कांग्रेस को राजस्थान में 135 सीट पर मिलेगी जीत!

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- Advertisement - dr. rajvendra chaudhary

– टिकट वितरण से पहले ही सट्टा बाजार में कांग्रेस की लहर

जयपुर।

राजस्थान की राजनीति के महासमर में अब बस एक महीने और 6 दिन ही वक्त शेष है।

लेकिन राजस्थान के रण के लिए चुनावी दलों के साथ साथ सट्टा मार्केट ने भी अपनी बिसात बिछा दी है।

जानकारों के मुताबिक विधानसभा चुनाव पर इस बार 3 से लेकर 5000 करोड़ का सट्टा लगने का अनुमान है।

राजस्थान सट्टा बाजार के रुझानों को अगर माने तो इस बार कांग्रेस-भाजपा पर भारी साबित हो रही है।

वैसे चुनाव में हार जीत का परिणाम तो मतगणना के बाद ही पता चलता है, लेकिन उससे पहले भी एक सिस्टम है।

जिसके जरिए अनुमान लगाया जाता है कि कौन सा दल कितनी सीटें हासिल करेगा? किस दल की सरकार बनेगी कौन सा प्रत्याशी किस पर भारी साबित होगा, इसी अनुमान लगाने वाले सिस्टम को सट्टा बाजार कहते हैं।

राजस्थान का सट्टा बाजार अपने सटीक आकलन अनुमानों के लिए देशभर में चर्चाओं में रहता है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एक बार फिर से राजस्थान के सट्टा बाजार सक्रिय हो गया है।

राज्य में पुलिस के इंतजाम और दावों के बावजूद हाईटेक तरीके से सट्टे का खेल चल रहा है। राजस्थान के पांच बड़े सेंटर्स पर सटोरियों ने अपनी पूरी बिसात बिछा दी है।

इनमें प्रमुख तौर पर जयपुर, फलोदी, शेखावाटी, हनुमानगढ़, गंगानगर, बीकानेर और जोधपुर का सट्टा बाजार अपने सटोरियों के साथ राजनीतिक दलों के समांतर चुनावी मैदान में है।

सट्टा बाजार के जानकार मानते हैं, कि इस बार विधानसभा चुनाव में 3000 से लेकर 5000 करोड़ तक का सट्टा लगने का अनुमान है।

इस बार का सट्टा बाजार पूरी तरीके से हाईटेक है। व्हाट्सएप कॉलिंग जैसे सोशल माध्यमों का उपयोग में किया जा रहा है।

हालांकि, अभी राजनीतिक दलों की तरफ से टिकटों का ऐलान नहीं हुआ है, लिहाजा प्रत्याशियों की हार-जीत पर अभी सट्टा नहीं लग रहा अभी केवल भाजपा-कांग्रेस की सीटों को लेकर ही भाव जारी किए गए हैं।

साथ ही इस बात का भी बड़ा सट्टा लग रहा है कि राजस्थान में किसकी सरकार बनेगी। राजस्थान की सट्टा बाजार की मानें तो इस समय कांग्रेस भाजपा पर भारी साबित हो रही है।

जबकि कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी से उसे नुकसान होने की भी पूरी पूरी आशंका है। लेकिन सट्टा बाजार में कांग्रेस और भाजपा के बीच अभी सीटों की जीत का अंतर काफी ज्यादा नजर आ रहा है।

राजस्थान के सट्टा बाजार की सबसे प्रमुख सेंटर कहे जाने वाले फलौदी में भी दोनों ही दलों के भाव जारी कर दिए हैं।

फलौदी के बारे में कहा जाता है कि चुनाव के परिणामों को लेकर इससे बेहतर पूर्वानुमान कोई भी सट्टा बाजार नहीं लगाता है।

फलौदी के सट्टा बाजार के हिसाब से कांग्रेस की 128-130 और भारतीय जनता पार्टी की 50 से 52 सीट आने का अनुमान है।

शेखावाटी सट्टा बाजार में भी कॉन्ग्रेस अब तक भारतीय जनता पार्टी पर बढ़त बनाए हुए है।

शेखावाटी सट्टा बाजार के मुताबिक इस समय के माहौल के हिसाब से विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से 130 से 135 सीटों पर जीत सकती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी को 50 से 52 सीट मिलने का अनुमान है।

श्रीगंगानगर हनुमानगढ़ में भी बड़ी संख्या में सटोरिए सक्रिय तौर पर काम कर रहे हैं। यहां के अनुमान के मुताबिक कांग्रेस 132 से 134 सीटों के साथ सरकार बना रही है।

वहीं, कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी 48 से 50 सीटों पर सिमट जाएगी ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है।

इस बार विधानसभा चुनाव में जयपुर में भी बड़े पैमाने पर सट्टा लग रहे जा रहा है। जयपुर में भी सटोरियों ने अपने अपने ठिकाने तय कर लिए हैं।

जयपुर के सट्टा बाजार की माने तो भारतीय जनता पार्टी 50 से 52 सीटों पर सीमित रह जाएगी, जबकि कांग्रेस को 131 से 133 मिलने का आकलन किया जा रहा है।

हालांकि, अभी सट्टा बाजार कई आकलन टिकट वितरण से पहले का है। टिकटों के वितरण के बाद सट्टा बाजार में कई तरह के उतार-चढ़ाव आएंगे।

प्रत्याशियों के नाम और चेहरों के हिसाब से भी ऊपर नीचे जाएंगे। लिहाजा, अभी पूरी तस्वीर साफ होने में वक्त लगेगा। लेकिन यह बिल्कुल सही है कि सट्टा बाजार के लिहाज से राजस्थान एक ऐसा स्टेट है जो अपने सटीक आकलन अनुमानों के लिए जाना जाता है।

ऐसे में भले ही नेता अभी फौरी तौर पर इन अनुमानों को गंभीरता से नहीं ले रहे हो, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है, कि इन अनुमानों से पार्टी आलाकमान और नेताओं में हलचल जरूर है।