satish punia
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jhunjhunu/jaipur

भाजपा के अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने अपने शांत स्वाभाव के उलट आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर करारा हमला बोला है। डॉ. पूनिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने चुनाव से पहले किसानों, युवाओं से जो वादा किया, उनको पूरा करने में गहलोत सरकार पूरी तरह नाकाम है, ऐसे में उनको राज करने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार से त्रस्त राज्य की जनता त्राहिमा—त्राहिमाम कर रही है।

डॉ. पूनिया ने सोमवार को झुंझुनूं के मंड़ावा विधानसभा क्षेत्र में 21 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में भाजपा की उम्मीदवार सुशीला सीगड़ा के लिये आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुये राज्य की गहलोत सरकार को आड़े हाथों लिया।

उन्होंने जनसभा में राज्य सरकार की कमियां बताते हुये कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि राज्य में सरकार बहुमत में है और इसके बावजूद खुद मुख्यमत्री गहलोत को भरोसा नहीं है कि उनकी सरकार अपना 5 साल का कार्याकाल पूरा कर पायेगी।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह बात सही है कि हर बाप को अपने बेटे की फिक्र होती है, लेकिन हर बाप अपने बेटे को आरसीए का अध्यक्ष नहीं बनाना चाहता है, क्या कारण है कि गहलोत सभी सीमाएं लांघते हुये अपने बेटे को आरसीए अध्यक्ष बनाने पर तुले रहे? उन्होंने कहा कि सबको पता ही है कि क्रिकेट मालामाल वीकली है।

सवाल करते हुये आमेर विधायक डॉ. पूनिया ने कहा कि क्या कारण है कि अशोक गहलोत ने अपने बेटे को कबड्डी, खो—खो, तीरंदाजी, बैडमिंटन का अध्यक्ष नहीं बनाया? जांच का विषय है कि ऐसा क्या कारण है जो गहलोत का बेटा आरसीए का अध्यक्ष बनने के लिये ही लालायित था?

इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुये डॉ. पूनिया ने कहा कि अशोक गहलोत सरकार को महज 10 माह हुये हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर जारी बहस से साफ हो गया है कि राज्य की जनता उकता गई है, किसान, युवा, जवान सभी परेशान हो चुके हैं, जो जल्द से जल्द इस सरकार से पीछा छुड़ाना चाहते हैं।

उन्होंने दावा किया कि अगर खींवसर और मंड़ावा में कांग्रेस हारती है तो अशोक गहलोत सरकार की सत्ता से विदाई तय है। डॉ. पूनिया ने कहा कि अगर गहलोत को अपनी पार्टी और सरकार पर भरोसा होता तो हाथी की सवारी करने की जरूरत नहीं पड़ती।

डॉ. पूनिया ने दावा किया कि राज्य में जो हालात बने हुये हैं, उससे साफ हो गया है कि वर्तमान अशोक गहलोत सरकार का निकट तय है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से टूटी हुई है, जो कभी भी बिखर सकती है।