Jaipur

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ उन्हीं के वक्त गृह मंत्री रहे गुलाबचंद कटारिया मैदान में उतर गए हैं।

गृहमंत्री कटारिया ने कहा है कि हम सब को कोर्ट का सम्मान करना चाहिए और कोर्ट के आदेश को मानना चाहिए।

दरअसल बीते सप्ताह ही राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा था कि राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास खाली करना चाहिए। इस दायरे में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और जगन्नाथ पहाड़िया आते हैं।

दोनों ही सरकारी बंगले का इस्तेमाल कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने तो सिविल लाइन स्थित बंगला नंबर 13 को एक निजी गढ़ की तरह तब्दील कर रखा है, जो पिछले कार्यकाल में काफी चर्चित रहा था।

तत्कालीन भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने इसको लेकर बड़ा आंदोलन किया था और कोर्ट की शरण में भी गए थे। कोर्ट का फैसला आने के बाद वसुंधरा राजे घिर गई हैं।

मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि हम सबको कोर्ट के आदेश का सम्मान करना चाहिए।

दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर सवाल पूछा गया था जिसमें कहा गया था कि कोर्ट का आदेश आ चुका है और खाली कर रही हैं?

जिसको लेकर कोर्ट का आदेश की बात कहते हुए परोक्ष रूप से उन्होंने वसुंधरा राजे से खुद ही बंगला खाली करने की हिदायत दे दी है।

आपको बता दें कि कोर्ट का आदेश आने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि वसुंधरा राजे दो बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, ऐसे में वह वहां से बंगला खाली नहीं करवाएंगे।

पूर्व गृह मंत्री कटारिया के इस बयान को लेकर चर्चा है कि अब धीरे-धीरे साइड लाइन करने का प्रयास किया जा रहा है।