jard strike in sms medical college (File photo)
jard strike in sms medical college (File photo)

एसएमएस मेडिकल कॉलेज के संबद्ध अस्पतालों में रेजिडेंट हड़ताल का आज तीसरा दिन

जयपुर।
सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज (SMS मेडिकल कॉलेज) से संबद्ध सभी सातों मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टर आज तीसरे दिन भी हड़ताल पर हैं। देर रात 9 बजे से एक बजे तक चली वार्ता बेनतीजा रहने के कारण रेजिडेंट डॉक्टर्स में रोष है।

जार्ड (Jard) की चार में से तीन मांगे मान ली गई हैं, अधीक्षक को हटाने के लिए पांच सदस्य कमेटी बनाई गई है, लेकिन हड़ताल फिर भी खत्म नहीं हुई है। आज इस हड़ताल में राजस्थान यूनिवर्सिटी Of हैल्थ सांइस (RUHS) के रेजिडेंट भी हड़ताल में शामिल हो सकते हैं।

आज सुबह मीटिंग के बाद आरचूएचएस के रेजिडेंट्स ने भी ज्ञापन देकर चेतावनी दे दी है। आरयूएचएस सीएमएस रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद महला ने बताया कि यदि एसएमएस मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट्स की ओर से कॉल होगी, आज शाम से हड़ताल में शामिल हुआ जा सकता है।

बहरहाल, जार्ड अध्यक्ष डॉ. विजय चौधरी के मुताबिक एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े करीब 2500 डॉक्टर्स ने काम छोड़ रखा है। हजारों मरीज समय पर इलाज नहीं मिलने से परेशान हैं, और सैकड़ों आॅपरेशन टाल दिए गए हैं।

रात को 9 से एक बजे तक कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंड़ारी के साथ बातचीत में कोई निर्णय नहीं हो पाया। खबर लिखे जाने तक जीबीएम मीटिंग चल रही थी, संभावना है कि इसके बाद आज कॉलेज प्रशासन के साथ चौथे दौर की वार्ता हो सकती है।

यह है मांगे, तीन मांगे मानी, एक पर फैसला आज

जार्ड की मांग है कि कावंटिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. लिनेश्वर हर्षवर्धन को हटाया जाए, वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, फिजिकली फिट गार्ड या बाउंसर तैनात किए जाएं और आरोपियों के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

इनमें से पहली मांग को छोड़कर सभी मांगे मान ली गई है। अधीक्षक को हटाने के लिए अतिरिक्त प्राचार्य की अध्यक्षता में पांच सदस्य कमेटी बनाई गई है, उसके बाद फैसला किया जाएगा।

रेशमा लागू नहीं कर सकती सरकार

लोकसभा चुनाव की आचार संहिता भी लगी हुई है। इसके चलते सरकार के मंत्री कोई बात नहींं कर पा रहे हैं। सरकार के पास सत्ता की शक्ति नहीं है, और इधर, निर्वाचन विभाग की तरफ से इस मामले में कोई वार्ता नहीं हुई है। ऐसे वक्त में सरकार रेशमा लागू नहीं कर सकती।