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जयपुर।

राजस्थान सरकार द्वारा किसान कर्ज माफी के लिए कल से प्रदेश भर में कई जगह शिविर लगाकर कर्जमाफी प्रमाण पत्र बांटे जा रहे हैं, लेकिन इन्हीं शिविरों में कई किसान मायूस लौट रहे हैं।

राज्य सरकार के निर्देश पर आज भी प्रदेश भर में 66 तहसील मुख्यालयों पर किसान कर्जमाफी के लिए शिविर लगाए गए हैं, जहां पर बड़ी मात्रा में किसान आ रहे हैं, लेकिन पात्रता के अभाव में कई किसान मायूस लौट रहे हैं।

किसान कर्जमाफी के लिए शिविर का आयोजन हो रहा है जयपुर में सिरसी उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के द्वारा कल पहला कर्जमाफी प्रमाण पत्र बैठकर इसकी शुरुआत की गई थी।

आज जालौर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कर्ज माफी के लिए लगाए शिविर में कर्जमाफी प्रमाण पत्र बांटे हैं। वहीं पर उन्होंने माताजी के दर्शन भी किये।

मीडिया से बात करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि वह जालौर में प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर आए हैं। जबकि विपक्ष के द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि गहलोत अपने बेटे वैभव गहलोत के लिए जालौर लोकसभा सीट पर सियासी जमीन तलाश रहे हैं।

बताया जा रहा है कि राजस्थान में 9 फरवरी तक आयोजित होने वाले इन शिविरों में करीब 24 लाख किसानों को कर्जमाफी के प्रमाण पत्र बांटने की योजना है।

योजना के तहत सरकार ने 9500 करोड़ रुपये के कर्ज़माफ करने का दावा किया जा रहा है, जबकि पिछली सरकार ने भी 8174 हज़ार करोड़ के कर्ज़माफ किये गए थे।

इसी सिलसिले में आज भारतीय जनता पार्टी ने जयपुर मुख्यालय से मार्च किया और जेल भरो आंदोलन के तहत हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारियां दीं।