-स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, यानी एसओजी ने किया बड़ा पर्दाफाश

जयपुर।

राजधानी जयपुर के 100 डॉक्टरों से 100 करोड़ रुपए ठगने का मामला सामने आया है। इस बड़े खुलासे का खुलासा किया है।

एसओजी ने गुरुवार को गिरोह का सरगना खुद डॉ राम लखन है, जिसने जयपुर स्थित वर्ल्ड ट्रेड पार्क में दफ्तर खोल रखा है और यहीं से डॉक्टरों को बैंकों से लोन दिला कर उनका पैसा शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करता है।

हर इन्वेस्ट के पीछे ₹10000 से लेकर ₹100000 का मुनाफा कमाने का झांसा भी सभी डॉक्टरों को देखकर पैसा ठगता रहता है।

एसओजी एटीएस के एडिशनल डीजी अनिल पालीवाल ने बताया की बीते दिनों कई डॉक्टरों की शिकायत आई थी, जिसमें उनका बड़ा पैसा ठगने का मामला था।

जिन डॉक्टरों को डॉक्टर राम लखन मीणा ने ठगा है, उनमें कई बड़े नामचीन डॉक्टर भी है। जिन्होंने अपना नाम उजागर करने से मना किया है।

38 वर्षीय डॉ राम लखन बिना डिसानीय की ढाणी जोबनेर का रहने वाला है। उसने नेहा उर्फ रानी जैन, जो कि 23 साल की है, शिव नगर जनता कॉलोनी आदर्श नगर की रहने वाली है और 42 साल के अमित शर्मा, जो कि कीर्ति नगर वीटी रोड स्थित स्काई टेरीसेज में रहता है, को अपना पाटनर बना रखा है।

अनिल पालीवाल ने बताया कि आरोपी डॉक्टर खुद भी डॉक्टर है, इस वजह से बड़े डॉक्टरों के साथ उसकी पुरानी संबंध है। वह शहर के पांच सितारा और 7 सितारा होटलों में बड़ी-बड़ी पार्टियां देकर अपने कारोबार को बढ़ाता है और इन्हीं पार्टियों में अन्य डॉक्टरों को लालच में फंसा लेता है।

उसके गिरोह में शामिल बैंककर्मी और वित्तीय संस्थाओं के पदाधिकारियों के द्वारा बैंकों से भारी ऋण दिलाने का काम करते हैं।

बैंक से मिले लोन को भी वह खुद के कारोबार में इन्वेस्ट करवा देता है और हर महीने ₹10000 से लेकर ₹100000 तक कमाने का झांसा देता है। लोन लिए गए पैसे की मासिक किस्त भी उसी कमाए हुए मुनाफे की रकम में से चुकाने का झांसा देता है।

अच्छी प्रैक्टिस कर रहे डॉ मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में ₹1000000 से लेकर ₹20000000 तक किरण लेकर डॉ राम लखन के द्वारा संचालित कंपनी में दे रहे थे।

जिसमें से डॉक्टर राम लखन मीणा ने डॉक्टर को ₹1000000 से लेकर ₹8000 देने का लालच भी दे रखा है।

एडीजी अनिल पालीवाल ने बताया कि 2 करोड पर लेने वाले को 160000 प्रतिमा का फायदा पहुंचाता है।

कॉल सेंटर पर काम करने वाली नेहा जैन से संपर्क होने के बाद डॉ राम लखन ने उसको भी अपनी कंपनी में पाटनर बना लिया।

1 साल पहले ही विजन एंड एंटर कंपनी खोलकर नेहा जैन को 20% का हिस्सेदार बना लिया। आरोपियों ने डॉक्टरों को फार्मा, माइनिंग और प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट कर देश की प्रसिद्ध फॉर्म भरने का झांसा भी दे रखा है।

डॉ राम लखन डॉक्टरों का आकर्षित करने के लिए मासिक किस्त के अलावा और भी कई अन्य लाभ जैसे आईफोन, महंगी लग्जरी गाड़ियां भी कम ब्याज दर पर दिलवाने का झांसा दे रखा है।

तीनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। एसओजी मुख्यालय में ठगी के शिकार हुए 35 से ज्यादा डॉक्टर पहुंचे और उन्होंने मामला दर्ज करवाया। इसके बाद और भी कई डॉक्टरों ने मुकदमा दर्ज करवाया है।

एसएमएस अस्पताल सहित जयपुर के आसपास से कई निजी बड़े चिकित्सकों के पैसे का भी इन्वेस्ट करवाता है। इस मामले में अधिकांश युवा डॉक्टर हैं, जो या तो डॉक्टर राम लखन के साथ पढ़े हैं या फिर उससे जूनियर है।

आरोपी डॉ राम लखन की बात की जाए तो वह जेएलएन मार्ग स्थित फोर्टिस अस्पताल में काम कर चुका है। आरोपी ने इसी अस्पताल के कई डॉक्टरों को भी ठगी का शिकार बना डाला।

कुछ समय बाद उसने नौकरी छोड़ कर खुद की कंपनी खोली और प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर रितेश ने पिछले माह प्रताप नगर थाने में पहला मामला दर्ज करवाया था।

जब आरोपी का पता चला तो उसने दबाव बनाने के लिए डॉ रितेश के खिलाफ करधनी थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया।

पड़ताल में सामने आया कि डाक्टर राम लखन कई वर्षों से ठगी का कार्य कर रहा था। साल 2017 में शेयर मार्केट का काम करने वाले अमित शर्मा से मुलाकात करने के बाद डॉ राम लखन ने 23 कंपनी खोली थी।

कई डॉक्टर ठगी का शिकार हुए हैं, लेकिन नाम बदनाम होने के डर से सामने नहीं आ रहे हैं डॉक्टरों ने अपना नाम उजागर करने से साफ इनकार कर दिया है।

बहरहाल, एसओजी पूरे मामले की पड़ताल करने में जुटी है और जल्द ही नए खुलासे किए जा सकते हैं।