26 C
Jaipur
गुरूवार, जून 4, 2020

विचार: भारत की आत्मनिर्भरता का पैकेज

- Advertisement -
- Advertisement -

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्श ने अनुमान लगाया कि कोरोना के प्रकोप और लॉकडाउन की वजह से इस वित्त वर्ष यानी 2020 -21 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 5 प्रतिशत संकुचन होगा।

उसके बाद से ही एक बड़े आर्थिक पैकेज की आवश्यकता अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए हो रही थी। प्रधानमंत्री के उदबोधन के उपरांत यह तो स्पष्ट ही हो गया था कि जिस आर्थिक सहायता की आवश्यकता भारत की अर्थव्यवस्था को कोरोना संकट के बाद महसूस हुई उसे पूरा किया गया भारत की जी.डी.पी. के लगभग 10 प्रतिशत आकार यह पैकेज 20 लाख करोड़ का बताया गया।

वित्त मंत्री ने पहले चरण में 5.94 लाख करोड़, दूसरे चरण में 3.10 लाख करोड़ रूपए, तीसरे चरण में 1.5 लाख करोड़, चौथे एवं पांचवे चरण में 48,100 करोड़ के आर्थिक पैकेज के साथ अनेक वित्तीय पैकेज की घोषणा की गयी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आर्थिक पैकेज के बारे में अपनी पाँचवीं और अंतिम ब्रीफ़िंग में 20 लाख करोड़ रूपए का लेखा-जोखा देते हुए बताया कि किन-किन मदों पर कितनी राशि ख़र्च की जाएगी। कुल प्रोत्साहन राशि 20.97 लाख करोड़ बताई गई है।

वित्त मंत्री ने पहले चरण में 15 अलग अलग कदमों का उल्लेख किया, जिनमें से छह छोटे और मझौले उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र से संबंधित थे, दो भविष्य निधि से, दो एनबीएफसी से, एक बिजली वितरण कंपनियों से, एक विभिन प्रकार के ठेकेदारों से, एक रियल एस्टेट से और तीन टैक्स से जुड़े कदम थे।

एमएसएमई को कुल तीन लाख करोड़ रुपए के जमानत मुक्त लोन दिए जाएंगे, डूबते हुए ऐसे उद्योंगों को 20,000 करोड़ रुपए के विशेष लोन, अपना आकार बढ़ाने के इच्छुक उद्योगों को 50,000 करोड़ की आर्थिक मदद मिलेगी।

अधिकतर छोटे और मझौले उद्योग पैकेज का लाभ उठा पाएं, इस लिहाज से उनकी परिभाषा में संशोधन जैसी घोषणाएं की गईं।

भविष्य निधि में कंपनियों और कर्मचारियों के अनिवार्य योगदान को तीन महीनों के लिए 12 प्रतिशत से घटा कर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।

बिजली वितरण कंपनियों को 90,000 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दी जाने की बात कही गई । रियल एस्टेट परियोजनाओं को पंजीकरण और कम्पलीशन के लिए छह महीनों का अतिरिक्त समय मिलेगा।

सभी तरह के भुगतान में कटने वाले टीडीएस और टीसीएस की दरों में 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी । इससे कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले पेशेवर लोगों को फायदा मिलेगा।

वित्तमंत्री ने दूसरे चरण में लक्ष्य अटके हुए प्रवासी मज़दूरों को दो महीने तक निःशुल्क अनाज देने और किसानों को क़र्ज़ देने की घोषणाएँ शामिल थीं।

वित्त मंत्री ने तीसरे चरण में मुख्य लक्ष्य तौर पर खेती के बुनियादी ढाँचे को ठीक करने और खेती से जुड़े संबंधित क्षेत्रों के लिए ख़र्च किया जाएगा। उन्होंने इस पैकेज में 11 बड़े ऐलान किये।

इसमें 8 ऐलान किसानों, पशुपालकों, मछुआरों को खेती में बुनियादी ढ़ांचे के विकास से जुड़े थे जबकि सरकार ने तीन ऐलान कृषि क्षेत्र में आ रही कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए किये हैं ।

वित्त मंत्री ने चौथे चरण और पाँचवें चरण में संरचनात्मक सुधारों के लिए होने वाले ख़र्च का ब्यौरा दिया।

इनमें कोयला क्षेत्र, खनन, विमानन, अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर शिक्षा, रोज़गार, व्यवसायों की मदद और सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों के लिए सुधार के उपाय शामिल थे।

