नई दिल्ली।

करीब 10 साल पुरानी समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामले में आज पंचकूला की एनआईए अदालत ने मुख्य आरोपी असीमानंद समेत चार जनों को बाइज्जत बरी कर दिया।

इस मामले में कोर्ट ने सबूतों के अभाव में फैसला सुनाते हुए कहा कि इन आरोपितों के खिलाफ ऐसा कोई भी मामला बनता हुआ नजर नहीं आ रहा है, जिससे यह साबित हो कि समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में इनका हाथ था।

कोर्ट ने चार आरोपियों असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी को बरी कर दिया। इस मामले में 8 आरोपी थे, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है, और 3 को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है

कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने ट्वीट करके कहा है कि यूपीए सरकार का एक और झूठ आज अदालत में पकड़ा गया।

आपको बता दें कि इस मामले के बाद भारत की राजनीति में कांग्रेश के द्वारा एक नया शब्द गढ़ा गया था, जिसका नाम था हिंदू आतंकवाद।

हिंदू आतंकवाद को प्रमुखता से प्रचारित करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने तब जमकर हिंदू संगठनों पर हमला किया था।

असीमानंद को पकड़े जाने के बाद कांग्रेसी इस मामले को हमेशा प्रमुखता से उठाई और कहा कि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता है, यह किसी भी धर्म में हो सकते हैं।

आज कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस की बात झूठी साबित हो चुकी है, क्योंकि अभी तक एक भी हिंदू धर्मावलंबी को आतंकवाद में लिप्त नहीं पाया गया है।

आपको बता दें कि आतंकवाद को लेकर देश दुनिया में एक बहस छिड़ी हुई है। अलग-अलग धर्मों के लोग अलग-अलग तरह से इसकी व्याख्या करते हैं।

कुछ लोग, जो खुद को सेकुलर कहते हैं वह आतंकवाद का किसी भी धर्म से कोई संबंध नहीं बताते हैं, लेकिन यह बात हुई सत्य है कि दुनिया में जितने भी आतंकवादी पकड़े जाते हैं, खासतौर से भारत में उनमें अधिकांश एक ही धर्म को मानने वाले होते हैं।

करीब 10 साल पहले कांग्रेस के द्वारा हिंदू धर्म और हिन्दू संगठनों को बदनाम करने के लिए गढ़ा गया “हिन्दू आतंकवाद” का शब्द आज ढह गया है।

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