82 साल के गेटकीपर को 50 साल बाद मिला पहला प्यार, ऑस्ट्रेलिया से आई मरीना की चिट्ठी

70 के दशक में ऑस्ट्रेलिया की एक लड़की भारत के राजस्थान में घूमने के लिए आई थी। उस गेटकीपर से प्यार हो गया। कुछ ऐसी परिस्थिति आई, जब वह दोनों ही अलग हो गए। अब जानिए आखिर क्यों ऐसा हुआ? पढ़िए कैसे 50 साल बाद दोनों वापस मिला।

नई दिल्ली। आपने सुना होगा कि “पहला प्यार छूट गया तो वह कभी वापस नहीं मिल पाता।” राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित कुलधरा गांव, जिसको एक भूतिया गांव कहते हैं, के 82 वर्षीय गेटकीपर को 50 साल बाद उसका पहला प्यार वापस मिल गया। वर्ष 1970 के दशक में ऑस्ट्रेलिया की एक लड़की भारत के राजस्थान में घूमने के लिए आई थी, किन्तु उस गेटकीपर से प्यार हो गया।

कुछ ऐसी परिस्थिति आई, जब वे दोनों ही अलग हो गए। अब जानिए आखिर क्यों ऐसा हुआ? कैसे 50 साल बाद दोनों वापस मिले? इस बारे में ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ के फेसबुक पेज पर पूरा किस्सा दिया गया है। आइए जानते हैं, गेटकीपर की ‘अधूरी प्रेम कहानी’

82 साल के बूढ़े ने बताई प्रेम की पूरी दास्तान

‘मेरी उम्र 30 साल की थी, जब मैं पहली बार मरीना से मिला, रेगिस्तान सफारी के लिए वह ऑस्ट्रेलिया से घूमने के लिए जैसलमेर आई थी। मरीना की पांच दिन की यात्रा था और मैंने उसे ऊंट की सवारी करना सिखाया। 1970 का दशक था। उन दिनों पहली नजर में भी प्यार हो जाता था! और ठीक यही हुआ। हम दोनों के लिए यह पहली नजर में प्यार था।

शर्म से लाल पिला हो गया था

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पूरे ट्रिप के दौरान हम एक दूसरे से आंख भी नहीं हटा पा रहे थे और उसके ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले मरीना ने तीन जादुई भरे शब्द कहे ‘I Love You’। यह सुनकर मैं शर्म से बिल्कुल लाल हो गया था। उससे पहले वो शब्द किसी ने मुझे नहीं कहा था। मैं उन दिनों को बिल्कुल भी नहीं भूल सकता। मुझे इतनी शर्म आ रही थी कि मैं उसके कबूलनामे के जवाब में एक शब्द भी नहीं बोल सका था।

30 हज़ार उधार लिए

वह समझ गई थी। मरीना के वापस जाने के बाद हम एक-दूसरे से संपर्क में थे। वह मुझे हर हफ्ते खत लिखा करती थी और कुछ हफ्ते बाद उसने मुझे ऑस्ट्रेलिया बुलाया और मुझे ऐसा लगा मानो मैं चांद पर चला गया। अपने परिवार को बिना बताए मैंने किसी से 30 हजार रुपए उधार लिए।

जीवन के सबसे खूबसूरत 3 महीने

फिर मेलबर्न के लिए टिकट खरीदा, वीजा अरेंज किया और उसके साथ रहने के लिए उड़ान भर ली। वो तीन महीने मेरे लिए बेहद जादुई थे। उसने मुझे इंग्लिश सिखाई, मैंने उसे घूमर डांस सिखाया। लेकिन उसने कहा, ‘चलो शादी करते हैं, ऑस्ट्रेलिया में ही बस जाते हैं।’ जो मेरे लिए दुविधाभरा था।

मैं अपनी मातृभूमि को छोड़ना नहीं चाहता था और वह भारत में बसना नहीं चाहती थी। मैंने उसे कहा, ‘यह लंबे समय तक के लिए नहीं चल सकता। हमने अलग होने का फैसला ले लिया। यह आसान नहीं था, वह उस दिन बेहद रो रही थी। जब मैंने उसे छोड़ा, लेकिन मुझे उसे छोड़कर जाना पड़ा।

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परिवार के दबाव में शादी कर ली

फिर हमारी जिंदगी आगे बढ़ी। कुछ साल बाद परिवार के दबाव के कारण मुझे शादी करनी पड़ी। उसके बाद मैंने कुलधरा के गेटकीपर के रूप में नौकरी की। इस दौरान मैं मरीना के बारे में ही सोचता था कि क्या उसने शादी कर ली होगी? क्या मैं उसे दोबारा देख पाऊंगा? मुझ में कभी भी उसे दोबारा खत लिखने की हिम्मत नहीं पड़ी।

दो साल पहले पत्नी का देहांत हो गया

जैसे-जैसे समय बीतता गया, यादें भी धुंधली होती गई। मैं अपने परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त हो गया। दो साल पहले मेरी पत्नी का देहांत हो गया। मेरे सभी बच्चों की शादी हो गई और वह अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ गए। मैं, जोकि 82 साल का बूढ़ा हूं, भारत के भूतिया गांव में द्वारपाल यानी गेटकीपिंग की नौकरी करता रहा।

50 साल बाद ढूंढ लिया

और जैसे ही मैंने सोचा कि मेरे जिंदगी में अब कोई भी सरप्राइज नहीं होने वाला, तभी ऐसा ही कुछ हुआ। एक महीने पहले, कही से मरीना ने मुझे मैसेज किया। उसने पूछा, ‘तुम कैसे हो मेरे दोस्त?’ मेरे रोंगटे खड़े हो गए। 50 साल बाद उसने मुझे ढूंढ लिया। उसके बाद से, वह मुझे हर दिन कॉल करती।

21 साल का हो गया हूं

उसने मुझे बताया कि उसने कभी शादी नहीं की और वह जल्द ही भारत आ रही है। रामजी की कसम, मुझे ऐसा लगने लगा कि मैं फिर से 21 साल का हो गया हूं। मुझे नहीं पता कि भविष्य क्या है, लेकिन यह जानकर कि मेरा पहला प्यार मेरे जीवन में वापस आ गया है। मुझसे हर रोज बात करता है। एक ऐसा एहसास है, जिसे मैं नहीं समझा सकता।’

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