नई दिल्ली।

जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में के अवंतीपुरा में एक फिदायनी आदिल मोहम्मद डार द्वारा सीआरपीएफ के काफिले पर किये गए आत्मघाती हमले में शहीद हुए 40 जवानों को कल ही मुखाग्नि दी गई है।

इस बात को लेकर अभी 24 घंटे भी नहीं बीते हैं कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने अपना असली रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अलगाववादी नेताओं की आज सरकार द्वारा सुरक्षा और सुविधाओं को छीनने के बाद कांग्रेस के पेट में मरोड़ तेज़ हो गई है।

जम्मू कश्मीर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज ने कहा है कि अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा और सुविधाएं छीनकर मोदी सरकार ने अच्छा काम नहीं किया है, इससे घाटी में अमन और शांति में विरोध पैदा होगा।

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इसके साथ ही कांग्रेसी नेता ने कहा है कि हुर्रियत के किसी भी नेता या किसी भी कार्यकर्ता का कभी भी किसी हिंसात्मक घटना में हाथ नहीं रहा है, इसलिए इन नेताओं की सुरक्षा नहीं हटाई जानी चाहिए थी।

आपको बता दें कि सैफुद्दीन सोज पिछले साल यह भी कह चुके हैं कि कश्मीर के लोग आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं, ये लोग न तो भारत के साथ रहना चाहते हैं और ना ही पाकिस्तान में कश्मीर को शामिल करवाना चाहते हैं।

कांग्रेसी नेता के इस बयान के बाद देशभर में गुस्सा फूट पड़ा है। सोशल मीडिया के माध्यम से लोग कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी से जवाब मांगने लगे हैं।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को हुए फिदायीन हमले मैं 40 सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे। उसके बाद केंद्र सरकार ने हुर्रियत नेताओं को दी गई सुरक्षा की समीक्षा की गई। आज सुबह पांच नेताओं की सुरक्षा और सुविधाएं छीन ली गई है।

उल्लेखनीय है कि इन नेताओं को करीब 10 साल पहले आतंकवादियों के निशाने पर होने की बात कहते हुए कांग्रेस की यूपीए सरकार ने ही सुरक्षा और सुविधाएं मुहैया करवाई थी।

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