—दो दिन पहले गुर्जरों के साथ हुई वार्ता में हुआ समझौता, बदले में आरक्षण के लिए आंदोलन नहीं करेंगे गुर्जर

jaipur
कुछ दिनों पहले करौली में महिलाओं को निवस्त्र कर घुमाने वाले डकैत जगन गुर्जर का राजस्थान सरकार एनकाउंटर नहीं करेगी। इसके बदले में राज्य के गुर्जर भी आरक्षण के लिए आंदोलन नहीं करेंगे।

विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि दो दिन पहले सचिवालय में गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला गुट के साथ राजस्थान सरकार की वार्ता के वक्त यह समझौता हुआ है।

हालांकि, इसके बदले गुर्जरों को भी आंदोलन से पीछे हटना होगा। गौरतलब है कि बीते दिनों ही गुर्जरों ने 5 प्रतिशत आरक्षण का पेंच फंसा होने के कारण फिर से सड़कों पर उतरने का निर्णय किया था।

सूत्रों का कहना है कि गुर्जर समाज पर राज्य सरकार के बीच बातचीत में यह फैसला किया गया है कि 250 से ज्यादा जवानों को डांग क्षेत्र में लगा चुकी सरकार अब डकैत जगन गुर्जर का आरक्षण नहीं करेगी।

गौरतलब ​है कि पिछले दिनों ही संसद में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मांग की थी, कि राज्य में आतंक का पर्याय बन चुके डकैत जगन गुर्जर के पुलिस गिरफ्त में नहीं आने पर उसका एनकाउंटर कर क्षेत्र में शांति स्थापित की जाए।

इसके साथ ही बेनीवाल ने यह भी कहा था कि उसके साथी डकैतों को पकड़कर नागरिकों की मुख्यधारा में लौटने का विकल्प देने की भी मांग की थी।

हनुमान बेनीवाल के द्वारा संसद में एनकाउंटर की मांग करने के बाद सोशल मीडिया पर गुर्जर समाज के कुछ उत्साही युवाओं बेनीवाल को खूब भला बुरा कहा गया है।

आपको याद दिला दें कि कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल का एनकाउंटर करने के लिए भी हनुमान बेनीवाल ने विधानसभा में सरकार से लगातार दो—तीन साल तक मांग की थी। उन्होंने सरकार के मंत्री रहे यूनुस खान और राजेंद्र ​राठौड़ पर आनंदपाल से मिले होने के आरोप लगाए थे।

सरकारी सूत्रों को दावा है कि हनुमान बेनीवाल को कमजोर करने और सचिन पायलट के साथ पटरी बिठाकर सरकार को पूरी तरह से काम करने के समक्ष बनाने के लिए ही अशोक गहलोत सरकार ने यह निर्णय लिया है।

याद दिला दें कि लोकसभा चुनाव में जोधपुर से अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत ने चुनाव लड़ा था। उनके खिलाफ हनुमान बेनीवाल ने गजेंद्र सिंह शेखावत के पक्ष में प्रचार किया, जिसके चलते वह करीब 3.74 लाख वोटों से हार गए थे।

जगन गुर्जर के एनकांउटर की मांग करने के कारण गुर्जर समाज के युवाओं के निशाने पर आने के कारण अब अशोक गहलोत​ के पास इस बात का हनुमान बेनीवाल से लोकसभा चुनाव की हार का बदला देने का मौका मिला है, जिसको गहलोत किसी भी सूरत में चूकना नहीं चाहते हैं।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि चंबल के क्षेत्र में, जहां पर डकैत जगन गुर्जर के छिपे होने की संभावना है, वहां पर पुलिस की कार्रवाई नरम पड़ चुकी है, जिससे साफ है कि यह समझौता लागू हो चुका है।