पंजाब सीएम कैप्टन चाहते हैं किसान आंदोलन खत्म हो, राहुल गांधी भड़का रहे हैं, 26 को ट्रैक्टर परेड की तैयारी

नई दिल्ली। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के धरने को 45 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान सरकार के साथ 7 दौर की बातचीत होने के बावजूद भी कोई परिणाम नहीं निकला है। समझौता होने की आज आखिरी उम्मीद है। सरकार और किसान संगठनों के बीच आज आठवें दौर की बातचीत होने जा रही है।

अगर आज किसानों व सरकार के साथ बातचीत किसी समझौते तक नहीं पहुंचती है तो किसान संगठनों के द्वारा 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड का ऐलान किया गया है जिसकी तैयारियां युद्धस्तर पर तेज हो गई है।

ट्रैक्टर परेड की तैयारी

ट्रैक्टर परेड के लिए किसानों के द्वारा गुरुवार को दिल्ली के बाहर एक मार्च निकाला गया था। उसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने कहा था कि अगर सरकार तीनों कानूनों को वापस नहीं लेती है तो 26 जनवरी को जनपद पर ट्रैक्टरों की परेड निकाली जाएगी।

5 में से 2 मांग मान चुकी सरकार

उल्लेखनीय है कि छठे दौर की वार्ता के दौरान केंद्र सरकार किसानों की 5 मांगों में से 2 मांगे मान चुकी है। बची हुई 3 मांगे मानने के लिए किसान नेता दबाव बना रहे हैं माना जा रहा है कि सरकार इनमें से एक और मांग पूरी करके आंदोलन खत्म करने के लिए समझौता कर सकती है।

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समझौता नहीं तो सरकार के साथ बढ़ेगा टकराव

किसान संगठनों के नेताओं का कहना है कि अगर सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिए तो किसी भी सूरत में आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार व किसानों के बीच 45 दिन बीत जाने के बाद भी कोई समझौता नहीं हुआ है। अगर यही स्थिति आगे भी बनी रहे तो देश में अराजकता की स्थिति भी बन सकती है।

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पंजाब सरकार चाहती है समझौता हो जाए

दूसरी तरफ जीटी करनाल रोड पर सिंघु बॉर्डर के पास किसानों का महापड़ाव जारी है और इस महापड़ाव को खत्म करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पिछले दिनों गृह मंत्री अमित शाह से बात करने के बाद से खत्म करने के लिए प्रयास तेज कर चुके हैं। इसके लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से राज्य का एक आईएएस और 2 आईपीएस अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो किसानों के नरम गुट के साथ बातचीत कर उनको समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी उठाना चाहती है फायदा

दरअसल किसानों का आंदोलन शुरू होने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर राज्य में संभावित अराजकता को लेकर बातचीत कर चुके हैं। कैप्टन को यह अंदेशा है कि एक साल के भीतर पंजाब में चुनाव होने हैं। अगर वहां पर किसान आंदोलन ज्यादा लंबा चलता है तो कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती है, क्योंकि आम आदमी पार्टी इस आंदोलन को भड़काने का काम कर रही है।

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राहुल गांधी और अमरिंदर सिंह के अलग रास्ते

एक तरफ जहां किसानों के आंदोलन को हवा देने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे राहुल गांधी लगातार ट्वीट करके आंदोलन भड़काने का काम कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह जल्द से जल्द किसानों व सरकार के बीच समझौता कराकर इस विवाद को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी पंजाब में सरकार बनाने के मूड में

साल 2016 में जब पंजाब में विधानसभा चुनाव हुए थे, तभी अकाली दल व भाजपा के संयुक्त गठबंधन को करारी मात देते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने बहुमत हासिल किया था, तब आम आदमी पार्टी भी बहुमत हासिल करने के सपने देख रही थी लेकिन पार्टी को मन मुताबिक सफलता नहीं मिली। अब आप पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल इस किसान आंदोलन के माध्यम से पंजाब में सत्ता हासिल करने के लिए सपने देख रहे हैं।

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