वंश चलाने का दावा कर उम्रभर का दर्द दे बहू को मरने के लिए अपने हाल पर छोड़ दिया!

डॉक्टर ससुर ने अपनी डॉक्टर बहू का आईवीएफ से बच्चा पैदा करने के लिए इलाज कर किडनी खराब हुई तो बहू को छोड़ दिया।

रामगोपाल जाट। जिनके बच्चे पैदा नहीं हो रहे हों, आजकल उनमें आईवीएफ तकनीक (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) के जरिए बच्चे पैदा करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन गली मोहल्लों में खुले इन आईविएफ सेंटर में कई महिलाओं की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है।

ताजा मामला जयपुर की डेंटिस्ट का, उनके ससुर भी जेके लोन अस्पताल से रिटायर सीनियर पीडियाट्रिशियन आईवीएफ से बहू का इलाज करवाना शुरू किया।

इलाज के बाद बच्चा पैदा होना तो दूर बहू की किडनी खराब हो गई। पीहर वाले उड़ीसा से आए मां ने बेटी को किडनी डोनेट कर मुश्किल से जान बचाई। इससे भी बुरी ससुराल वालों ने कर दी।

ससुराल वालों ने तलाक का नोटिस भेज दिया। पिता ने बेटी की जिंदगी खराब करने वालों के खिलाफ राजस्थान सरकार सरकार से इंसाफ मांगा है।

सरकार से लगाई न्याय की गुहार

बच्चा नहीं होने और इस प्रयास में किडनी भी खराब हो जाने के बाद लेडी डेंटिस्ट को मां ने किडनी डोनेट कर उसकी जान तो बचा ली, लेकिन अब ससुराल वाले उसे साथ रखने को तैयार नहीं हैं।

तलाक का नोटिस दे दिया गया है। मामला कोर्ट में चल रहा है। दूसरी तरफ पीड़िता ने ससुराल वालों के खिलाफ उड़ीसा में ही झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।

जयपुर के आईवीएफ सेंटर में इलाज का भी हवाला दिया गया है। उड़ीसा की पुलिस पहले को भीड़ के चलते दूसरे स्टेट में जाकर इन्वेस्टिगेशन करने की मजबूरी का रोना रोती रही। 2 दिन पहले पीड़िता के पिता ने राजस्थान के गृह सचिव और डीजीपी को भी ईमेल भेजकर बेटी को न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि जयपुर के वैशाली नगर में रहने वाले डॉक्टर परिवार और आईवीएफ सेंटर ने मिलकर उनकी बेटी की जिंदगी खराब कर दी।

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पिता ने की इंसाफ की मांग

पीड़िता के पिता ने उड़ीसा से ईमेल भेजकर होम सेक्रेट्री, डीजीपी को रिक्वेस्ट की है कि मुझे इंसाफ चाहिए। यह बताएं कि मेरी बेटी को घर से क्यों निकाला? आखिर उसका कसूर क्या है? साथ ही ऐसी जगह इलाज कराया क्यों, उसके किडनी खराब हो गई।

हमारी हंसती-खेलती बेटी की जिंदगी गुजारने वाले को मैं छोडूंगा नहीं, चाहे फिर वे कितने भी रसूख वाले क्यों नहीं हो। जिस दिन नोटिस भेजा, पीड़िता चेकअप के लिए दिल्ली गई थी। नोटिस रिसीव भी नहीं हुआ और वन साइडेड डिक्री हो गई।

इसके बाद पीड़िता ने हाईकोर्ट में चैलेंज किया और हाईकोर्ट ने उसे ही कर दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने उसको उड़ीसा ट्रांसफर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगा दी। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और पीड़िता का परिवार न्याय के लिए इंतजार में यहां-वहां भटक रहा है।

पढ़िए दर्द भरी दास्तान

जिन्हें अपना माना, उनकी लापरवाही से जिंदगीभर का जख्म खाने वाली पीड़िता व उसके माता-पिता के दर्द की दास्तान सुनकर आप भी रो पड़ेंगे। पढा-लिखकर डेंटिस्ट बन गईं।

युवती के माता-पिता ने 5 वर्ष पहले बेटी के अच्छे भविष्य की खातिर जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के नामचीन डॉक्टर के बेटे से उसकी शादी की थी। दामाद भी डॉक्टर है, सोचा पूरा परिवार समझदार होगा।

