किसानों पर पुलिस की लाठियों के बाद मोदी सरकार पर यूँ चली विपक्ष की सियासी लाठियां-

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- Advertisement - dr. rajvendra chaudhary

नई दिल्ली। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने, संपूर्ण कर्जमाफी, किसान क्रेडिट कार्ड से बिना ब्याज ऋण देने, पुराने टैक्टर ​खेती के लिए चालू रखने देने की इजाजत और गन्ना किसानों को समय पर भुगतान करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में हजारों किसानों द्वारा दिल्ली कूच किए जाने के दौरान पुलिस की बर्बरता पूर्वक कार्रवाई को लेकर विपक्षी पार्टियों ने पीएम नरेंद्र मोदी सरकार की तीखी आलोचना हो रही है।

दिल्ली में किसान घाट पर जाने के लिए अड़े किसानों पर पुलिस के द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़ने, लाठी चार्ज करने और बर्बरता पूर्वक की गई कार्रवाई को लेकर सभी विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़े शब्दों में आलोचना की है। मोदी सरकार को घेरते हुए विपक्षी दलों ने इस तरह से सियासी हमले किए हैं-

दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा और अन्य जगहों पर अन्न्दाताओं को रोका गया है। दिल्ली में घुसने से रोकने पर उग्रता लेते किसानों पर पुलिस ने पानी की बौछार और आंसू गैस के गोले दागे। नहीं रुकने पर पुलिस ने जमकर लाठियां चलाई। एक—एक किसान पर दस—दस पुलिस वाले टूट पड़े। कर्जमाफी और डीजल के दामों में कटौती और पुराने ट्रैक्टर व अन्य मशीनरी चालू रखने की इजाजत देने जैसी विभिन्न मांगों को लेकर भाकियू की तरफ से प्रदर्शन का आह्वान किया।

पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार किसानों ने पुलिस के बैरीकेड तोड़ दिए। दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए बैरीकेड की तरफ किसान अपने टैक्टर लेकर बढ़ने लगे। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए ही उन्होंने आंसू गैस के गोले दागे गए।

इस हादसे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के दिन नई दिल्ली की सीमा पर किसानों की ‘बर्बर पिटाई’ का आरोप लगाया है। किसान हितैषी बताते हुए उन्होंने सारे आरोप ट्वीटर पर लगाकर इतिश्री कर ली है।

राहुल गांधी ने सवाल किया कि क्या किसान राजधानी में अपनी शिकायत का जिक्र भी नहीं कर सकते? उन्होंने ट्वीट किया कि ‘विश्व अहिंसा दिवस पर भारतीय जनता पार्टी का 2-वर्षीय गांधी जयंती समारोह शांतिपूर्वक दिल्ली आ रहे किसानों की बर्बर पिटाई से शुरू हुआ। किसान देश की राजधानी दिल्ली आकर अपना दर्द भी नहीं सुना सकते!’

कांग्रेस पार्टी की शीर्ष निर्णायक इकाई कांग्रेस कार्य समिति ने महाराष्ट्र के वर्धा में हुई अपनी एक बैठक में किसानों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है।

पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि केंद्र सरकार अगर कुछ उद्योगपतियों के भारी भरकम ऋण माफ कर सकती है, तो वह किसानों का कर्ज क्यों नहीं माफ कर सकती।

पीएम नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए सुरजेवाला ने आरोप लगाया है कि ‘अहंकार उनके सिर चढ़कर बोल रहा है।’ कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘मांग सुने जाने के बजाए किसानों के साथ बर्बरता हो रही है, उन्हें पीटा गया। दिल्ली सल्तनत का बादशाह सत्ता के नशे में चूर है।’

दिल्ली में घुसने की जिद पर अड़े किसानों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी ने कहा है कि ‘हम किसानों पर हुई कार्रवाई और ज्यादतियों की वह कड़े शब्दों में आलोचना करते हैं। यह एक बार फिर पीएम मोदी सरकार के किसान विरोधी रवैये को दर्शाता है।’

इधर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किसानों को अपना समर्थन देते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि ईंधन के बढ़े दामों और वस्तु एवं सेवा कर व नोटबंदी जैसे फैसलों की वजह से अन्न्दाता समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

यादव ने कहा कि ‘किसान अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतर रहे हैं। पिछले चार सालों में करीब 50 हजार किसानों ने आत्महत्या कर ली है। इनमें अधिकतर किसान उत्तर प्रदेश के हैं, जहां पर भाजपा शासित सरकार है।’

भाकपा ने भी किसानों पर पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। अखिल भारतीय किसान सभा ने भी किसानों के खिलाफ पुलिस की ‘बर्बरता’ की आलोचना की और इस मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि किसानों के विरोध मार्च को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से रोकना ‘गलत’ है। केजरीवाल ने शहर में किसानों को प्रवेश देने की वकालत की है।

उन्होंने कहा है कि ‘किसानों को नई दिल्ली में प्रवेश करने से क्यों रोका जा रहा है, यह गलत बात है। दिल्ली सबकी है, उन्हें दिल्ली में आने देना चाहिए। केजरीवाल ने कहा है कि हम उनकी मांगों का समर्थन करते हैं।’

राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि जस्टिस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों की अनदेखी कर पीएम नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों की पीठ में छूरा घोंपा है।

तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा है कि ‘मोदीजी, माना किसान पूंजीपतियों की तरह आपकी जेबें नहीं भर सकते हैं, लेकिन कम से कम उनके सिर पर डंडे तो मत मरवाइए। अगर आपने ग़रीबी देखी होती तो किसानों पर इतने जुल्म नहीं करते।