PF scam Rajasthan
PF scam Rajasthan

नई दिल्ली।
हाल ही में उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा कर्मचारियों के भविष्य निधि के पैसे को निजी कंपनी में निवेश करने की खबर के साथ ही राजस्थान में हुये पीएफ घोटाले की याद ताजा हो गई। पीएफ के पैसे का एक घोटाला राजस्थान की तत्कालीन कांग्रेस सरकार हो चुका है।

किंतु अभी तक किसी अधिकारी ने इस बारे में एक शब्द नहीं बोला है, न ही कोई जांच करवाई जा रही है। अलबत्ता जो कर्मचारी इससे प्रभावित हुये थे, उनकी भी सुनवाई नहीं होने के कारण ​हताश हैं। इसके चलते सरकार की नीयत पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

दरअसल, राजस्थान में त​ब भी वर्तमान मख्यमंत्री, यानी अशोक गहलोत की कांग्रेस पार्टी वाली सरकार थी। तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार के समय साल 2012—13 में राज्य बिजली कर्मियों के 39.80 करोड़ रुपये दक्षिण भारत की एक कंपनी में लगाये गये थे।

मजेदार बात यह है कि दक्षिण भारत में रजिस्टर्ड उक्त कंपनी में इन्वेस्ट के वक्त राज्य बिजली विभाग के अधिकारियों ने गोवा में जाकर इस बाबत जश्न भी मनाया था। उसके बाद जुलाई 2014 में वह कंपनी दिवालिया होकर खत्म गई और कर्मचारियों का पैसा भी डूब गया।

कंपनी डूबने के बाद कर्मचारियों ने सरकार से खूब मिन्नतें कीं, लेकिन किसी ने सहयोग नहीं किया। जब कहीं पर सुनवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने विद्युत विभाग के मंत्री बीडी कल्ला से संपर्क किया, लेकिन अब कोई इस प्रकरण को लेकर ज्यादा रुचि नहीं ले रहा है।

खास बात यह है कि जब पीएफ का पैसा लगाया गया था, उसके कुछ समय बाद ही राज्य में सत्ता बदल गई थी। फिर वसुंधरा राजे सरकार ने इस मामले में कोई रुचि नहीं ली। अब, जबकि उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों के भविष्य निधि का पैसा दीवान हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में इन्वेस्ट करने का फैसला किया गया है, तब फिर से वह घोटाला याद आ रहा है।

आज की तारीख में लंबे समय से ​बिजली कंपनियों के एमडी आरजी गुप्ता हैं। जबकि उत्तर प्रदेश में एपी मिश्रा बिजली कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। मिश्रा सवालों के घेरे में हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं दे रहा है।