भाजपा-कांग्रेस की अंदरुनी फूट का फायदा उठा रही है हनुमान बेनीवाल की RLP

रामगोपाल जाट

सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी में अंदरूनी फूट का फायदा नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल की 14 महीने पहले गठित हुई राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी फायदा उठा रही है।

नागौर से लेकर बाड़मेर और बाड़मेर से लेकर जयपुर तक दलितों और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को लेकर एक तरफ जहां सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस घिरी हुई नजर आ रही है, तो दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा भी सोशल मीडिया से बाहर नहीं निकल पा रही है।

एक अन्य महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी अध्यक्ष सचिन पायलट दो धड़ों में बंटी हुई है।

शुक्रवार को ही एक तरफ जहां सचिन पायलट के द्वारा पार्टी उपाध्यक्ष और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल के नेतृत्व में तीन सदस्य कमेटी गठित करके नागौर के खींवसर में भेजी गई, वहीं राजस्व मंत्री हरीश चौधरी के नेतृत्व में भी 3 सदस्य कमेटी नागौर पहुंची।

बताया जा रहा है कि मंत्री हरीश चौधरी वाली कमेटी सरकार की तरफ से भेजी गई थी। एक ही दल के द्वारा 2-2 कमेटियां भेजे जाने को लेकर पार्टी की आपसी फूट खुलकर सामने आ गई है।

दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सतीश पूनिया के द्वारा केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के नेतृत्व में 3 सदस्य कमेटी जांच के लिए भेजी गई, जो रविवार को अपनी रिपोर्ट देगी।

लेकिन मजेदार बात यह है कि शनिवार को ही भारतीय जनता पार्टी की तरफ से एक अन्य तीन सदस्य कमेटी भी नागौर पहुंची। भाजपा सूत्रों का दावा है कि यह कमेटी वसुंधरा राजे गुट के द्वारा भेजी गई है।

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इस मामले को लेकर खुद पार्टी अध्यक्ष सतीश पूनिया भी अनभिज्ञता जता रहे हैं, जिससे जाहिर तौर पर साफ है कि पार्टी के अंदर दो ऐसे गुट हैं, जो एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए प्रयास करते रहते हैं।

सर्वविदित है कि सतीश पूनिया को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद यकायक पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का खेमा सक्रिय हो गया।

बीते 2 महीने के दौरान खुद पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे राजस्थान में कई जिलों का दौरा कर चुकी हैं, जबकि अपने आवास पर भी पूर्व विधायकों और पूर्व मंत्रियों को एक-एक कर बुलाकर रिपोर्ट ले रही हैं।

राज्य के ही बाड़मेर में भी एक अल्पसंख्यक वर्ग के युवक के साथ गुप्तांग में सरिया घुसाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बाड़मेर के जिला अध्यक्ष के द्वारा पड़ताल करने के बाद जांच रिपोर्ट अध्यक्ष पूनिया को भेजने का फैसला किया है।

पार्टी अध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि प्रदेश में बढ़ते आपराधिक मामलों, दलित समुदाय के साथ होते अत्याचार समेत अशोक गहलोत सरकार की तमाम असफलताओं को लेकर आलाकमान से बात करने के साथ ही विधानसभा में घेरने का प्रयास किया जाएगा।

तमाम प्रकरण और पूरे आंदोलन को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी द्वारा हाईजैक करने के बाद यह बात बिल्कुल स्पष्ट हो गई है कि प्रमुख विपक्षी पार्टी होने के बावजूद भाजपा रणनीति बनाकर सरकार को सवालों में खड़ा करने में नाकाम रही है।

उल्लेखनीय है कि नागौर के खींवसर में दलित समुदाय के दो युवकों के साथ दबंगों ने चोरी के आरोप में मारपीट की और उसके बाद उसके गुप्तांग में पेचकस के द्वारा पेट्रोल डालने का प्रयास किया गया। इसी तरह से ऐसी ही घटना बाड़मेर में सामने आई है।

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जयपुर में भी दलित समुदाय की एक महिला के साथ दबंग समाज की दो महिलाओं द्वारा मारपीट करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

सत्ताधारी दल कांग्रेस की असफलता और मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के द्वारा इन मामलों में कम सक्रिय होने और सोशल मीडिया पर ही सक्रिय होने का फायदा 14 महीने पहले गठित बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने फायदा उठाया है।

एक तरफ पार्टी की तरफ से जहां खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल लगातार धरने पर बैठे हुए हैं, तो दूसरी तरफ फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम के माध्यम से नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल राज्य की अशोक गहलोत सरकार पर हमलावर हैं।

पार्टी ने पूरे पश्चिमी राजस्थान में जगह-जगह आंदोलन करने के साथ ही रविवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर आंशिक धरना देकर ज्ञापन देने का फैसला किया है।

इससे पहले बुधवार को जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपना बजट भाषण पढ़ रहे थे, तब भी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीनों विधायकों, नारायण बेनीवाल, पुखराज गर्ग और इंदिरा बावरी, ने बजट भाषण का बहिष्कार करके सदन के बाहर धरने पर बैठे थे।

मजेदार बात यह है कि कांग्रेस पार्टी और भाजपा जहां केंद्र में बैठे अपने आलाकमान से पूछकर फैसले ले रही हैं, वहीं राज्य की पहली क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल अपने भाई और खींवसर के विधायक नारायण बेनीवाल के साथ मिलकर सरकार के ऊपर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं।

हालिया आंदोलन को लेकर पार्टी के विधायक नारायण बेनीवाल का कहना है कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था बनाने में पूरी तरह सफल है और ऐसी स्थिति में हमारा दायित्व बनता है कि सरकार की आंखें खोलने के लिए जनता के साथ खड़े रहें।

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लेकिन उल्लेखनीय पक्ष यह भी है, कि भले ही हनुमान बेनीवाल तीन बार विधायक और एक बार सांसद बन गए हो, किंतु उनकी सारी रणनीति बनाने और पार्टी के सारे कदम उठाने के लिए नारायण बेनीवाल ही सारा होमवर्क करते हैं।