मंत्री-विधायकों के कॉल टैप करने वाली Ashok Gehlot की पुलिस 60 घंटे बाद भी तेजाब डालने वाले अपराधियों की कॉल डिटैल नहीं जुटा पाई

—चाकसू के तीतरिया गांव में पंचायत चुनाव प्रत्याशी सुरज्ञान देवी के बेटे पर तेजाब फैंकने वालों तक नहीं पहुंच पाई शिवदासपुरा थाना पुलिस
जयपुर।
जुलाई-अगस्त के दौरान जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री Sachin pilotके बीच राजनीतिक युद्ध के दौरान अपनी ही सरकार के मंत्रियों और विधायाकों की Phone taping करने के मामले को लेकर घिरी Ashok gehlot की पुलिस 60 घंटे बीतने के बाद भी अपराधियों की फोन Call Detailजुटाने में पुरी तरह से नाकाम साबित हुई है।

राजधानी Jaipur के पास चाकसू विधानसभा क्षेत्र, जो कि Sachin pilot के करीबी विधायक वैदप्रकाश सोलंकी का निर्वाचन क्षेत्र है, यहां पर शनिवार को पंचायत के चुनाव थे। इस दौरान यहां के तीतरिया ग्राम पंचायत में Sarpanch पद की उम्मीदवार सुरज्ञानी देवी के जवान बेटे मुकेश मीणा पर रात को अंधेरे में किसी ने तेजाब डाल दिया, जिसमें उसकी छाती और पेट बुरी तरह से झुलस गया।

इसके चलते पीड़ित की आवाज भी गायब हो गई। परिजनों का कहना है कि उसको मुकेश मीणा को किसी ने फोन कर वोट मांगने के लिये बुलाया था, लेकिन तेजाब डाल गये।

परिजनों ने बताया है कि आरोपी कौन हैं, इस बारे में अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी तफ्तीश चल रही है, यानी 60 घंटे बीतने के बाद भी केवल पड़ताल जारी है, अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। इधर, पंचायत के चुनाव में 13 उम्मीदवारों के भाग्य के फैसला शनिवार को हुई वोटिंग में हो चुका है।

परिजनों ने बताया है कि शुक्रवार की रात को करीब 12.30 बजे किसी ने वोट मांगने के बहाने बुलाया और मोटरसाइकिल पर सवार आरोपी अभिनव विहार की तरफ वाले खेतरपालों के रास्ते में मुकेश पर तेजाब डालकर भाग गये। डॉक्टर्स ने शुरुआत में बताया कि मुकेश 15 फीसदी झुलस गया है, जिसका उपचार जारी है।

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सुरज्ञानी देवी हार चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव ही एकमात्र कारण होगा, यह कहना मुश्किल है, हो सकता है पहले से ही कोई रंजिश हो। पीड़ित मुकेश का सवाई मानसिंह अस्पताल में उपचार चल रहा है।

डॉक्टर्स का कहना है कि हालत गंभीर है, क्योंकि उसके गले, पंसलियों और को भयंकर नुकसान हुआ है, जिसके चलते वह बोल भी नहीं पा रहा है। यही कारण है कि पता नहीं चल रहा है कि तेजाब डालने वाले आरोपी कौन हैं। दूसरी ओर गांव में अजीब सा सन्नाटा है, जहां पर लोग किसी आने वाले भय में जी रहे हैं।

यहां पर सवाल यह उठता है कि आखिरी पुलिस, जो कि मंत्री, विधायक और किसी भी व्यक्ति की कॉल डिटैल जुटाने में पल भर लगाती है, वह 60 घंटे पूरे होने पर भी खाली हाथ क्यों है? सवालों से घिरी शिवदासपुरा पुलिस के इंचार्ज इंद्राज मरोडिया का कहना है कि जांच जारी है, अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं।