नावासिटी

शुक्रवार को फ्रेंड्स क्लब अध्यक्ष मनोज जैन गंगवाल, नावा सोशल सर्विस सोसायटी अध्यक्ष लुकमान शाह, समाजसेवी ज्ञानचंद जैन के नेतृत्व में कई समाजसेवी नावा में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय खुलवाने को लेकर शिक्षा संकुल और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के पास पहुंचे और ज्ञापन दिया।

ज्ञापन में लिखा है कि नावां पंचायत समिति ब्लॉक बने लगभग 3 वर्ष से भी अधिक का समय हो गया है, लेकिन बड़ा ही खेद का विषय है कि नावा ब्लॉक में अभी तक कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय नहीं खुल पाया है।

जबकि जानकारी के अनुसार जिले के अंदर बहुत से स्थानों पर एक के स्थान पर दो-दो आवासीय विद्यालय खोल दिए गए हैं।

नावा एक उपखण्ड मुख्यालय, तहसील मुख्यालय, विधानसभा क्षेत्र, नगर पालिका के साथ-साथ उत्तर भारत की सबसे बड़ी नमक मंडी व एमरी पत्थर जनक के रूप में अपनी अलग पहचान रखता है।

यहां की आबादी लगभग 30,000 से अधिक व यहां पर नमक व एमरी पत्थर में काम करने वाले कामगारों की संख्या लगभग 50000 से भी अधिक है।

नावां के आसपास के गांवों व ढाणियों की आबादी लगभग 150000 से अधिक है इसके अंदर ज्यादातर जनसंख्या अत्यंत पिछड़े व मजदूर वर्ग की है।

इनके बच्चों के लिए अच्छी गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की आवश्यकता है।

ज्ञापन में बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय खुलवाने के लिए पर्याप्त मात्रा में सरकारी भूमि उपलब्ध हैं, साथ ही इस पुनीत कार्य में यथासंभव सहयोग करने के लिए यहां के भामाशाह भी तत्पर है।

ज्ञापन को लेने के बाद पदेन परियोजना अधिकारी व सहायक निदेशक हरभान मीणा ने आश्वासन दिया कि आपकी जायज मांग को लेकर जल्द ही सरकार से नावां ब्लॉक में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय खुलाने का प्रस्ताव रखेंगे।