जयपुर/श्रीगंगानगर।

राजस्थान सरकार द्वारा किसानों की कर्जमाफी का दावा एक बार फिर झूठा साबित हो गया, जब गुरुवार को और किसान ने कर्ज के बोझ के तले दबकर सुसाइड कर लिया।

राज्य के श्रीगंगानगर जिले में कर्ज से परेशान होकर एक कृषक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। जिले के जैतसर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुरा गांव के रहने वाले अन्नदाता नेतराम ने राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से 396947 का कर्ज ले रखा था।

कर्ज के चलते नेताराम कई दिनों से काफी परेशान था। राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक का कर्ज वापस नहीं करने के कारण उसको बैंक की ओर लोन चुकाने के लिए काफी समय से फोन कर धमकाया जा रहा था।

जहर खाने वाले किसान नेतराम के घरवालों ने बैंक कर्मियों पर आरोप लगाए हैं कि कर्ज चुकाने के लिए नेतराम को बार बार नोटिस भेजा जा रहा था और उसको फोन कर लगातार परेशान किया जा रहा था।

इसके कारण मृतक किसान नेतराम कई दिनों से भयंकर तनाव में था। लोन से परेशान कृषक नेतराम ने रात को खेत में पहुंचकर कीटनाशक खा लिया, जिससे उसकी वहीं पर मौत हो गई।

नेतराम के भाई मदननाथ ने बताया कि उसको राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक की शाखा श्रीविजयनगर के अधिकारियों द्वारा कई दिनों कर्ज वसूली के लिए फोन किये जा रहे थे।

जिसके कारण वह काफी तनाव में था। बीती रात को करीब 11:30 बजे खेत में जाकर दीमक को खत्म करने के लिये दिया जाने वालो स्प्रे का पी लिया, जिससे उसकी वहीं पर मौत हो गई।

इधर, बैंक के मैनेजर जगरूप सिंह ने बताया कि कर्ज की वसूली के लिए किसान नेताराम को परेशान नहीं किया गया है। मैनेजर जगरूप सिंह ने बताया कि किसान के पर 396947 का कर्ज बकाया है।

मैनेजर के अनुसार उसका खाता अगस्त में ड्यू हो रही था। घटना के बाद जैतसर थाना अधिकारी विजय सिंह ने मृतक किसान के गांव रघुनाथपुरा में किसान के खेत पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की प्राथमिक पड़ताल की और मृतक नेतराम का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

आपको बता दें कि गंगानगर में लोन से परेशान यह दूसरी मौत है। कर्जमाफी के दावे के बाद भी कर्ज से परेशान अन्नदाता की आत्महत्या ने सरकार के दावों पर कई सवाल खड़े कर दिये हैं।

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि राज्य सरकार की कर्ज माफी का वादा झूठा है। सरकार के झांसे में आकर अब तक कई किसानों ने तनाव में सुसाइड कर लिया है।

इधर कृषकों के कर्ज को लेकर राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के अधिकारी लोन नहीं चुकाने के कारण किसानों की जमीनें कुर्क करने में लगे हुए हैं। जिसके चलते किसान तनाव में आकर सुसाइड कर रहे हैं।