राष्ट्रवादी प्रखर वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने पाताललोक और अनुष्का शर्मा की उधेड़ी बखियां

    पाताललोक !!

    यह वेब सीरीज़ है या राष्ट्रवाद, सनातन को बदनाम करने और खुली गाली देने का षड्यंत्र ?

    फ़िल्म की प्रोड्यूसर अनुष्का शर्मा … और डायरेक्टर और पटकथा लेखक सुदीप शर्मा हैं…. लेकिन फ़िल्म का कंटेंट देखकर लगता है कि वेबसीरीज़ के असली फाइनेंसर शायद… दुबई या सऊदी अरब से हों….

    1.इस वेब सीरीज़ में एक ‘प्राइम टाइम पत्रकार’ की कुतिया का नाम सावित्री रखा गया है.


    2.अप्रत्यक्ष रूप से योगी आदित्यनाथ से मिलते जुलते पात्र पर प्रहार किए गए हैं, उन्हें किसी और पात्र के माध्यम से भगवा कपड़ों में छुआछूत करता दिखाया गया है.


    3.कोर्ट में यह सावित हो जाने के बाद भी कि जुनैद की हत्या ट्रेन की सीट के लिए एक झगड़े का परिणाम थी… उसमे गौमांस का एंगल डाल कर वेब सीरीज़ में लिंचिंग करार दिया जाता है.

    1. शुक्ला नामक ब्राह्मण पात्र… संसर्ग/सेक्स/बलात्कार करते वक्त कान पर जनेऊ चढ़ाता है.
    2. मन्दिर के पुजारी और महंत मन्दिर में मांस खाते हुए दिखाए गए हैं.
    3. हिन्दू महिला को जब मुस्लिम औरत पानी देती है…तो हिन्दू महिला पानी पीने से इनकार कर देती है.
    4. हिन्दू भगवान बने पात्र को अपमानजनक तरीके से गिरता हुआ दिखाया जाता है.
    5. सारे दुर्दान्त अपराधी, गुंडे… शुक्ला, त्रिवेदी, द्विवेदी और त्यागी दिखाए गए हैं.
    6. एक मुस्लिम करेक्टर इमरान रूपी है,जो निहायत टेलेंटेड हैं, पुलिस में सबइंस्पेक्टर हैं और आईएएस की तैयारी कर रहा है,हिन्दू उस पर छीटा-कशी करते हैं.
    7. आर्यावर्त नामक देश मे मोमिनों को पानी पीने तक की आज़ादी नहीं है,दिखाया गया है.
    8. साधु-संत … माँ-बहन की गलियां बकते दिखाए गए है… इस पाताललोक वेबसीरीज़ मे.
    9. मार काट के लिए गुंडे….’चित्रकूट’ से बुलाये जाते हैं.
    10. अप्रत्यक्ष रूप से वर्तमान सरकार को तानाशाही शासन बताया जाता है.
    11. अनेक बार भगवा कपड़ो में जयश्रीराम बोलते लोगों को गुंडागिर्दी करते दिखाया जाता है…
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    वेब सीरीज़ को सेंसर बोर्ड से भी पास नहीं कराना पड़ता है तो देशभक्त राष्ट्रवादियों को गालियां देती वेब सीरीज़ बनती रहेंगी !!

    नोट: सभी विचार लेखक के निजी हैं, जो उनकी फेसबुक वॉल से लिये गए हैं।