riico jaipur

जयपुर।
उद्योगपतियों की सभी समस्याओं व मुद्दों को अभियान चलाकर सुगमता से स्थानीय स्तर पर निपटाया जाए। रीको (RIICO) द्वारा 1 मार्च 2019 से 30 जून 2019 तक ‘फास्ट ट्रेक डिस्पोजल कैम्प’ (Fast track disposal camp) आयोजित किए जाएंगे।

रीको के प्रबंध निदेशक गौरव गोयल ने बताया है कि इन शिविरों के दौरान रीको के प्रबंध निदेशक और सलाहकार (Infra) की शक्तियां इकाई प्रमुखों को प्रदान की गई है।

ये शक्तियां सौंपे जाने से उद्यमियों को अब निर्धारित मापदंडों की पूर्ति के लिए भूमि के प्रीमियम के भुगतान हेतु समय विस्तार की सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

जिन गतिविधियों के लिए भूमि आवंटित की गई है, उन गतिविधियों को शुरू करने में देरी के लिए समय विस्तार के मुद्दों से निपटने की शक्तियां भी इकाई प्रमुखों को दे दी गई है।

रीको के एमडी गोयल ने जानकारी दी कि ‘फास्ट ट्रेक डिस्पोजल कैम्प’ (FTDC) का आयोजन नई सरकार के 100 दिनों के कार्यक्रम का एक हिस्सा है।

इन शिविरों का आयोजन रीको के औद्योगिक क्षेत्रों के मौजूदा उद्यमियों की लम्बे समय से चली आ रही मांग पर किया जा रहा है, ताकि उन्हें इस तरह की समस्याओं के समाधान के लिए जयपुर जाने की आवश्यकता नहीं हो और इसके बजाय वे स्थानीय स्तर पर ही इनका शीघ्र समाधान पा सकें।

इसके अलावा ‘फास्ट ट्रेक डिस्पोजल कैम्प’ में करीब 20 अन्य महत्वपूर्ण विषयों से सम्बंधित कार्य भी किए जाएंगे, जो निम्न हैं-

—अतिरिक्त भूमि या भू-भाग का नियमितीकरण
—भवन मानचित्र की स्वीकृति
—भूखण्ड विभाजन की स्वीकृति
—आवंटित भूखंडों के संविधान में परिवर्तन या इनका हस्तांतरण
—औद्योगिक क्षेत्रों के बाहर की कृषि भूमि के रूपांतरण के लिए एनओसी जारी करना
—निरस्त किए गए भूखंडों का रेस्टोरेषन
—आवंटित भूखंडों का भौतिक कब्जा देना और आवंटित भूखंडों के पट्टे सम्बंधित कार्य किया जाना
—सुरक्षा जमा राशि व कम भूमि की राशि को वापस लौटाना
—डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए मॉडल तैयार करना
—नए डंपिंग ग्राउंड के लिए स्थानों की पहचान
—सार्वजनिक शौचालय के लिए स्थानों की पहचान
—साइनेज व प्रवेश द्वार के लिए स्थानों की पहचान
—ढीली विद्युत लाइनों को कसने के लिए स्थानों का चिन्हीकरण
—प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र में सघन वृक्षारोपरण हेतु एक वुडलैंड का चिन्हीकरण
—सड़क किनारे पौधारोपण की योजना बनाना
—नवीन विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार करना
—मौजूदा आधारभूत सुविधाओं में सुधार के लिए प्रस्ताव तैयार करना
—बकाया सेवा शुल्क के पुराने मामलों की पहचान करना
—विकास एवं रखरखाव से सम्बंधित मुद्दों की पहचान के लिए उद्योग संघों के साथ जनसभाओं की व्यवस्था करना
—ऐसे जंक्शन, रोटरी, सर्किल व डिवाइडर की पहचान करना, जो औद्योगिक क्षेत्र के आवंटी द्वारा रखरखाव या सौंदर्यीकरण के लिए अपनाए जा सकें।

रीको के एमडी गोयल ने बताया कि ‘रीको की ओर से हाल ही में करौली जिले के मासलपुर औद्योगिक क्षेत्र में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर औद्योगिक भूमि का आवंटन शुरु किया गया है, जो नई सरकार के 100 दिनों के कार्यक्रम का भाग है।

यह नवीन क्षेत्र करौली जिले के पत्थर से समृद्ध भाग के तहत आता है, जो यहां लघु एवं मध्यम स्तर के पत्थर उद्योग की स्थापना के लिए बेहतरीन स्थान साबित होगा।

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