसका सभी लोगों ने बहुत इसका स्वागत किया, जो इसरो के पूर्व साइंटिस्ट भी थे, चेयरमैन भी थे, उन्होंने भी किया है।

सवाल: क्या सरकार की मंशा लघु एवं कुटीर उद्योग के साथ मजबूत भारत के निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए भी प्रयास करेगी?

ठाकुर: निश्चित तौर पर हमने 50 लाख रेहड़ी, थड़ी ठेला लगाने वालों को 10 हज़ार रुपये तक देने की निर्णय लिया है और इसी 50 लाख लोग जो स्वरोजगार के माध्यम से अपना परिवार का गुजारा करते हैं, इनको और बल मिलेगा और उसको कम दाम पर इनको दिया जा रहा है।

इसके अलावा मनरेगा को इस साल इतिहासिक बजट यूपीए की सरकार के मुकाबले तीन गुना से ज्यादा बजट कर दिया।

एक लाख एक हजार करोड़ पर का, इससे 300 करोड़ परसेंटेज, यानी कार्य के दिन और ज्यादा मिलेंगे और जो एक लाख करोड़ के हम कृषि ढांचे में खर्च करेंगे, उससे और रोजगार ग्रामीण क्षेत्रों में मिलेगा।

सवाल: शिक्षा में भारतीय शिक्षा पद्धति को विकसित करने के लिए सरकार के पास क्या कोई रोडमैप है?

ठाकुर: आने वाले दिनों में हम नई नीति घोषित करने वाले हैं, उसमें सारी जानकारी मिलेगी।

सवाल: कौशल विकास को लेकर सरकार पहले विफल साबित हुई है, क्या एमएसएमई के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की मंशा रखती है?

ठाकुर: देखिए आप यह नहीं कह सकते कि पिछले टाइम हम असफल हुए। यूपीए के टाइम पर उसमें बहुत सारे आरोप लगे।

कांग्रेस की सरकार के समय की पैसा लेकर चले गए लोग, लेकिन जैसे हम 2014 में सत्ता में हमने उसे पूरी तक दिल्ली नीति में बदलाव किए और आगे और करेंगे, क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी स्किल्ड मैनपावर अगर कोई देश बना सकता तो भारत है और हम उस दिशा में काम करेंगे।

सवाल: बीते 6 साल से डिजिटल नेक बात की जा रही है। क्या न्यूज़ पोर्टल के रजिस्ट्रेशन और उनको विज्ञापन देकर मीडिया के इस नए सर्व सुलभ माध्यम को बढ़ावा देने के लिए सरकार के पास कोई प्रस्ताव है?

ठाकुर: दो बातें हैं, एक तो संबंधित विभाग या मिनिस्ट्री बता पाएगा, लेकिन जैसे मैं अपने डिपार्टमेंट का कहूं कि पहले कंपनी रजिस्टर करवानी होती थी, डेढ़ महीने का समय लगता था। अब 1 दिन में कंपनी रजिस्टर्ड हो जाती है।

आप जिस चीज को रजिस्टर करा सकते हो, उसको 10 डिपार्टमेंट के साथ उसको जोड़ दिया जाता है, उसके लिए अलग से जानकारी मिलती है और एक राज्य की सरकार से भी कम से कम आपको जोड़ दिया था, जहां पर आपको सुविधा चाहिए, तो यह बदलाव, यह क्रांति डिजिटल इंडिया लेकर के आई है।

सवाल: विदेशी कंपनियों को रोकने के लिए स्थानीय कंपनियों को कैसे बढ़ावा दिया जाएगा?

ठाकुर: देखिए हमने कहा लोकल के लिए वोकल और लोकल से ग्लोबल, यानी कि अपनी स्थानीय कंपनियों को बल दो उनके प्रोडक्ट्स को और अच्छा करो और ग्लोबल वैल्यू चेन जो है जो ग्लोबल सप्लाई चेन जो है, उसमें हम हिस्सा अपना बड़ा करें कि भारत से निर्यात ज्यादा हो भारत के अंदर भी भारत के प्रोडक्ट की मांग ज्यादा बढ़े, उसके लोकल प्रोडक्ट्स पर बल दिया जाएगा और 200 करोड़ तक की टेंडर को कोई ग्लोबल कंपनी नहीं आएगी, ग्लोबल टेंडर नहीं होगा वो हिंदुस्तान में जो यहां की कंपनियों उनको उस में भागीदारी मिलेगी, इससे भी उनको आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

सवाल: क्या आने वाले समय में स्थिति नहीं सुधरी, तो क्या सरकार एक बार फिर से राहत पैकेज का ऐलान करेगी?

