ये 7 डॉक्टर कांग्रेस से उतरेंगे ‘चुनावी महाभारत’ के मैदान में

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-राजस्थान के 7 डाक्टरों की धकडन तेज।

रामगोपाल जाट।

राजनीति में राजनेताओं के अलावा ब्यूरोक्रेट्स, जिनमें आईएएस और आईपीएस अधिकारी कई बार अपना भाग्य आजमा के रहते हैं।

लेकिन इनके अलावा प्रदेश की राजनीति में पेशे से चिकित्सक विशेषज्ञ भी अपनी अहम भूमिका निभाते रहे हैं। इस बार भी कुछ चिकित्सक मैदान में उतरने को बेताब हैं।

राजस्थान विधान सभा चुनाव के लिए जैसे-जैसे कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची जारी होने का समय नजदीक आ रहा है, वैसे ही प्रदेश के 7 डाक्टरों की धकडन काफी तेज हो गयी हैं।

राज्य के 7 चिकित्सक कांग्रेस के टिकट पर अपने अपने क्षेत्र की सेवा करने के लिए तत्पर होने का दावा कर रहे हैं। इनमें से 5 चिकित्सक मौजूदा समय भी राजनीतिज्ञों के रूप में भी जन सेवा कर रहे हैं, बाकी दो चिकित्सक पहली बार विधायक बनकर जनता की सेवा करने के लिए टिकट का इंतजार कर रहे हैं।

ये 7 चिकित्सक हैं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान, जाने माने हद्रय रोग चिकित्सक अलवर सांसद डॉ. करण सिंह यादव, पूर्व केबीनेट मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक डॉ. चन्द्रशेखर बैद, डॉ. प्रहलाद रघु, डॉक्टर आंदोलनों से राज्य की भाजपा सरकार की नाक दम करने वाले राज्य के सेवारत चिकित्सकों के अध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी के अलावा जयपुर मानसरोवर स्थित साकेत अस्पताल के अधीक्षक डॉ. ईश मुंजाल भी अपनी अगली पारी की बेटिंग करने के लिए उतावले हैं।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मंत्री डॉ. चन्द्रभान अपनी परम्परागत सीट मालपुरा से चुनाव लडने के लिए तैयार हैं, लेकिन कांग्रेस द्वारा इस बार तय किए गए टिकट देने के मापदंड आडे आ रहे हैं।

बावजूद इसके राजनीतिक क्षेत्र में उम्मीद की जा रही है कि डॉ. चन्द्रभान तय दायरे को लांघकर कर जाएंगे और अपनी पारी को फिर से शुरू करने के लिए जनता के बीच जल्द नजर आयेंगे।

अलवर उप चुनाव में दुबारा सांसद बने सवाई मान सिंह अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. करण सिंह यादव पार्टी आलाकमान से मुँडावर से विधानसभा चुनाव लडने की पेशकश कर चुके हैं।

हालांकि अभी तक आलाकमान ने अभी तक 72 वर्षीय डॉ. यादव को हरी झंडी नहीं दिखायी है, जिसके चलते वे कांग्रेस की पहली सूची बाहर आने का बेताबी से इंतजार कर रहे हैं।

सरकारी सेवा में रहते हुए सेवारत चिकित्सकों की मांगों को लेकर बीते 3 साल से लगातार भाजपा सरकार को घेरते रहे राज्य के सेवारत चिकित्सकों के अध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी चूरु जिले की रतनगढ़ सीट से राजनेता के रूप में टिकट पाने के लिए उतावले हैं।

डॉ. चौधरी अपने सरकारी कार्यकाल में चिकित्सा क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय कार्यों एवं आन्दोलन के माध्यम से सेवारत चिकित्सकों को दिलाये गये उनके अधिकार और फायदों का हवाला देते हुए कांग्रेस से टिकट की मांग कर रहे हैं।

बताया जाता है कि रतनगढ़ क्षेत्र में उनकी प्रभावी पकड़ और राज्य भर के चिकित्सकों और कर्मचारियों से जुड़ाव उनकी दावेदारी को मज़बूत बना रहा है।

इधर, मीडिया मित्रवत माने जाने वाले साकेत अस्पताल के अधीक्षक डॉ. ईश मुंजाल सांगानेर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने कहा दिया है कि वह कांग्रेस के टिकट पर ही मैदान में उतरेंगे।

अशोक गहलोत के पूर्व मुख्यमंत्रीकाल में प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में चिकित्सा क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करके अपनी पहचान बनाने वाले डॉ. ईश मुंजाल क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड और सांगानेर क्षेत्र में सिंधी पंजाबी मतदाताओं के दम पर टिकट की दौड में शामिल हैं।

पेशे से चिकित्सक पूर्व केबीनेट मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह खेतड़ी और पूर्व विधायक डॉ. चन्द्रशेखर बैद भी तारानगर से एक बार फिर चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।

डॉ. सिंह और डॉ. बैद विधानसभा में पहुंचने के लिए उच्चकमान की मंजूरी का बेताबी से इंतजारी कर रहे हैं। डॉ. सिंह अपने पूर्व के कार्यकाल और डॉ. बैद अपने बेबाक जवाबों के बल पर फिर से चुनाव मैदान में उतरना चाहते हैं।

डॉ. प्रह्लाद रघु साल 2013 में बगरू विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन वह बीजेपी के कैलाश वर्मा के सामने हार गए थे। डॉ. रघु एक बार फिर से टिकट के लिए दम लगा रहे हैं।

ये डॉक्टर टिकट मांग रहे हैं, लेकिन कांग्रेस सभी 7 चिकित्सकों के भावी राजनीतिक भविष्य को लेकर क्या फैसला करती है, इसका फैसला आज नहीं तो कल, हो ही जाएगा।

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