रेप प्रमोशन करता TikTok, धार्मिक उन्माद, एसिड अटैक, जीव हत्या और लव जिहाद को प्रमोट कर चुका है

नेशनल दुनिया, नई दिल्ली।

चीन के द्वारा हाल ही में कोविड-19 का वायरस फैलाए जाने के आरोप के कारण पूरी दुनिया में बदनामी झेल रहे चीन के लोगों और उसके समर्थकों के लिए टिकटोक भी परेशानी का कारण बनता हुआ नजर आ रहा है।

टिक टॉक पर भारत में, पाकिस्तान में, बांग्लादेश में और खुद चाइना में भी ऐसे वीडियोस बनाकर डाले जा रहे हैं, जिसमें अपराध को प्रमोट किया जा रहा है।

सबसे पहले टिक टॉक पर उस वीडियो को लेकर बैन करने की आवाज उठी जिसमें कुछ मुस्लिम समुदाय के संभवत नाबालिक दिखाई देने वाले उम्र के लड़कों के द्वारा हिंदू धर्म के खिलाफ जहर उगला गया।

उसके दूसरे ही दिन एक मुस्लिम युवक के द्वारा एक लड़की पर एसिड अटैक करते हुए उस को प्रमोट करते हुए वीडियो डाला गया। बताया जा रहा है कि टिक टॉक पर उस लड़के के करीब डेढ़ करोड़ फॉलोअर्स हैं।

तीसरे ही दिन, यानी सोमवार को एक बार फिर से कुछ मुस्लिम युवकों के द्वारा एक दिल्ली को फांसी पर लटकाए जाने और दूसरे जानवरों के साथ कातिलाना व्यवहार किए जाने का वीडियो फिर से सुर्खियां बना।

लगातार तीन दिन से यह विवादित हम ही नहीं रहे थे कि आज एक बार फिर से दो युवकों के द्वारा रेप किए जाने का वीडियो डाल कर सनसनी फैला दी गई है।

इस वीडियो को प्रमोट कर रहा है टिक टॉक।

इस वीडियो में दो लड़के हैं जो कथित तौर पर एक लड़की का रेप करते हैं और उसके बाद विजयी मुद्रा में कपड़े पहन रहे हैं, यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

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इसी तरह से हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उनको मुस्लिम बनाए जाने के भी कई वीडियो टिक टॉक पर वायरल हो रहे हैं। टिक टॉक इनको भी प्रमोट कर रहा है।

इस तरह के काफी वीडियोस टिक टॉक पर सामने आने के बाद अब भारत में तेजी से टिक टॉक को बैन किए जाने की मांग उठने लगी है। ट्विटर पर टिक टॉक को बैन किए जाने को लेकर टॉप 10 ट्रेंस में तीन जगह पर पिछले कई दिनों से केवल टिकटोक बैन हेस्टैक के साथ वायरल हो रहा है।

एक और यहां पर उल्लेखनीय बात यह है कि टिकटोक यूजर्स के द्वारा यूट्यूब यूजर्स को गालियां दिए जाने और उनको असंगठित बताए जाने के बाद यूट्यूब के यूजर्स और टिक टॉक के यूजर आमने-सामने हो गए हैं।

गौरतलब है कि करीब 1 साल पहले मद्रास हाई कोर्ट की तरफ से देश में टिक टॉक को बैन कर दिया गया था। तब मद्रास हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि इस एप्लीकेशन को परमानेंट बैन किया जा सकता है क्या? बाद में इसको फिर से यूजर्स के लिए खोल दिया गया।

चीन का यह एप्लीकेशन पिछले करीब 1 सप्ताह से गिरती हुई रेटिंग का सामना कर रहा है। जहां नियमित तौर पर इसकी रेटिंग 4.7 हुआ करती थी वह गिरकर अब केवल 2 रह गई है।

टिक टॉक के द्वारा भारत के यूजर का डाटा चुरा कर उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने और चीन के द्वारा भारतीय सुरक्षा में सेंध किए जाने क्या आरोप भी लगते रहे हैं। बावजूद इसके अभी तक भारत सरकार ने इस एप्लीकेशन को बैन नहीं किया है।

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