बारां में दो नाबालिगों के साथ दो परिचित तीन दिन तक रेप करते रहे

बारां में दो नाबालिगों के साथ दो परिचित तीन दिन तक रेप करते रहे

जयपुर। उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुआ मामला शांत भी नहीं हुआ था कि राजस्थान के बारां से 2 नाबालिग बहनों के साथ दो परिचितों द्वारा सामूहिक बलात्कार किए जाने के समाचार सामने आये हैं। परिचित आरोपी पहले लड़कियों को बहला फुसलाकर साथ ले गए। और फिर उनके साथ तीन दिन तक अलग-अलग शहरों में उनके साथ बलात्कार किया। यह घटना तब और भी ज्यादा गंभीर हो गई, जब स्थानीय पुलिस पर एक आरोपी को थाने से छोड़ने का आरोप लगाया गया। लड़कियों का परिवार इंसाफ मांग रहा है, किंतु पुलिस कुछ और ही कहानी बता रही है।

बारां जिले की रहने वाली दोनों नाबालिगों ने आरोप लगाया कि उनको झांसा देकर दो लड़के अपने साथ पहले कोटा ले गए, जहां पर उनके साथ रेप किया। इसके बाद जयपुर ले गये और वहां पर बलात्कार करने के बाद उनको अजमेर ले गये। लड़कियों ने कहा है कि उनके साथ लड़कों ने तीन दिन तक लगातार बलात्कार किया।

इधर, जिले के पुलिस अधीक्षक रवि सभरवाल कहते हैं कि पीड़ित इन लड़कियों को बरामद कर मजिस्ट्रेट के सामने बयानों हेतु पेश किया था, जहां मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के बयानों में लड़कियों ने बलात्कार जैसी कोई बात नहीं कही है। उन्होंने कहा था कि वे अपनी मर्जी से ही लड़कों के साथ गई थीं, क्योंकि उनके घरवाले उनके साथ मारपीट करते थे और बाहर घूमने नहीं जाने देते थे।

घटना बारां में 18 सितंबर की है। उसी रात दो नाबालिग बहने अपने घर से गायब हो गई थीं। अगले दिन उनके पिता ने पड़ोस में रहने वाले दो जानकार लड़कों पर उनकी नाबालिग लड़कियों को भगाने का मुकदमा दर्ज करवाया। लड़के और लड़कियों की फोटो फेसबुक पर पोस्ट किए गये, जिनके आधार पर पिता पुलिस को साथ लेकर कोटा पहुंचे, जहां से 21 सितंबर को दोनों लड़कियां बरामद की गईं।

यह भी पढ़ें :  पूरे राजस्थान में केवल 7 जगह होती है स्वाइन फ्लू की जांच, कैसे हो नियंत्रित

इसके बाद पुलिस ने दोनों को बारां में जिला मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। जहां पर दोनों के 164 के बयान दर्ज किये गये। दोनों ने लड़कों के साथ अपनी ही मर्जी से जाने का की बात कही। साथ ही उन्होंने माता-पिता पर मारपीट का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस द्वारा दोनों लड़कियों को सखी केंद्र भेज दिया गया। इसके 4 दिन बाद लड़कियों को परिजनों को सौंप दिया गया।

इधर, लड़कियों के वापस घर आने के बाद दोनों नाबालिगों ने आरोप लगाया है कि आरोपी लड़के उन्हें बहला फुसलाकर कोटा, जयपुर और फिर अजमेर ले गए, जहां पर उनका बलात्कार किया गया। लड़कियों ने कहा है कि तीन दिन तक उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोप लगाया कि उनका रेप करने में उनके साथ दो-तीन लड़के और भी शामिल थे। लड़कियों ने कहा है कि पुलिस के सामने कुछ बोलने पर आरोपियों ने उनको जान से मारने की धमकी दी थी।

उधर, बयानों के बाद आरोपियों को पुलिस ने थाने से ही छोड़ दिया। नाबालिग लड़कियों के पिता का कहना है कि वो खुद गाड़ी कर पुलिस के साथ गया था। अब पीड़ित लड़कियों का पिता इंसाफ मांग रहा है। पीड़ित बहनों की उम्र 13 वर्ष और 15 वर्ष है। बहनों का आरोप यह भी है कि उनको सखी केंद्र में भी डराया—धमकाया गया। पीडित लड़कियों के पिता मुताबिक उनकी बेटियों के साथ बलात्कार हुआ है, किंतु पुलिस ने आरोपियों को छोड़ दिया।

इधर, मामला बढ़ता देख राजस्थान पुलिस ने बारां जिले में 2 नाबालिग लड़कियों के साथ रेप किए जाने के आरोपों का खंडन किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों बालिकाओं ने अपने 164 के बयानों में साफ कहा कि उनके संग कोई रेप नहीं हुआ। नाबालिगों की मेडिकल जांच में भी रेप की पुष्टि नहीं हुई है।

यह भी पढ़ें :  अधिकारों को लेकर राजस्थान पुलिस महकमे में ठनी

कहा यह भी जा रहा है कि लड़कियों के पिता द्वारा घूमने के बहाने नाबालिगों ने बाहर निकलने में कामयाबी पाई। बाद में दोनों परिचित लड़कों के साथ चली गईं। पहले सखी केंद्र में यही बात बताई गई। किंतु जैसे ही घर पहुंची तो लड़कियों ने अपने बयान बदल दिये। पुलिस ने भी यही कहा है कि उनके साथ कोई दरिंदगी नहीं हुई, लड़कियां अपनी मर्जी से ही लड़कों के साथ गई थीं।