गहलोत सरकार की अदभुत कहानी: टाइगर, पैंथर और लॉयन का पलायन रिकॉर्ड

– सेंट्रल डेपुटेशन पर जाने वालों में अब तक सबसे अधिक अट्ठारह ऑफिसर ने वर्ष 2020 में स्टेट छोड़ा, बस अभी भी कतार में हैं।

रामगोपाल जाट। टाइगर, पैंथर, लॉयन की दहाड़ से जंगल थर्रा उठता है, उसी तरह व सीनियर ऑफिसर्स को भी उसी तरह के कोरलाइन अलॉट दिए जाते हैं। वायरलेस सेट पर इन ऑफिसर की एक आवाज गूंजते ही पूरा सिस्टम अलर्ट मोड पर आ जाता है, लेकिन राजस्थान में शायद इस वर्ष दबंग अफसरों को अपनी धमक कम होती महसूस हो रही है।

सर्विस रिकॉर्ड में 10 में से 10 अंक के साथ स्टेट के ऐसे टॉप 18 आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और आईएफएस (IFS) स्टेट छोड़कर सेंटर डेपुटेशन पर जा चुके हैं। पिछले 8 वर्ष में पहली बार है, जबकि 1 वर्ष में इतनी बड़ी संख्या में ऑल इंडिया सर्विसेज के ऑफिस राजस्थान छोड़कर गए हो जा चुके हैं, वह तो ठीक है पर 10 अभी भी जाने की कतार में हैं।

प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है। प्रदेश के काबिल ऑफिसर स्टेशन की स्पीड से दौड़ रही है, उससे लगता है कि वह भी छोड़ देंगे। अफसरों के लिए यह गर्व की बात है, लेकिन इसके लिए थोड़ा शर्म की बात है।

18 अफसर इस वर्ष डेपुटेशन पर

इस वर्ष अब तक 9 आईएएस अधिकारी डेपुटेशन पर केंद्र में जा चुके हैं। विष्णु चरण मल्लिक के आदेश होते ही पिछले 10 वर्षों में डेपुटेशन पर जाने वाले अधिकारियों की संख्या अधिकतम हो जाएगी।

इसी तरह से 8 आईपीएस अधिकारी डेपुटेशन पर केंद्र में हैं। दो अभी भी कतार में यदि सरकार की मंजूरी मिली तो यह भी प्रदेश छोड़कर जल्द ही केंद्र सरकार के पास चले जाएंगे।

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इंडियन फॉरेस्ट सर्विस की बात की जाए तो एक अधिकारी अभी तक डेपुटेशन पर सेंट्रल गवर्नमेंट के पास जा चुका है। दो अन्य अधिकारियों की फाइल लगभग कंप्लीट है। इसके बाद प्रदेश छोड़कर जाने वालों की संख्या 3 हो जाएगी।

आईएएस रोहित कुमार सिंह और आईएएस पत्नी नीना सिंह कतार में

भारतीय प्रशासनिक सेवा में इस वर्ष 9 अफसर विष्णु चरण मल्लिक, आनंदी, नरेश पाल गंगवार, अंबरीश कुमार, एच गुईटे, सुधांश पंत, तन्मय कुमार, आलोक और संजय मल्होत्रा को डेपुटेशन मिल चुका है।

आईपीएस अफसरों में हेमंत कुमार शर्मा, परम ज्योति, हेमंत प्रियदर्शी, विनीत कुमार, विकास कुमार, पीके सिंह, दीपक कुमार और दीपक यादव सेंट्रल डेपुटेशन पर जा चुके हैं।

इसी तरह से आईएफएस अधिकारियों में शशिशंकर भी सेंटर डेपुटेशन पर हैं। इनके अलावा भी 4 आईएएस, 4 आईपीएस और 2 आईएफएस अधिकारियों की फाइल प्रोसेस में चल रही है।

यह है पिछले सात साल का रिकॉर्ड

2013 में एक आईएएस, 4 आईपीएस और 2 आईएफएस गए। 2014 में 7 आईएएस, 3 आईपीएस और 3 आईएफएस डेपुटेशन पर गए। वर्ष 2015 में 4 आईएएस, 1 आईपीएस और कोई आईएफएस नहीं गया। साल 2016 में 1 आईएएस, 1 आईपीएस और 0 आईएफएस गया। इसी तरह 2017 में 2 आईएएस, 3 आईपीएस और 1 आईएफएस डेपुटेशन पर सेंट्रल सेवा में गया। 2018 में 6 आईएएस, 1 आईपीएस और 1 आईएफएस गया। 2019 में 4 आईएएस, 3 आईपीएस और 4 आईएफएस गए, इस वर्ष अबतक 9 आईएएस, 8 आईपीएस और एक आईएफएस जा चुका है।