one rupee kg wheat in rajasthan
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जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने बताया कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के आते ही गरीब जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त होना शुरू हो गई है।

गरीबों को एक रूपये किलों गेहूं देने के लिए, राशन कार्ड की Portability बन्द करने के नाम पर राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने गरीबों को परेशान करना शुरू कर दिया है।

सैनी ने बताया कि एक रूपये किलो गेहूं देने की जो योजना राज्य की कांग्रेस सरकार ने शुरू की है, उसके नाम पर कांग्रेस की सरकार ने भ्रष्टाचार शुरू कर दिया है। कांग्रेस सरकार ने राशन कार्ड की पोर्टेबिलिटी बन्द करके गरीबों को परेशान करना शुरू कर दिया है।

राशन कार्ड की पोर्टेबिलिटी बन्द होने की वजह से प्रदेश के 10 लाख से अधिक गरीब परिवारों को यह राशन लेने के लिए 10 से 15 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ेगा।

सरकार ने इन गरीब परिवारों को जिन दुकानों पर गेहूं आवंटित किया है, वह बहुत-सी दुकानें उनके घरों से 10 से 15 किलोमीटर की दूरी पर है। कई मामले ऐसे भी हैं जहां पर शहर का गेहूं गांव की दुकान पर और गांव का गेहूं शहर की दुकान पर आवंटित हो गया है।

सैनी ने बताया कि खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जोधपुर जिले में इस तरह की समस्याओं की खबरें आज अखबारों में छपी है। इनके मुताबिक जोधपुर के नागौरी गेट, महामन्दिर इलाके के रहने वाले लोगों का गेहूं सांगरिया गांव स्थित राशन की दुकान पर आवंटित हुआ है।

पीपाड़ कस्बे में रहने वाले गरीब का गेहूं 60 किलोमीटर दूर जोधपुर में राशन की दुकान पर आवंटित हुआ है। ऐसी ही स्थिति फलौदी में भी हुई है। खुद मुख्यमंत्री के जिले में यहीं स्थिति है, तो प्रदेश के अन्य जिलों में स्थिति कैसी होगी यह जानना कोई बड़ी बात नहीं है।

सैनी ने बताया कि ऐसे में लोगों को किस दुकान पर गेहूं का आवंटन हुआ है यह पता करना मुश्किल हो रहा है। यह पता करने की व्यवस्था या तो online है या उस जिले के खाद्य विभाग के कार्यालय में जाना पड़ेगा।

अधिकतर गरीब आदमी online पता नहीं कर पाता है और उसे जिले के खाद्य अधिकारी के कार्यालय में जाकर पता करने के लिए कष्ट उठाने ही पड़ेंगे। ऐसे में राशन की दुकानों पर जो भ्रष्टाचार कांग्रेस के राज में पहले होता था, वही फिर से शुरू होने जा रहा है।

इन दुकानों पर वापस से लम्बी-लम्बी लाइनें लगेगी और किसकों गेहूं मिलेगा, किसको नहीं मिलेगा इसकी कोई व्यवस्था पारदर्शी रूप से लागू नहीं हो पा रही है।

सैनी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने शासनकाल में राज्य में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी शुरू की थी ताकि गरीब आदमी को उसका राशन जहां हो, वहां मिल सके और पूरा मिल सके।

राशन कार्ड की पोर्टेबिलिटी को खत्म करके कांग्रेस की अशोक गहलोत की सरकार ने गरीबों के साथ मजाक किया है और भ्रष्टाचारियों को पनपाने का काम शुरू किया है।