जयपुर/राजसमंद।

राजस्थानी भले सरकार बदल गई हो, लेकिन किसानों की समस्याओं में कोई परिवर्तन नहीं आया है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में बीजेपी की वसुंधरा राजे सरकार जाने और कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार आने के बावजूद एक किसान ने आत्महत्या कर ली।

राजसमंद जिले में ठंड से फसल खराब हो गई। जिससे क्षुब्द होकर लहरू (48 वर्षीय) नामक एक किसान ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि मृतक किसान ने अपने चचेरे भाई के साथ 8 बीघा जमीन किराए पर ले रखी थी।

लहरूलाल कीर यहां बैंगन की खेती करते हैं। उनके बेटे भेरुलाल कीर के मुताबिक उनके पिता रविवार सुबह घर से बाहर निकले थे। खेत पहुंचे तो जाड़े के कारण फसल का नुकसान होनी की वजह से आत्महत्या कर ली।

बेटे के अनुसार उनके पिता की मौत की खबर उस वक्त मिली, जब उनकी मां गौरी देवी कीर खेत पर काम करने पहुंचीं। किसान की आत्महत्या का यह मामला जिले के कनक्रोली के पीपली आचार्य गांव का है।

मृतक के परिचित और पूर्व सरपंच मनोहर कीर (33) ने बताया कि किसान ने बैंकों से कोई कर्ज़ नहीं ले रखा था, किन्तु फसल खराब होने के कारण वह दुखी था। उन्होंने बताया कि यहां तापमान माइनस 1.5 डिग्री तक चल रहा है।

एसडीएम प्रवीण कुमार ने बताया कि पुलिस की सूचना के आधार पर वह पहुंचे थे। उनके बेटे की अर्जी के आधार पर फसल खराब होने के कारण आत्महत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस भी मामले की जांच कर रहे हैं।

कुमार के अनुसार लहरू की खुद की कोई ज़मीन नहीं है, वह अपने चचेरे भाई के साथ 8 बीघा जमीन किराए पर लेकर बैंगन की खेती करते हैं। उनकी फसल खराब हुई है।