ठाकुर: देखिए हमने अभी भी कोई कसर नहीं छोड़ी। सबसे पहले प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज लेकर आए, जिसमें अन्न और धन देने के लिए एक लाख 70 हजार करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया।

उसके बाद आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए जो अपने संकल्प लिया तो बहुत सारी रिफॉर्म की। जिसमे 2020 वर्ष को के रिफॉर्म वर्ष के रूप में जाना जाएगा और इसके लगभग 21 लाख करोड़ का पैकेज है।

इसके माध्यम से सभी वर्गों को कवर करने का प्रयास किया है, लेकिन अगर फिर भी कोई रह गया होगा और किसी की जरूरत पड़ेगी तो यह कोशिश आगे भी जारी रहेगी, इसमें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

क्योंकि अभी तक हमने 41 करोड़ खातों में 52608 पर डाल दिया है, सीधा खातों में। जैसे 20.5 करोड खातों में जन धन खातों में 21 हज़ार करोड़ डाल दिया। 90000000 किसानों को 18000 करोड पर दे दिया। दो करोड 82 लाख वृद्ध, विधवा, दिव्यांगों के खाते में 2800 करोड़ डाल दिया।

गैस सिलेंडर के लिए 7 करोड़ उज्जवला सिलेंडर वालों के खाते में 9000 करोड़ की सब्सिडी डाल दी गई है। इपीएफ का खाता हजारों करोड़ के उनके लोगों के खातों में जमा करवाया।

इसके अलावा बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन फंड और डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फंड के माध्यम से हजारों रुपए दिए फिर सीधा सीधा लोगों के खाते में डाला है। इसमें हमने कोई कसर नहीं छोड़ी और ना ही आगे छोड़ेंगे।

- Advertisement -
केंद्रीय वित्तराज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का "नेशनल दुनिया के साथ यह खास इंटरव्यू: पढ़िए 'आत्मनिर्भर भरत' को लेकर 8 तीखे सवाल और उनके जवाब 3
Ram Gopal Jathttps://nationaldunia.com
नेशनल दुनिआ संपादक .

Latest news

एलजीबीटीक्यूआईए समुदाय को बॉलीवुड में नहीं मिल रहा पर्याप्त प्रतिनिधित्व

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। अक्षय कुमार लक्ष्मी बम में एक ट्रांसजेंडर की भूमिका निभाते नजर आएंगे। सोनम कपूर की पिछले साल आई फिल्म...
- Advertisement -

जब आमिर, शाहरुख के साथ काम करने से चूक गए थे सब्यसाची

मुंबई, 5 जुलाई (आईएएनएस)। बंगाली फिल्मों के प्रख्यात अभिनेता सब्यसाची चक्रवर्ती दिल से, परिणीता और खाकी जैसी बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुके हैं...

उप्र के 2 मंत्री कोरोना पॉजिटिव

लखनऊ, 5 जुलाई (आईएएनएस)। योगी आदित्यनाथ सरकार में दो वरिष्ठ मंत्रियों का कोरोनावायरस परीक्षण पॉजिटिव आया है। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप...

मौलवियों की आपत्ति के बाद लखनऊ में हटाया गया शाकाहारी बनें का होडिर्ंग

लखनऊ, 5 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी से पेटा की वह होडिर्ंग, जिसमें एक बकरी की तस्वीर के साथ लिखा था कि इनकी...

Related news

3 माह से वेतन नहीं, सैंकड़ों कर्मचारियों की कोरोनाकाल में भूखे मरने की नौबत आई

-वेतन नहीं मिला तो कर्मचारी पहुंचे न्यायालय की शरणजयपुर। कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी काम कर रहे...

थानाधिकारी सुसाइड मामले में आरोपित की गईं राजस्थान के एक विधायक को मुख्यमंत्री से भी बड़ी सुरक्षा प्रदान की गई है

जयपुर पिछले दिनों चूरू में सादुलपुर थाना अधिकारी विष्णु दत्त विश्नोई के सुसाइड मामले में विपक्षियों द्वारा जिस विधायक...

वसुंधरा से दूरियां, डॉ. सतीश पूनियां से नजदीकियां, आखिर क्या मंत्र है राठौड़ का?

जयपुर।राजस्थान विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष और पिछली वसुंधरा राजे सरकार में पंचायती राज मंत्री रहे चूरू के विधायक राजेंद्र सिंह राठौड़...

2 साल 2 माह के मुख्य सचिव डीबी गुप्ता को राजस्थान सरकार ने आधी रात क्यों हटाया?

जयपुर राजस्थान सरकार ने गुरुवार आधी रात राज्य की ब्यूरोक्रेसी में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के...
- Advertisement -