उसकी बेटी को सुखी रखेगा, लेकिन वंश आगे बढ़ाने की रूढ़ीवादी परंपराओं में डॉक्टर पिता-पुत्र ने लेडी डेंटिस्ट जिंदगी बर्बाद कर दी। किसी को पता नहीं चले, उनकी झूठी शान खराब नहीं हो जाए, इस चक्कर में गली में खुले अपनी परिचय डॉक्टर की आईवीएफ सेंटर में इलाज कराना शुरू कर दिया गया।

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बहू की किडनी खराब हो गई तो बायप्सी करा कर यह पता लगाने की कोशिश नहीं की, कि आखिर आईवीएफ ट्रीटमेंट के दौरान किस तरह से वजह से किडनी पर इफेक्ट हुआ है। इसके बाद दिल्ली में किडनी ट्रांसप्लांट कराई गई। उड़ीसा से दिल्ली आकर मां ने बेटी को किडनी डोनेट की।

बेटी को ससुराल वालों ने छोड़ दिया और एफआईआर करवा दी कि बहू किसी के साथ भाग गई। बेटी सक्षम होने के बावजूद माता-पिता के साथ रहने को मजबूर है। उसे किडनी देकर मां भी पीड़ित हो गई। बेटी के मात-पिता अब लाचार हैं।

खुद डॉक्टर पर दवाओं के भरोसे जिंदा

पीड़िता की हालत अब यह हो गई है कि पिछले 3 वर्षों में दवाओं के भरोसे जिंदा है। घर से बाहर जाने से पहले 100 बार सोचना पड़ता है। इस बीच कोर्ट-कचहरी जाने की नौबत आ गई। पीड़ित पर ही ससुराल वालों ने चित्रकूट थाने में यह कहकर आईटी एक्ट में एफआईआर दर्ज करवा दी की बहू ने उनके बेटे के बारे में किसी को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन लिखा है।

इलाज नहीं हुआ और बहू पर एफआईआर करवा दी

बीमार बहू को फंसने के लिए उल्टा उसके खिलाफ चित्रकूट थाना जयपुर में एफआईआर दर्ज करा दी। आरोप लगाया है कि फैमिली फ्रेंड को व्हाट्सएप चैटिंग कर बेटे के लिए इरेक्टाइल डिस्फंक्शन शब्द लिखा है, जिस पर हाईकोर्ट से स्टे है।

इकलौती बेटी की जिंदगी खराब

शिकायत करने वाले उड़ीसा के निवासी पीड़िता के पिता ने बताया कि मैंने एकलौती बिटिया को पढ़ाया-लिखाया, बीडीएस का डॉक्टर बनाया। जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज की विद्युत नगर निवासी सीनियर पीडियाट्रिशियन के डॉक्टर बेटे से बिटिया की शादी की।

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ससुराल वालों ने पहले तो बिना बताए बेटी का आईवीएफ के लिए ट्रीटमेंट कराया, जिससे किडनी खराब हो गई तो डॉक्टर किडनी ट्रांसप्लांट बैटर केयर के लिए उड़ीसा में पियर भेज दिया, तब से बेटी को नहीं ले जा रहे हैं और तलाक का नोटिस दिया है।

डरे नहीं खुलकर करें कंप्लेन

एडवांस ट्रीटमेंट के नाम पर गली मोहल्लों में आईवीएफ सेंटर खोल कर लूटने और हेल्दी लाइफ का खेल चल रहा है। आईवीएफ सेंटर से ट्रीटमेंट लेने के बाद भी बच्चे नहीं होने और हेल्थ कॉम्प्लिकेशंस की शिकार कई लोग हैं, लेकिन कुछ तो प्रतिष्ठा खराब होने के डर से सामने नहीं आना चाहते।

कुछ दूसरे डॉक्टर के पास जाते हैं तो उन्हें आईवीएफ सेंटर वालों को कि बड़ी पहुंच से डर दिखाकर चुप करा दिया जाता है। इस सब के बीच एक महिला की जिंदगी खराब हो जाती है और किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अब वक्त आ गया है जब चुप नहीं रहें, खुलकर बोलें।

अगर आप भी आईवीएफ सेंटर वालों की धोखाधड़ी अन्य किसी परेशानी के शिकार हैं तो पुलिस कंप्लेंट करें। यदि सुनवाई नहीं हो रही हो तो हमको 9828999333 कॉल करके या व्हाट्सएप मैसेज करके अपनी परेशानी बताएं, हम आपकी आवाज बनेंगे।