अंतिम वर्ष के छात्रों को छोड़कर सभी विद्यार्थी होंगे प्रमोट

नई दिल्ली/जयपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा कोरोनावायरस की वैश्विक महामारी को देखते हुए परीक्षा करवाने या नहीं करवाने का फैसला सभी विश्वविद्यालयों के ऊपर छोड़ दिया है, किंतु फिलहाल के लिए तकरीबन सभी विश्वविद्यालयों के द्वारा अंतिम वर्ष के छात्र छात्राओं को छोड़कर सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को पिछले वर्ष की तरह प्रमोट करने का लगभग फैसला कर लिया है।

गौरतलब है कि देश के विभिन्न हिस्सों में कमोबेश कोरोना का कहर बरप रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालयों के द्वारा पिछले साल यूजीसी के द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक इस बार भी विद्यार्थियों को प्रमोट करने की तैयारी शुरू कर दी है। राजस्थान विवि भी इसी की तैयारी में जुटा है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का कहना है कि विश्वविद्यालयों को परीक्षा से संबंधित या प्रमोट करने से लेकर किसी तरह की कोई समस्या आती है तो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से सहायता ली जा सकती है, लेकिन पिछले साल जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को छोड़कर सभी को प्रमोट करने या परीक्षा आयोजित करवाने के लिए विश्वविद्यालय स्वतंत्र हैं।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव डॉ रजनीश जैन का कहना है कि सभी विश्वविद्यालय स्वायत्तशासी संस्था होते हैं, ऐसे में उनको परीक्षा करवाने संबंधी सभी फैसले अपने स्तर पर लेने का हक है।

उल्लेखनीय यह भी है कि पिछले साल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा सभी विश्वविद्यालयों को अंतिम वर्ष के छात्र छात्राओं को छोड़कर बाकी को प्रमोट करने के दिशा निर्देश दिए थे, जिसको लेकर कई विश्वविद्यालयों द्वारा आपत्ति जताई गई। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट के द्वारा यूजीसी के द्वारा दी गई गाइडलाइन को ही मान्य करार दिया था।

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