साथ ही राज्यों को अतिरिक्त मदद देने की भी घोषणा की गई । घोषणा में कहा गया कि स्वास्थ्य पर सार्वजनिक व्यय में वृद्धि की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों में निवेश बढ़ा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल या ऑनलाइन शिक्षा के लिए मल्टी-मोड एक्सेस का एक कार्यक्रम तुरंत शुरू किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, कक्षा 1 से 12 तक एक टीवी चैनल (एक वर्ग, एक चैनल) इस का हिस्सा होगा। उसने कहा: शीर्ष -100 विश्वविद्यालयों को 30 मई, 2020 तक स्वचालित रूप से ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति होगी।

भारत की अर्थव्यवस्था कोविड -19 के कारण आर्थिक मंदी की चपेट में आ गई है अतः इसे मंदी से उभारने के लिए उद्योग-धन्धों का महत्वपूर्ण भूमिका बन गई है क्योकि आर्थिक विकास सिद्धांतों यह निष्कर्ष निकलता है कि किसी भी देश के आर्थिक विकास में पूंजी निर्माण की भूमिका होती है एवं पूंजी निर्माण के लिए बचत की आवश्कयता होती है किन्तु इस समय न तो उद्योगों के पास न ही जनता के पास बचत है।

अतः उपभोग मांग एवं विनियोग मांग दोनों ही कम हो गई है यदि सरकार प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा नही करती तो 1991 में किये गये आर्थिक सुधारों से जो देश का विकास हुआ है वह सब धूमिल हो सकता था अतः राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को त्यागते हुए कीन्स की राजकोषीय व्यय बढ़ाने की नीति की ओर भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ना होगा।

इस नीति के अंतर्गत ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा पांच चरणों में की गई है ।

भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमें विदेशों पर निर्भरता कम करनी होगी।

भारत द्वारा विदेशी मुद्रा की निकासी के दो कारण है जो आत्मनिर्भरता के मार्ग में अड़चन का काम करे रहे है इसमें प्रथम क्रूड आयल एवं द्वितीय रक्षा उपकरणों का आयात है।

इसमें क्रूड आयल में फ़िलहाल सउदी अरब एवं रूस में अभी कार्टेल नहीं बन पा रहा है एवं दोनों ही अर्थव्यवस्था अभी खराब दौर से गुजर रही है एवं दोनों में तेल की कीमतों को कम करने का संघर्ष चल रहा है।

इसलिए अभी तेल कीमतों के कारण भारत की अर्थव्यवस्था से विदेशी मुद्रा की निकासी से नुकसान होना संभव नहीं लग रहा है। वही दुसरी ओर भारत को चीन के स्तर की सामरिक शक्ति बनने के लिए बहुत ज्यादा रक्षा क्षेत्र विनियोग की आवश्यकता में है।

रक्षा क्षेत्र में मेक इन इण्डिया का लाभ न मिलने के कारण विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को 74 प्रतिशत तक किया गया है।

रक्षा उपकरण खरीद में भारत हर साल लगभग 100 अरब डॉलर के आर्डर देता है इसलिए यह निर्णय विदेशी निवेश का आकर्षित करने वाला है।

वर्ष 2001 में सर्वप्रथम सर्वप्रथम रक्षा क्षेत्र में 26 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति दी गई फिर इसे बढ़ा कर 49 प्रतिशत किया गया एवं अब 74 प्रतिशत कर दिया गया है इससे पहले विदेशी कंपनियां अपनी तकनीक सांझी नहीं करती थी और अब भारत में रक्षा क्षेत्र में खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा की निकासी रुकने के साथ साथ रोजगार का सृजन भी भारत में होगा ।

यद्यपि भारत ने आर्थिक सुधारों को लागु करने में चीन से 13 वर्ष का अंतराल रहा है और यह भी एक कारण है कि आज चीन पुरे विश्व का विनिर्माण हब बना हुआ है और भारत अभी भी उससे बहुत पीछे है।

