राजस्थान: आईएएस-आईपीएस और जजों ने कब्जा रखी थी 1200 बीघा भूमि, कोर्ट के आदेश पर वन विभाग ने खाली कराई

जयपुर।
कहते हैं ‘जब बाड़ ही खेत को खाने लगे तो फिर बचाने वाला कौन आएगा?’ यह कहावत राजस्थान के अधिकारियों पर सटीक बैठ रही है। राज्य के जिम्मेदार अधिकारियों और जजों के पदों पर बैठे जिम्मेदारों के द्वारा 1200 बीघा जमीन कब्जाई हुई थी, जिसको आज वन विभाग ने खाली करा ली है।

राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद आज नाहरगढ जंगल से अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया है। वन विभाग की बेसकीमती भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट ने वन विभाग को फटकार लगाते हुए अवैध अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटाने के आदेश दिए थे।

जिसके बाद आज वन विभाग की टीम नें विश्वकर्मा इलाके में स्थित आकेड़ा डूंगर गांव और उसके आस-पास में करीब 1200 बीधा वन विभाग भूमि को अतिक्रमण हटाकर मुक्त किया गया है।

wp 1593407864422आपको बता दें कि करीब 1200 बीधा जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर फार्महाऊस बनाए गए थे। जानकारों का कहना है कि जमीन अतिक्रमण से मुक्त करवाने के लिए एक कार्यकर्ता को कोर्ट की शरण में जाना पड़ा।

बाद में कोर्ट के आदेश को भी अधिकारियों और सरकार ने धत्ता बता दिया था, लेकिन अवमानना को नोटिस जारी होने के बाद आज उच्च स्तरीय आदेश जारी कर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने आज इस अतिक्रमण को हटाया है।

इस अतिक्रमण को हटाने के लिए करीब 6 से ज्यादा स्ट्रेक्चर्स को बुल्डोजर की मदद ली गई है। उप वन संरक्षक सुदर्शन शर्मा के नेतृत्व वन विभाग और हरमाड़ा थाना पुलिस की टीम ने कार्यवाही को अंजाम दिया है।

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यह भी बताया जा रहा है कि राजस्थान हाईकोर्ट में ही एक सीटिंग जज के अलावा कई आएएस और आईपीएस अधिकारियों ने इस जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण कर अपने—अपने फार्म हाउस बना लिये थे। जिसको लेकर मामला हाई कोर्ट की मुख्य बैंच के पास चला गया था।