रघुदेव@भोपाल।

इस माह के अंत और अगले माह में देश के 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा में सियासी तलवारें खिंच चुकी हैं।

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही ने अपने तमाम उम्मीदवारों को टिकट दे दिया। इन दोनों राज्यों के अलावा राजस्थान मिजोरम और तेलंगाना में भी कल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। राजस्थान में मतदान 7 दिसंबर को होगा, जबकि पांचों राज्यों का परिणाम 11 दिसंबर को घोषित कर दिया जाएगा।

इस बीच कांग्रेस पार्टी का मध्य प्रदेश में जारी किया गया घोषणा पत्र पूरे देश में विवाद का कारण बन गया है। कांग्रेस पार्टी ने सत्ता में आने पर मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया है।

घोषणा पत्र में कांग्रेस ने वादा किया है कि यदि पार्टी सत्ता में आती है, तो प्रदेश में सभी शासकीय भवनों में लगने वाली शाखाओं को बंद कर दिया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों को शाखा में जाने के लिए मिल रही छूट को भी निरस्त किया जाएगा।

एक तरफ जहां पूरे देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तेजी से विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के द्वारा आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिंदु से घोषणा पत्र ही विवाद का कारण भी बन गया है।

आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने वाले इस बिंदु के बाद मध्य प्रदेश के अलावा पूरे देश में आरएसएस और बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, वहीं महागठबंधन की आस लगाए कांग्रेस के विरोध में कई दल खड़े हो सकते हैं।

मीडिया और सोशल मीडिया में कांग्रेस का घोषणा पत्र वाला यह बिंदु वायरल हो रहा है, तो दूसरी तरफ अभी तक बीजेपी या आरएसएस के किसी बड़े नेता का इस बारे में बयान नहीं आया है।

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