सरकार काम में व्यस्त, अवसर पार्कों में मस्त

– मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री और अन्य मंत्री जब सरकार के 2 साल की उपलब्धियां गिनाने रहे थे, तब सचिवालय के हजारों अफसर कर्मचारी गप्पे लड़ा रहे थे।

घूमते, फिरते, टहलते, गप्पे लड़ाते लोगों का यह नजर सचिवालय के आसपास स्थित पार्कों का है। वक्त भी चौंकाने वाला, शुक्रवार दोपहर 2:00 से 3:00 के बीच शुक्रवार को प्रदेश सरकार ने अपने 2 वर्ष का लेखा-जोखा जनता को बताया।

जिस समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुख्यमंत्री निवास ऑनलाइन पब्लिक और जिले के सभी सीनियर अधिकारियों से बात कर रहे थे, सचिवालय के अधिकारी कर्मचारी टहलने निकल गए सेहत बनाने

दोपहर 1:30 बजे से लेकर 2:00 बजे तक होने वाले लंच ब्रेक के बाद भी अधिकतर अधिकारी अपने दफ्तरों में नहीं लौटे। दोपहर 2:00 से 3:00 के बीच हमारी टीम ने सचिवालय के अधिकतर कमरों में सहायक व अन्य स्टाफ को नहीं पाकर पूछताछ की तो पता चला कि सचिवालय सहित आसपास के स्थित विभागों की 70% से अधिक कर्मचारी 3:00 तक सीट पर लौटते हैं।

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इस बीच कहां रहते हैं, यह पूछने पर कमरों के बाहर बैठे ऑफिस बॉय बोल रहे बोल पड़े, पार्क में टहल रहे होंगे या बाहर गप्पे लड़ा रहे होंगे। आसपास के पार्कों का जायजा लिया तो वहां इवनिंग, मॉर्निंग वॉक के समय जैसी भीड़ नजर आई, पूछने पर किसी ने खुद को किसी ने स्वास्थ्य भवन, किसी ने किसान भवन, किसी ने सचिवालय तो किसी ने एसबीआई के कर्मचारी बताया।

लंच ब्रेक खत्म होने के बाद भी पार्क में घूमने के सवाल पर बातचीत बंद कर दी और आगे बढ़ गए। दोपहर बाद 3:00 बजे तक भी सैकड़ों कर्मचारी पार्क में घूम रहे थे। धूप सेकने की इच्छा सभी को होती है, लेकिन सरकार जिस काम की सैलरी देती है, उसे छोड़ देना कहां तक जायज है?

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फेस मास्क लगा लिया, लेकिन आपने घड़ी देखना ही भूल गए

जो फोटो पर आप देख रहे हैं, वह एक उदाहरण मात्र है। सचिवालय के आसपास सेंट्रल पार्क, अशोक पार्क, तिलक पार्क, स्टेशन सर्किल पर शुक्रवार दोपहर 2:00 बजे से 3:00 बजे तक सैकड़ों फोटो कैप्चर किए गए। इन पार्कों में अचानक दोपहर बाद वॉक करने वालों की भीड़ नजर आई। यह भीड़ 2:00 बजे बाद भी बढ़ती गई तो माथा ठनका।

सचिवालय में एडमिनिस्ट्रेशन रिफॉर्म डिपार्टमेंट के लैंडलाइन नंबर पर कॉल कर ऑफिस टाइम और लंच ब्रेक के बारे में पूछा पता चला सुबह 9:30 से 6:00 बजे तक ऑफिस टाइम है, दोपहर 1:30 बजे 2:00 बजे तक लंच ब्रेक होता है।

लंच ब्रेक के बाद भी सरकारी विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के बाहर घूमने के बारे में पूछा तो जवाब मिला, कोरोना वायरस के कारण पब्लिक के लिए 8:00 बजे बाद कर्फ्यू है, लेकिन सचिवालय तो इससे भी देर रात तक चलता रहता है।

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यहां तो मनमर्जी का 2 घंटे तक का ब्रेक चलता है

राजस्थान शासन सचिवालय में दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक आधा घंटे का लंच ब्रेक थे, लेकिन यहां हर दिन 2 से अधिक घंटे तक ब्रेक चलता रहता है। अफसर और कर्मचारी सीट से गायब रहते हैं।

सचिवालय में इन दिनों बाहरी लोगों का आना जाना बहुत कम हो रहा है। कोविड को वजह बताकर विजिटर्स को भी एंट्री नहीं दी जा रही है। यहां तक कि हर दिन लिमिटेड पास बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री समेत मंत्रिमंडल ने भी 2 वर्ष का पूरा होने का राजकीय समारोह मुख्यमंत्री निवास में संपन्न किया।

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सचिवालय के कर्मचारी इसका नाजायज फायदा उठा रहे हैं। कोविड के खतरे का नाम लेकर सचिवालय के दरवाजों पर मास्को सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ाया जा रहा है, वहीं के अधिकारी कर्मचारी लंच ब्रेक के नाम पर तो 2 घंटे पार्क में पढ़ाते हुए टहलते हुए मिल जाएंगे।