कोविड – 19 भारत के सामने यह अवसर दिया है कि भारत भी एक विनिर्माण हब बनें।

जिसके लिए ही विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक पैकेज की घोषणा की गई है किन्तु इसके साथ ही देश में बचत भी बढे इस हेतु कृषि क्षेत्र में सुधार की घोषणा भी पैकेज के साथ की गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोग मांग बढ़े इस हेतु मनरेगा का बजट 66 प्रतिशत बढ़ाया गया यह पैकेज सार्वजनिक क्षेत्र में सुधार का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ शर्तों के साथ राज्य को बाजार से 4.28 लाख करोड़ रुपये जुटाने की सुविधा दी है अब राज्य अपना राजकोषीय घाटा 5 प्रतिशत तक कर सकते है। इससे राज्यों का राजकोषीय घाटा को 3 प्रतिशत तक रखने के लक्ष्य को छोड़ना होगा ।

सरकार ने कंपनी अधिनियम में संशोधन कर उद्योगों को पुर्नजीवित करने एवं दिवालियेपन होने में भी छूट दी है।

केंद्र ने फर्मों, पिछड़े क्षेत्रों के लिए 100% गारंटीकृत ऋण (3 लाख करोड़) प्रावधान किया है। सरकार ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के विकास के लिए मुद्रा एवं शिशु ऋण की व्यवस्था की है।

किसानों के लिए, 2 लाख करोड़ के अतिरिक्त ऋण (किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से), और नाबार्ड के माध्यम से फसल ऋण के लिए एक आपातकालीन कार्यशील पूंजी की व्यवस्था की है।

हालाँकि, औपचारिक क्षेत्र के लिए सरकार ने ज्यादा कुछ नहीं किया है भारत के कमजोर तबके को सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 1.2 प्रतिशत प्राप्त हुआ है।

अतः यह देखा जा सकता है कि वित्त मंत्री का यह आर्थिक पैकेज के साथ आर्थिक सुधार का भी पैकेज है । जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था में समग्र मांग एवं समग्र पूर्ति को बढ़ाना है।

यदि यह आर्थिक पैकेज और सुधार सही मायने में लागु हो जाते है तो तो विश्व पटल पर भारत अपनी छाप छोड़ने में सफल रहेगा।

डॉ. सुरेन्द्र कुलश्रेष्ठ
अर्थशास्त्री, सहायक आचार्य, वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा

- Advertisement -
Ram Gopal Jathttps://nationaldunia.com
नेशनल दुनिया संपादक .

Latest news

मुख्यमंत्री गहलोत भाजपा आपको क्यों अस्थिर करेगी, झगड़ा तो आपके घर में है: डॉ. सतीश पूनियां

-दिव्यांग विद्यार्थियों को विशेष शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
- Advertisement -

प्रदेश के सभी 46,543 गांवों की आबादी का ड्रोन सर्वे से तैयार होगा रिकॉर्ड एवं मानचित्र

नेशनल दुनिया, जयपुर। राजस्थान प्रदेश के समस्त 46,543 गांवों की आबादी का ड्रोन के माध्यम से सर्वे...

विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या मामले की होगी सीबीआई जांच, अशोक गहलोत सरकार ने लगाई मुहर

नेशनल दुनिया, जयपुर। राजस्थान के अशोक गहलोत सरकार ने आखिरकार चूरू के राजगढ़ थाना अधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या मामले...

मैंने आत्महत्या करने की सोच लिया था, लगा बालकॉनी से कूद जाऊंगा : उथप्पा

नई दिल्ली। टी-20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के हिस्सा रहे विकेटकीपर बल्लेबाज रोबिन उथप्पा ने खुलासा किया है कि साल 2009 से...

Related news

मुख्यमंत्री गहलोत भाजपा आपको क्यों अस्थिर करेगी, झगड़ा तो आपके घर में है: डॉ. सतीश पूनियां

-दिव्यांग विद्यार्थियों को विशेष शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

प्रदेश के सभी 46,543 गांवों की आबादी का ड्रोन सर्वे से तैयार होगा रिकॉर्ड एवं मानचित्र

नेशनल दुनिया, जयपुर। राजस्थान प्रदेश के समस्त 46,543 गांवों की आबादी का ड्रोन के माध्यम से सर्वे...

विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या मामले की होगी सीबीआई जांच, अशोक गहलोत सरकार ने लगाई मुहर

नेशनल दुनिया, जयपुर। राजस्थान के अशोक गहलोत सरकार ने आखिरकार चूरू के राजगढ़ थाना अधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या मामले...

मैंने आत्महत्या करने की सोच लिया था, लगा बालकॉनी से कूद जाऊंगा : उथप्पा

नई दिल्ली। टी-20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के हिस्सा रहे विकेटकीपर बल्लेबाज रोबिन उथप्पा ने खुलासा किया है कि साल 2009 से...
- Advertisement -