sms hospital life line (file photo)

—एक अन्य डॉ. प्रभात सराफ व 3—4 फार्मासिस्ट भी दोषी, विभाग ने सार्वजनिक की रिपोर्ट
जयपुर।
बीते दिनों प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल, एसएमएस हॉस्पिटल की लाइफ लाइन में लगी आग के मामले में अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एसएस राणावत, डॉ. प्रभात सराफ और 5 फार्मासिस्टों को दोषी पाया गया है।

बता दें कि डॉ. एसएस राणावत अभी राजस्थान मेडिकल कौंसिल के रजिस्ट्रार हैं। उनको मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माना जाता है।

विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 करोड़ से बड़े घोटाले में आरोपित डॉ. राणावत ने दवा का पूरा रिकॉर्ड ही जला दिया। इस मामले में उनके अलावा चिकित्सक डॉ. प्रभात सराफ भी दोषी पाए गए हैं।

चिकित्सा विभाग ने रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया है। जांच रिपोर्ट कई दिनों से विभाग को मिल चुकी थी, लेकिन खुद चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने अपने स्तर पर फिर से जांच करवाकर रिपोर्ट मांगी थी।

सभी की रिपोर्ट मिलने के बाद डॉ. रघु शर्मा ने कहा था कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकरण की आज जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने के बाद एनएचएम के निदेशक डॉ. समित शर्मा ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट के साथ केंद्र सरकार को लिखा जाएगा।

दवा खरीद के प्रभारी हैं डॉ. राणावत
आपको बता दें कि डॉ. एसएस राणावत न केवल आरएमसी के रजिस्ट्रार हैं, बल्कि एसएमएस अस्पताल में दवा खरीद के प्रभारी भी हैं।

वह बीते लंबे समय पर दवा खरीद के इंचार्ज हैं। डॉ. प्रभात सराफ दवा खरीद के सह प्रभारी हैं।

करोड़ों की दवा जलाई गई थी
घटना के बाद तीन कमेटियां बनाई गई थी। चिकित्सा मंत्री की ओर से बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद सामने आया है कि प्रिंसीपल कमेटी की ओर से बनाई गई रिपोर्ट और मंत्री कमेटी की रिपोर्ट लगभग समान ही थी।

बताया जा रहा है कि इस आग में करीब 5 करोड़ रुपए की दवा के रिकॉर्ड के खाक होने की रिपोर्ट मिली थी।

5 वित्त सलाहकारों वाली हाईपावर कमेटी की जांच
एसएमएस की लाइफ लाइन में 5 करोड़ रुपए का घपला सामने आने की बातें कही जा रही थीं।

जिसकी सही वित्तीय जांच के लिए सरकार ने 5 वित्त सलाहकार वाली जांच कमेटी ने अलग से लाइफ लाइन के ठेके और अस्पताल के बीच हुई शर्तों की जांच की थी।