एक्सक्लुसिव: बीजेपी के नेता सिम्बल पर जीतते हैं, अपने दम पर जमानत नहीं बचेगी: बेनीवाल

रामगोपाल जाट। रालोपा संयोजक और नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने भाजपा उन नेताओं पर हमला बोला है, जो किसानों को पिकनिक मनाने और चिकन-बिरयानी खाने के लिए आंदोलन करने का आरोप लगा रहे हैं। पढ़िए नेशनल दुनिया की सांसद बेनीवाल से एक्सक्लुसिव बातचीत-

सवाल: भाजपा नेता मदन दिलावर कहते हैं कि किसानों का आंदोलन चिकन-बिरयानी से चल रहा है?

बेनीवाल: बीजेपी के ये नेता भाजपा को वापस 2 सीटों पर ले जाएंगे। सिंघु बॉर्डर, शाहजहांपुर, टीकरी बॉर्डर और गाजीपुर में हज़ारों किसान कड़ाके की ठंड में बैठे हैं। वो जाकर देखें कैसे दो वक्त की रोटी बनाकर पेट भर आंदोलन में ठहरे हुए हैं।

सवाल: दौसा सांसद जसकौर मीणा के किसानों द्वारा पिकनिक मनाने के बयान भी सामने आए हैं।

बेनीवाल: मैंने अखबार में पढ़ा है उनका बयान, ये ऐसे नेता हैं जिनका सिम्बल के बिना कोई वजूद नहीं है, पार्टी के दम पर चुनाव लड़कर ऐसी बातें करते हैं, कभी अपने दम पर चुनाव लड़ें, इनकी जमानत भी नहीं बचेगी।

सवाल: रालोपा कब तक आंदोलन में रहेगी?

बेनीवाल: जब तक किसानों की जीत नहीं हो जाएगी, तब तक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी हाईवे जाम कर के बैठी रहेगी चाहे कितना भी लंबा समय खिंच जाए, सरकार को किसानों की मांग माननी ही पड़ेगी।

सवाल: शाहजहांपुर में बैठे लाल झंडे वाले वामपंथी विचारधारा के किसान नेता आपको हमेशा का एजेंट बताते हैं, कहते हैं, मंत्री बनने के लिए यह सब कर रहे हैं?

बेनीवाल: पिछले 15 दिन से शाजापुर में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, मैं खुद एकमात्र सांसद सड़क पर बैठा हूं। कोई कुछ भी बोल सकता है, मैं किसानों के लिए लड़ने वाला देश का एकमात्र सांसद हूं। अकाली दल भले ही भाजपा का साथ छोड़ गई हो, लेकिन उनके सांसद सड़क पर नहीं हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का एकमात्र सांसद और तीनों विधायक किसानों के लिए सड़क पर बैठे हैं।

यह भी पढ़ें :  बेनीवाल का हमला: झूठी और थोथी घोषणाओं में निकाल दिए वसुंधरा ने 5 साल

सवाल: राजस्थान में किसानों के लिए लोकतांत्रिक पार्टी कब आंदोलन करेगी?

बेनीवाल: साल 2013 से लेकर 2018 तक की वसुंधरा राजे सरकार में बड़े-बड़े आंदोलन करके मैंने अकेले दम पर किसानों को सालाना ₹10000 की बिजली बिलों में सब्सिडी और स्टेट हाईवे टोल मुक्त कराने का काम किया। इन दोनों को ही अशोक गहलोत सरकार बंद कर चुकी है। किसानों का आंदोलन खत्म होने के बाद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी राजस्थान में उसी तरह के लाखों लोगों को साथ लेकर फिर से बड़े आंदोलन करेगी, राजस्थान की सरकार को चैन से सोने नहीं देगी।

सवाल: क्या राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी एनडीए के साथ फिर से गठबंधन करेगी?

बेनीवाल: हमने केंद्र सरकार के साथ सभी बिलों में समर्थन किया, लेकिन किसानों के मामले में मैं खुद संसद में मौजूद नहीं था, नहीं तो इन तीनों कृषि कानूनों का विरोध करता, बिलों को संसद में फाड़ कर फेंक देता। अगर केंद्र सरकार किसानों की मांगों को मान लेती है, तो हम भाजपा के बड़े नेताओं के साथ बैठकर एनडीए में शामिल होने या नहीं होने के बारे में बात करेंगे।

सवाल:  राजस्थान में विधानसभा की 3 सीटों के उपचुनाव होने जा रहे हैं, क्या राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी भाजपा के साथ या किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन करेगी?

बेनीवाल: सुजानगढ़, सहाड़ा और राजसमंद तीनों सीटों पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और भाजपा कांग्रेस को क्लीन स्वीप करेगी।