2 जनवरी से कोरोना वैक्सीन का महाअभियान, सीरम और भारत बायोटेक ने 83 करोड़ वैक्सीन सिरिंज खरीदी

जयपुर। पिछले साल मार्च के महीने से लेकर अब तक भारत के अंदर डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों की मौत का कारण बने कोरोना वायरस के खात्मे का अंतिम समय शुरु हो चुका है। भारत की सेना में इंस्टिट्यूट और भारत बायोटेक ने मिलकर आज केंद्र सरकार से वैक्सीनेशन के लिए अनुमति मांगी है।

बताया जा रहा है कि भारत सरकार टीकाकरण के लिए आज अनुमति दे सकती है। इसको लेकर देश के इन दोनों संस्थाओं द्वारा अब तक 86 करोड सिरिंज खरीदी जा चुकी है और 35 करोड सिरिंज का आर्डर दिया गया है।

सिरम इंस्टीट्यूट पहले ही कह चुका है कि उसके पास 5 करोड वैक्सीन की डोज तैयार पड़ी है और सरकार जब कहेगी निर्माण तुरंत और बढ़ा दिया जाएगा। भारत बायोटेक का भी यही दवा है। दोनों कंपनियों को भारत सरकार की तरफ से हरी झंडी मिलने की संभावना है।

उम्मीद की जा रही है कि 2 जनवरी से देशभर में कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया जाएगा। प्रत्येक राज्य की राजधानी में 3 पॉइंट बनाए जाएंगे जहां से टीकाकरण किया जाएगा।

इससे पहले 28 मई को 29 दिसंबर को पंजाब, असम, गुजरात और आंध्र प्रदेश के 8 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अभियान को शुरू किया जा चुका है। केंद्रीय विशेषज्ञों की समिति आज दोनों इंस्टिट्यूट को टीकाकरण के लिए अनुमति दे सकती है।

देशभर में टीकाकरण को युद्ध स्तर पर शुरू करने के लिए केंद्र सरकार के पास 75 लाख हेल्थ वर्कर्स का डाटा एकत्रित हो चुका है। सभी राज्यों को हेल्थ वर्कर्स का डाटा देने के लिए निर्देश दिए गए थे।

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बताया जा रहा है कि 45 लाख सरकारी हेल्थ वर्कर्स है, जबकि कॉलेजों में पढ़ने वाले नर्सिंग- डॉक्टरी करने वाले विद्यार्थियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

डॉक्टर के हिसाब से बात की जाए तो पूरे देश भर में महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा डॉक्टर हैं, जबकि हेल्थ वर्कर से में नर्सिंग स्टाफ की बात की जाए तो कर्नाटक, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा हैं।

सरकारी डॉक्टर 12 लाख हैं, जबकि हेल्थ वर्कर्स में एएनएम आठ लाख 83 हजार से ज्यादा हैं, 21 लाख, 9000 नर्स व महिला स्वास्थ्य कर्मी 56 हज़ार से ज्यादा हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 2020 में हमको सिखाया कि स्वास्थ्य ही संपदा है। उन्होंने कहा कि पहले मैंने कहा था कि जब तक दवाई नहीं तब तक दिला ही नहीं और अब मैं कह रहा हूं दवाई भी और कढ़ाई भी। वैक्सीनेशन का कार्य अंतिम चरण में है और इसको जल्द शुरू कर दिया जाएगा।