नई दिल्ली/जयपुर।

चुनाव के बाद खुद को और पार्टी को जीते हुए मानकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी अध्यक्ष सचिन पायलट दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के जोड़तोड़ में व्यस्त हैं।

इस बीच कांग्रेस में इन दो नेताओं की मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी के इतर नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी द्वारा किसान की कोख से जन्मा मुख्यमंत्री बनाने की वकालत ने गहलोत-पायलट की नींद हराम कर दी है।

'किसान मुख्यमंत्री' से रामेश्वर डूडी ने उड़ाई गहलोत-पायलट की नींद 1

कांग्रेस अध्यक्ष जहां बीते 5 साल के दौरान प्रदेश कांग्रेस को फिर से जिंदा करने के एवज में मुख्यमंत्री के लिए दावा ठोक रहे हैं।

वहीं अशोक गहलोत ने खुद को 2 बार का मुख्यमंत्री और राजस्थान में कांग्रेस का सबसे बड़ा नेता बताते हुए मुख्यमंत्री पद के लिए स्वतः दावेदार घोषित किया है।

इधर, विधानसभा के भीतर नेता प्रतिपक्ष के तौर पर लगातार सरकार से लोहा लेने और इस पद की जिम्मेदारी बखूबी निभाने का दावा करते हुए रामेश्वर डूडी ने भी मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी जताई है।

सत्ता में आने की उम्मीद पाले कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री पद पर दावेदारों के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पार्टी अध्यक्ष सचिन पायलट और नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के रूप में 3 बराबर के लीडर खड़े हैं।

'किसान मुख्यमंत्री' से रामेश्वर डूडी ने उड़ाई गहलोत-पायलट की नींद 2

पार्टी आलाकमान, यानी सोनिया गांधी और राहुल गांधी किसको मुख्यमंत्री घोषित करेंगे यह समय आने पर ही पता चल पाएगा, किन्तु उससे पहले 3 दावेदार होना कांग्रेस पार्टी के लिए कलह का कारण बन गया है।

दूसरी तरफ इन सब झंझावातों से दूर भाजपा वसुंधरा राजे के नाम पर ही एकमत के साथ बहुमत से पीछे रहने की स्थिति से निपटने के लिए जरूरी जोड़तोड़ की कवायद में जुटी हुई है।

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