satish-poonia bjp
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जयपुर। भाजपा के करीब ढाई महीनें पहले अध्यक्ष बनने के बाद डॉ. सतीश पूनियां ने आज पहली बार राजस्थान विधानसभा में संविधान पर हुई चर्चा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने न केवल संविधान के मूल को समझाया, बल्कि कर्तव्यों को भी बूखबी समझाने का प्रयास किया।

डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि एपीजे अब्दुल कलाम का जब राष्ट्रपति के लिये नामांकन हुआ, तो मूर्हत की बात कहने पर कलाम ने कहा था कि, ‘भारत जैसे देश में पैदा होना ही अपने आप में सबसे बड़ा मूहर्त है।’ भाजपाध्यक्ष ने कहा कि संविधान में दिये गये हमारे अधिकारों और कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाकर देश और प्रदेश के लोकतांत्रिक मूल्यों को जागरुक करके रोपित किया जा सकता है।

उन्होंने मुगलों और अंग्रेजों से आजादी की बात याद करते हुये कहा कि किसी एक दल या व्यक्ति ने देश को आजादी नहीं दिलवाई थी, बल्कि देश के प्रत्येक व्यक्ति ने अपने अपने हिस्से का बलिदान दिया था।

उन्होंने कहा​ कि यदि कोई यह दावा करता है कि आजादी उनके दल या नेता ने दिलवाई है, तो याद रखें किसी एक दल या उनके नेता ने देश को आजाद नहीं करवाया। इस मौके पर उन्होंने महात्मा गांधी को भी याद किया।

इसके साथ ही डॉ. पूनियां ने भगवान राम और कृष्ण को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जितनी विभिन्नताओं वाला भारत है, दुनिया में इतनी विभिद्ताओं वाला दूसरा कोई देश नहीं है। लोकतंत्र को याद करते हुये उन्होंने आधुनिक भारत की उपलब्धियों को सबसे बड़ी ताकत बताया।

इस मौके पर सदन की चर्चा में हिस्सा लेते हुये उन्होंने भीमराव अंबेडकर, सरदार बल्लभ भाई पटेल, नेहरू, राजेंद्र प्रसाद समेत राजस्थान के 12 जनों को भी याद किया, जिन्होंने संविधान निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी।

एक मजबूत और परिपक्त नेता की तरह डॉ. पूनियां ने पहली बार पार्टी अध्यक्ष के तौर पर सदन में बोलते हुये न केवल अपने अधिकारों का ठीक इस्तेमाल किया, बल्कि उन्होंने विपक्ष के सदस्यों को भी हिदायत और सीमाओं में रहने का पाठ पढ़ाया।

बीच में टोकने वाले कांग्रेस के विधायक राजेंद्र गुढ़ा को डॉ. पूनियां ने परोक्ष तौर पर अपनी सीमाओं में रहने और कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की सीख भी महात्मा गांधी के सदन में लिखित शब्दों के माध्यम से दी।

इसके साथ ही आरक्षण कभी खत्म नहीं होने का विश्वास भी सदन को दिलाया और प्रधानमंत्री मोदी का ईडब्ल्यूएस के आरक्षण का श्रेय भी दिया। इस अवसर पर पूर्व में कांग्रेस सदस्यों द्वारा आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने वालों को करारा जवाब देते हुये भाजपाध्यक्ष ने कहा कि आरएसएस वही संस्था है जिसपर कांग्रेस ने प्रतिबंद लगाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा पाक साफ करार देते हुये प्रतिबंद हटाया।

उन्होंने कहा कि आज के दिन यदि सदन के सदस्य आरएसएस और पीएम मोदी पर छींटाकसी नहीं कर केवल संविधान और उसमें दिये गये कर्तव्यों पर बात करते तो अधिक सुनहरा होता। इसके साथ ही डॉ. पूनियां ने इशारों में कहा कि कांग्रेस वैचारिक तौर पर भारत से विदा हो चुकी है, और अगर अब भी सुध नहीं ली तो पूरी तरह से समाप्त हो जायेगी।