युवाओं के हाथ में कमान, सोशल मीडिया पर है पूरा ध्यान

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-दोनों प्रमुख पार्टियों के अलावा बेनीवाल की टीम भी जुटी है सोशल मीडिया से प्रचार पर

जयपुर।

भाजपा-कांग्रेस के बड़े नेता जहां राजस्थान के विधानसभा चुनाव प्रचार में ताबड़तोड़ रैलियां, सभाएं, रोड शो और जनसंपर्क करने में जुटे हैं, वहीं आज की तारीख में सबसे बड़ा चुनावी प्लेटफार्म बना सोशल मीडिया का मोर्चा दोनों प्रमुख पार्टियों समेत तीसरे मोर्चे का मोर्चा भी युवाओं की टीमें संभाल रही है।

भाजपा ने अपने प्रधान कार्यालय में पीछे की तरफ सोशल मीडिया की एक पूरी टीम लगा रखी है जो पलक झपकते ही अपने नेताओं के स्पीच, दौरों की जानकारी और विपक्षी नेताओं की कमियों को सोशल मीडिया पर डाल देते हैं!

तो दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के द्वारा पहली बार तैयार की गई सोशल मीडिया टीम के सदस्य भी भाजपा नेताओं और पीएम नरेंद्र मोदी के भाषणों की कमियां निकालकर फेसबुक, व्हाट्सअप पर खूब वायरल कर रहे हैं।

दलों के द्वारा मिले निर्देशों के अनुसार यह टीमें अपनी पार्टी के जहां वादों और इरादों को इस नि:शुल्क माध्यम के द्वारा हर युवा तक पहुंचाने का काम कर रही है।

साथ ही साथ नेताओं के सबसे लेटेस्ट भाषण को ज्यादा से ज्याद लोगों तक पहुंचाने का टारगेट पूरा किया जा रहा है। हर रोज नए फेसबुक पेज के माध्यम से युवाओं को जोड़ा जा रहा है।

भाजपा कार्यालय में बैठे युवा बताते हैं कि हमारा काम यही है कि सरकारी की योजनाओं को जनता तक अधिक से अधिक और जल्द कैसे पहुंचाया जा सके, ताकि उसका लाभ जहां मतदाताओं को मिल सके, तो साथ ही साथ ऐसे वोटर चुनाव के दौरान मत के रुप में कनवर्ट हो सके।

इधर, कांग्रेस की टीम से जुड़े एक ‘सोशल मीडिया योद्धा’ का कहना है कि उनको पूरी तरह से यह निर्देश मिले हुए हैं कि मोदी के द्वारा किए गए वादों के वीडियो ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया पर अपलोड करने हैं।

इसके साथ ही 15 लाख लोगों को रोजगार, 15 लाख रुपए हर मतदाता के खाते में, कालाधन, भ्रष्टाचार, ललित मोदी, विजय माल्या, नीरव मोदी समेत सभी भगौड़ों को लेकर भाजपा पर हमले करने वाले पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल करने का काम किया जा रहा है।

इधर, आरएलपी की टीम भले ही छोटी हो, लेकिन उनका पूरा ध्यान युवा और किसान वोटर्स पर है। बेनीवाल ने अपनी टीम गुप्त स्थान पर बिठा रखी है, ताकि कोई पहुंच नहीं सके। यह टीम उनके दौरों और भाषणों को सोशल मीडिया के द्वारा टारगेटेड क्षेत्र में पहुंचाया जा रहा है।

भाजपा, कांग्रेस ही नहीं, बल्कि हनुमान बेनीवाल की आरएलपी वाली सोशल मीडिया टीम का भी अधिक जोर विपक्षी नेताओं की पोल खोलकर उसको सोशल मीडिया पर डालने पर जोर है।

बीते दिनों बीडी कल्ला, सीपी जोशी वाली घटनाओं को जहां मिनटों में पूरे प्रदेश समेत देशभर में फैला दिया गया, वहीं सोमवार को कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा सिर फोड़कर वोट दिलाकर जिताने वाली अलवर के रामगढ़ की घटना को भी शाम होते-होते राज्य के हर युवा के हाथ में पहुंचा दिया गया।

भाजपा की टीम का काम केवल वसुंधरा राजे सरकार की योजनओं को ही प्रचारित करना नहीं, बल्कि साथ राहुल गांधी के मजाकिया भाषणों को काटकर सोशल मीडिया पर डालना भी है। यही काम नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम भी कर रही है।

बीते 7 साल से सोशल मीडिया से विशेषज्ञ के तौर पर जुड़े 26 वर्षीय रोहित बताते हैं कि भारत में सबसे पहले 2014 में मोदी के द्वारा सोशल मीडिया का इस तरह से प्रयोग लिया गया था।

मोदी की टीम ने इतने बड़े पैमाने पर प्रचार किया कि देश के हर युवा, जो सोशल मीडिया पर जुड़ा हुआ था, उसके पास ब्रांड मोदी पहुंचा दिया गया। अब यही काम भाजपा, कांग्रेस, आरएलपी समेत राज्य में चुनाव लड़ने वाली कमोबेश हर पार्टी कर रही है।

रोहित बताते हैं कि आज की तारीख में प्रदेश का करीब 1.5 करोड़ से ज्यादा मतदाता हर वक्त सोशल मीडिया पर एक्टिव है, इसलिए सभी पार्टियों का ध्यान युवाओं को साधने के लिए इस माध्यम पर है।

केवल इंटरनेट खर्च और युवाओं की टीम को तनख्वाह देने के अलावा इसपर खास खर्चा भी नहीं होने के कारण यह माध्यम काफी किफायती है, साथ ही चुनाव आयोग की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन भी अभी यहां नहीं होता है।

रोहित के अनुसार सोशल मीडिया इस बार राजस्थान के चुनाव में बड़ी भूमिका निभाने वाला है।