दो दिन बाद होने वाली राज्यसभा वोटिंग से पहले भाजपा के साथ जाने का ड़र
उदयुपर।
गुजरात की दो राज्यसभा सीटों पर दो दिन बाद होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस में बुरी तरह से खौफ हो गया है। अपने 71 में से 62 विधायकों को लेकर कांग्रेस पार्टी माउंट आबू से अंबाजी पहुंच गई है।

इससे पहले उनको माउंट आबू रखने का फैसला किया गया था, किंतु हॉर्स ट्रेडिंग के ड़र से कांग्रेस ने एक बार फिर से उनकी जगह बदल दी। अब यहां से सीधे उनको वोटिंग के दिन विधानसभा ले जाया जाएगा।

बता दें कि राज्यसभा की इन सीटों के लिए भाजपा ने विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और जुगलजी ठाकोर को उम्मीदवार बनाया है, वहीं कांग्रेस ने चंद्रिका चुडास्मा और गौरव पंड्या को अपना प्रत्याशी बनाया है।

यह सीटों अमित शाह और एक अन्य राज्यसभा सांसद के लोकसभा में जाने के कारण खाली हुई थी। शाह को 2017 में ही चुना गया था। तब भी कांग्रेस ने इसी तरह से अपने विधायकों को छुपा दिया था।

पार्टी तब 3 सीटों पर हुये चुनाव के दौरान अपने विधायकों को लेकर बेंगलुरू ले गई थी। बाद में भाजपा के दो और कांग्रेस की ओर से अहमद पटेल चुने गये थे। अमित शाह अभी गांधीनगर सीट से सांसद हैं और देश के गृहमंत्री बन चुके हैं।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके अल्पेश ठाकोर कांग्रेस के विधायकों के साथ नहीं गये हैं। कांग्रेस के 71 विधायक हैं, लेकिन व्हिप जारी होने के बाद भी कई विधायक नहीं पहुंचे हैं।

सभी विधायकों को पालनपुर के पास बालाराम रिसोर्ट में ठहरया गया है। पहले इनको माउंट आबू में एक शिविर में रखना था, किंतु वहां से भाजपा द्वारा सेंधमारी के ड़र से अंबाजी ले जाया गया है।